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December 5, 2021
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गाडरवारा की शान,प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा का गृहनगर में भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन

गाडरवारा- महापुरुषों की नगरी पावन धरती गाडरवारा पर जन्मे प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा का आज ग्रहनगर गाडरवारा के सुखदेव भवन में शाम 6 बजे भव्य अभिनंदन का आयोजन किया जा रहा है ।

अभिनेता आशुतोष राणा का जन्म 10 नवंबर, 1964 को मध्य प्रदेश के गाडरवाड़ा में हुआ।  उनका बचपन गाडरवाड़ा में ही बीता और उनकी शुरुआती शिक्षा भी वहीं पर हुई. वह बचपन में शहर की रामलीला में रावण की भूमिका निभाते थे। अभिनय की ओर झुकाव होने की वजह से आध्यात्मिक गुरु पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री की सलाह पर अशुतोष नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा दिल्ली आ गाए और अभिनय का अध्ययन किया ।

‘जय दादा’ के नाम पहचाने जाने वाले आशुतोष राणा ने अभिनेत्री रेणुका शहाणे से शादी की है. वे दो बेटों के पिता हैं जिनके नाम सूर्यमन और सत्येन्द्र राणा हैं । राणा ने थिएटर गुरु सत्यदेव दुबे के साथ पृथ्वी थिएटर में कई नाटकों में प्रदर्शन किया है। विलक्षण प्रतिभा के धनी है उनमें प्रख्यात साहित्यकार, लेखक, कवि, दार्शनिकता, आध्यात्मिकता, के साथ अभिनय क्षमता रग रग में भरी है।

आशुतोष राणा ने अपने अभिनय कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1995 में टेली सीरियल ‘स्वाभिमान’ से की थी लेकिन उनको असली पहचान 1998 में आई फिल्म ‘दुश्मन’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने ‘साइको किलर’ की भूमिका निभाई थी. इसके अलावा ‘लज्जा शंकर’ की भूमिका में आशुतोष राणा ने फिल्म ‘संघर्ष’ में बेहतरीन अभिनय किया था। लज्जा शंकर इस फिल्म में बच्चों की बलि देता है।फिल्म ‘संघर्ष’ में आशुतोष राणा के अभिनय को देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए थे. ‘संघर्ष’ और ‘दुश्मन’ के लिए आशुतोष राणा को फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला । इसके बाद तो आशुतोष ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिल्म संघर्ष में लज्जा शंकर पांडे का किरदार निभाकर वो हिंदी सिनेमा के ऐसे विलेन बने जिसे आज भी देखकर लोगों की रूह कांप जाती है। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। इतना ही नहीं उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया है।आशुतोष के सीरियल स्वाभिमान को महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था। इस सीरियल में रोल के लिए वह महेश भट्ट के ऑफिस के चक्कर लगाते थे। महेश भट्ट से पहली मुलाकात में उन्होंने उनके पैर छू लिए थे। उनको ये बात पसंद नहीं आई और सिक्युरिटी गार्ड्स बुलाकर उन्हें सेट से बाहर करवा दिया।महेश भट्ट को पैर छूने वाले लोगों से नफरत थी। भट्ट ने एक दिन पूछ लिया कि ऐसा वह क्यों करते हैं। उन्होंने जवाब दिया कि ये उनके संस्कार है और वह इन्हें छोड़ नहीं सकते हैं। आशुतोष की ये बात सुन महेश भट्ट ने उन्हें अपने सीरियल में विलेन का रोल दे दिया।जब आशुतोष हैदराबाद में अक्षय कुमार के साथ फिल्म जानवर की शूटिंग कर रहे थे। एक दिन उन्हें महेश भट्ट ने फोन कर कहा- मैं एक फिल्म बना रहा हूं संघर्ष। उसमें एक किरदार है विलेन का। उससे बड़ा आज तक विलेन नहीं हुआ। लेकिन ये रोल मैं तुम्हें नहीं दूंगा। मैं किसी दूसरे एक्टर को दूंगा।महेश भट्ट की बात सुनकर आशुतोष ने सुबह पहली फ्लाइट पकड़ी और चेम्बूर पहुंच गए, जहां महेश भट्ट एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। राणा ने महेश भट्ट से कहा कि या तो आप मुझसे ये कहिए कि मैं बुरा एक्टर हूं या फिर आप जिस भी एक्टर को ये रोल देना चाहते हैं उसका और मेरा ऑडिशन ले लीजिए। अगर मैं ऑडिशन में फेल हो जाता हूं तब आप मुझसे कहिए कि मैं तुम्हें इस रोल के लिए खारिज करता हूं। राणा की ये बात सुनकर महेश भट्ट हंसने लगे।महेश भट्ट ने तब आशुतोष राणा से कहा कि दरअसल मैं तुमसे बहुत दिनों से मिला नहीं था और मुझे मिलने की इच्छा हो रही थी इसलिए मैंने तुमसे फोन पर वो बात कही। भट्ट के दिमाग में पहले से इस रोल के राणा फिट हो चुके थे। वो जानते थे कि उनसे बेहतर इस किरदार को कोई और नहीं निभा सकता। वर्कफ्रंट की बात करें तो आशुतोष ने फिल्म संशोधन से अपने करियर की शुरुआत की थी । दुश्मन, जख्म, संघर्ष, कुसूर, गुनाह, कर्ज, एलओसी कारगिल, हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया, डर्टी पॉलिटिक्स, ब्रदर्स और मुल्क जैसी फिल्मों में नजर आए। उनकी अपकमिंग फिल्म शमशेरा, हंगामा 2, पगलैट और पृथ्वीराज है।

राणा का अभी हाल ही में पगलेट एवं छत्रपाल में उत्कृष्ट अभिनय के लिए देश के प्रतिष्ठित फिल्म फेयर अवार्ड के लिए नामांकन हुआ है । साथ ही मौन मुस्कान की मार एवं रामराज्य देश की बेस्ट सेलिंग बुक में शामिल हो चुकी है। आशुतोष राणा हिंदी फिल्मों के अलावा तमिल,तेलुगु,मराठी और कन्नड़ फिल्मों में सक्रिय हैं। 

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