23.1 C
Bhopal
February 25, 2024
ADITI NEWS
Uncategorized

आज का पंचांग एवं मुहूर्त व राशिफल

।। ? ।।
? भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं ?
?? सुप्रभातम् ??
?««« आज का पंचांग »»»?
कलियुगाब्द…………………..5122
विक्रम संवत्………………….2077
शक संवत्…………………….1942
रवि………………………..दक्षिणायन
मास………………………….कार्तिक
पक्ष…………………………….शुक्ल
तिथी………………………..प्रतिपदा
प्रातः 07.07 पर्यंत पश्चात द्वितीया
सूर्योदय……….प्रातः 06.40.41 पर
सूर्यास्त……….संध्या 05.42.06 पर
सूर्य राशि……………………….तुला
चन्द्र राशि…………………….वृश्चिक
गुरु राशि…………………………धनु
नक्षत्र……………………….अनुराधा
दोप 02.34 पर्यंत पश्चात ज्येष्ठा
योग…………………………अतिगंड
संध्या 07.11 पर्यंत पश्चात सुकर्मा
करण…………………………….बव
प्रातः 07.07 पर्यंत पश्चात बालव
ऋतु…………………………….शरद
दिन…………………………सोमवार
?? आंग्ल मतानुसार :-
16 नवम्बर सन 2020 ईस्वी ।
? तिथी/पर्व/व्रत विशेष :-
भाई दूज : चित्रगुप्त जयंती : यम द्वितीया –
भ्रातृ द्वितीया (भाई दूज) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दू धर्म का पर्व है जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं।
भाई दूज दीपावली के दो दिन बाद आने वाला ऐसा पर्व है, जो भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई की खुशहाली के लिए कामना करती हैं।
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को पूर्व काल में यमुना ने यमराज को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था। उस दिन नारकी जीवों को यातना से छुटकारा मिला और उन्हें तृप्त किया गया। वे पाप-मुक्त होकर सब बंधनों से छुटकारा पा गये और सब के सब यहां अपनी इच्छा के अनुसार संतोष पूर्वक रहे। उन सब ने मिलकर एक महान् उत्सव मनाया जो यमलोक के राज्य को सुख पहुंचाने वाला था। इसीलिए यह तिथि तीनों लोकों में यम द्वितीया के नाम से विख्यात हुई। जिस तिथि को यमुना ने यम को अपने घर भोजन कराया था, उस तिथि के दिन जो मनुष्य अपनी बहन के हाथ का उत्तम भोजन करता है उसे उत्तम भोजन समेत धन की प्राप्ति भी होती रहती है।
कायस्थ समाज में इसी दिन अपने आराध्य देव चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। कायस्थ लोग स्वर्ग में धर्मराज का लेखा-जोखा रखने वाले चित्रगुप्त का पूजन सामूहिक रूप से तस्वीरों अथवा मूर्तियों के माध्यम से करते हैं। वे इस दिन कारोबारी बहीखातों की पूजा भी करते हैं।
अभिजीत मुहूर्त :-
प्रातः 11.47 से 12.33 तक ।
?‍? राहुकाल :-
प्रात: 08.06 से 09.27 तक ।
? उदय लग्न मुहूर्त :-
तुला
04:28:02 06:45:58
वृश्चिक
06:45:58 09:06:48
धनु
09:06:48 11:11:13
मकर
11:11:13 12:53:49
कुम्भ
12:53:49 14:21:32
मीन
14:21:32 15:46:42
मेष
15:46:42 17:22:11
वृषभ
17:22:11 19:18:01
मिथुन
19:18:01 21:32:59
कर्क
21:32:59 23:53:42
सिंह
23:53:42 26:11:22
कन्या
26:11:22 28:28:02
? दिशाशूल :-
पूर्व दिशा- यदि आवश्यक हो तो दर्पण देखकर यात्रा प्रारंभ करें ।
☸ शुभ अंक………………..7
? शुभ रंग………………सफ़ेद
चौघडिया :-
प्रात: 06.43 से 08.05 तक अमृत
प्रात: 09.27 से 10.48 तक शुभ
दोप. 01.32 से 02.54 तक चंचल
अप. 02.54 से 04.15 तक लाभ
सायं 04.15 से 05.37 तक अमृत
सायं 05.37 से 07.16 तक चंचल ।
? आज का मंत्र :-
॥ ॐ दिव्यतेजाय नम: ॥
? संस्कृत सुभाषितानि :-
कृष्णो योगी शुकस्त्यागी राजानौ जनकराघवौ ।
वसिष्ठः कर्मकर्ता च पञ्चैते ज्ञानिनः स्मृताः ॥
अर्थात :- योगी श्री कृष्ण, त्यागी शुकदेवजी, राजाओं में जनक और श्री राम, और कर्मरत वसिष्ठ – ये पाँच ज्ञानी माने गये हैं ।
? आरोग्यं :-
लिवर का रामबाण इलाज –
1. हल्दी –
हल्दी को सबसे ताकतवर मसालों के रूप में जाना जाता है। हल्दी हर भारतीय परिवारों की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सक्षम है अब चाहे वह लिवर की ही समस्या क्यों न हो। आपके लिवर के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए हल्दी अत्यंत उपयोगी हो सकता है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण हैं और यह एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी कार्य करता है। हल्दी हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के कारण उत्पन वायरस को रोक सकता है। आप हल्दी को खाना पकाने के दौरान शामिल कर सकते हैं, इसे दूध अथवा गुनगुने पानी के साथ मिकालर पी सकते हैं।
2. सेब का सिरका –
वजन घटाने, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, ब्लड शुगर को स्थिर करने, त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ाने देने और एसिडिटी के लक्षणों से राहत में सेब का सिरका बहुत ही काम आता है। ऐप्पल साइडर सिरका जिसे हम सेब का सिरका भी कहते हैं। लिवर की विषाक्तता को दूर करने में मदद करता है। ऐसे बहुत से तरीके हैं जिसकी सहायता से आप सेब के सिरके का सेवन कर सकते हैं। आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और शहद को मिलाकर पीजिए। इसे आप दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं। यह लिवर को साफ करने में मदद कर सकता है।
आज का राशिफल :-
? राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। प्रमाद न करें। मेहनत का फल मिलेगा। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। विवाद से बचें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा।
? राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दुष्टजनों से सावधान रहें। नजदीकी वातावरण सुखद रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें।
?? राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता में वृद्धि होगी। पुराना रोग उभर सकता है।
? राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
पुराना रोग परेशानी तथा बाधा का कारण बन सकता है। लापरवाही न करें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। फालतू खर्च होगा। आर्थिक परेशानी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में समस्याएं रहेंगी। यात्रा यथासंभव टालें। जोखिम नहीं लें। आय बनी रहेगी।
? राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
समय की अनुकूलता का लाभ लें। घर-परिवार की चिंता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी।
??‍♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। कार्यस्थल पर सुधार या परिवर्तन संभव है। लंबित कार्य पूर्ण होने के योग हैं। निवेश शुभ फल देगा। शत्रुओं से सावधान रहें।
राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आलस्य न करें। राजकीय सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। व्यापार-व्यवसाय से लाभ होगा। नौकरी में चैन रहेगा। किसी धार्मिक यात्रा का आयोजन हो सकता है। अध्यात्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता तथा उत्साह में वृद्धि होगी। सहकर्मी साथ देंगे।
? राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि संभव है। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। विवेक से कार्य करें। लाभ होगा।
? राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
कानूनी बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नए काम मिल सकते हैं। घर-बाहर प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में उपहार आदि देना पड़ सकते हैं। जल्दबाजी न करें। नौकरी में अधीनस्थ कर्मचारी सहयोग करेंगे।
? राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। कोई बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। धनलाभ सहज होगा। प्रमाद न कर भरपूर प्रयास करें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। चिंता बनी रहेगी।
? राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
मित्रों तथा परिवार के सदस्यों के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। शोध इत्यादि कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। संगीत इत्यादि रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। जोखिम न उठाएं। वाणी में संयम आवश्यक है।
? राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय होगी। धैर्य रखें। नौकरी में तनाव रहेगा। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी नजदीकी व्यक्ति से संबंध बिगड़ सकते हैं। पुराना रोग उभर सकता है। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें।
आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
।। ? शुभम भवतु ? ।।
?? जय हिंद,जय भारत ?? ?अदिति न्यूज ?

Related posts