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May 13, 2021
ADITI NEWS
सामाजिक

कृषि कानूनों के विरोध में किसान राशन पानी लेकर दिल्ली कूच, किसानों पर पानी की बौछार व आंसू गैस के गोले दागे,

कड़ाके की सर्दी के बावजूद पंजाब और हरियाणा के किसान ट्रैक्टर, ट्रॉला अन्य वाहनों पर सवार हो कर दिल्ली चलो नारे के साथ दिल्ली पहुंचने की कोशिश में हैं. कृषि कानूनों को वापस लिए जाने को लेकर दबाव बनाने के लिए अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न धड़ों ने एक संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया है. किसान अपने साथ राशन और पानी लेकर चल रहे हैं और उनका कहना है कि पुलिस उन्हें जहां रोकेगी वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे.। किसानों के ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च को लेकर स्थिति गंभीर हो रही है। फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा और गाजियाबाद से लगी सीमाओं पर भारी फोर्स तैनात है। सिंघू सीमा पर दिल्ली पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने के लिए रेत से भरे ट्रकों को तैनात किया है। पुलिस के मुताबिक, कोई बॉर्डर सील नहीं है लेकिन राजधानी में घुसने वाली हर गाड़ी की चेकिंग हो रही है। इसकी वजह से बॉर्डर के पास भारी जाम लग गया है। मार्च की वजह से लोगों को काफी दिक्‍कत होने वाली है। एक तो ट्रैफिक रेंग रहा है, ऊपर से मेट्रो सेवाओं को लेकर भी स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं है। दिल्‍ली पुलिस ने किसानों को मार्च की इजाजत नहीं दी है। पंजाब-हरियाणा सीमा के पास स्थित कई इलाकों के निवासियों को पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और बस सेवाओं के ठप होने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सड़कों और अन्य खुले स्थानों पर भीड़ जमा कर ली है। हरियाणा में प्रवेश करने वाली कई लिंक सड़कों को भी बंद कर दिया गया है। शाम में प्रदर्शन के चलते बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। दिल्‍ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में नजर बना रखी है। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ईश सिंघल ने कहा था अगर हमारी अपील के बावजूद वे (किसान) दिल्ली की ओर रुख करते हैं तो उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्‍ली आ रहे ज्‍यादातर किसान अभी करनाल में रोके गए हैं। वहां पर हाइवे जाम है और उनपर किसानों का कब्‍जा है। किसान राशन-पानी साथ लेकर आए हैं। अंबाला के पास शंभू में पंजाब-हरियाणा सीमा से आगे पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन पर आंसू गैस के गोले दागने के साथ, पानी की बौछारें की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसानों ने बैरिकेड को तोड़ते हुए उन्हें पुल से नीचे फेंक दिया। अखिल भारतीय किसान सभा के अनुसार, मौके पर 50,000 से अधिक किसान मौजूद हैं।

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