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February 26, 2024
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मंदसौर,मीडिएशन जागरूकता कार्यक्रम एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में बैठक सम्पन्न

मंदसौर। जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर द्वारा  ए.डी.आर. भवन, मंदसौर में पैनल अधिवक्तागण, प्रशिक्षित मध्यस्थ, पैरालीगल वालेन्टियर्स एवं पक्षकारागण को सम्मिलित करते हुए मीडिएशन जागरूकता कार्यक्रम एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में  जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा बताया कि मीडिएशन एवं लोक अदालत दोनों का ही उद्देश्य एक है, प्रथम-न्यायालयों में निरंतर बढ़ते हुए प्रकरणों के भार को कम करना एवं द्वितीय-राजीनामे के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करवाकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचाना। साथ ही बताया कि मीडियेशन प्रक्रिया का पारिवारिक विवाद, सिविल विवाद इत्यादि के निराकरण में बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। उपरोक्त प्रक्रिया के माध्यम से प्रकरणों के समाधान में उभय पक्षों की सहमति को महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश द्वारा 10 अप्रैल 2021 शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाए दी।
   अध्यक्ष अभिभाषक संघ श्री रघुवीरसिंह पंवार द्वारा मीडिएशन का महत्व बताते हुए  10 अप्रैल 2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे के माध्यम से कराये जाने के संबंध में पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने हेतु आश्वासन प्रदान किया।
   अपर जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री रईस खान द्वारा अपने स्वागत उद्बोधन में वर्णित किया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रकरण के निराकरण होेने पर दोनों पक्षकारों के मध्य भविष्य में कोई विवाद शेष नही रह जाता है। साथ ही  10 अप्रैल 2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में राजीनामे के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों को निराकरण किये जाने हेतु न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण से अपील भी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री समीर कुमार मिश्र द्वारा मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए बताया कि प्रत्येक माह आयोजित किये जाने वाले मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को संवेदनशील बनाना है। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विमल तरवेचा द्वारा मीडिएशन विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सुगम, मितव्ययी एवं शीघ्र न्याय प्रदान करने वाली है, इसलिए इस प्रक्रिया के संबंध में पक्षकारों को आवश्यक रूप से अवगत कराया जाना चाहिए।
   सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश श्री रघुवीरसिंह चुण्डावत द्वारा व्यक्त किया कि वर्तमान में परिवार न्यायालय में प्रकरणों की संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही है जिनके निराकरण हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाकर लाभ लिया जा सकता है। उपरोक्त कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण, अभिभाषकगण, पैरालीगल वालेंटियर्स, प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री योगेश बंसल द्वारा किया गया।

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