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July 29, 2021
ADITI NEWS
सामाजिक

Sagar केसली के ग्राम पठा कला में ग्रामीण बालिकाओं एवं महिलाओं को गुड टच बैड टच के बारे में कार्यशाला आयोजित कर दी जानकारी

ग्रामीण बालिकाओं एवं महिलाओं को गुड टच बैड टच के बारे में कार्यशाला आयोजित की और साथ साथ अपने दायित्वों के साथ अपने कार्य क्षेत्र ग्राम पठा कला ब्लॉक केसली जिला सागर में उपस्थित ग्रामीण बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बारे में बताया साथ ही उपस्थित उनकी माताओं को अपने बच्चों पर नजर रखने के साथ साथ उनकी बातें समझने और सुनने के बारे में समझाइश दी गई।
साथ ही उपस्थित ग्रामीणों और बच्चों एवं महिलाओं के साथ नव वर्ष मनाया,साथ ही नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत होम विजिट किया गया बच्चों की जांच की गई ।
(Good touch) क्या है ?
(Bad touch) क्या है?
अपराधी कौन है?
आखिर ये क्यों हो रहा है?
हमें अपने घर का माहौल कैसा बना कर रखना चाहिए?
कैसे पहचाने कि बच्चे के साथ यह समस्या हो रही है?
इस तरह की समस्या होने पर माता-पिता को किस तरह का व्यवहार करना चाहिए और पैरेंट्स की क्या जिम्मेदारियां होती हैं। इस तरह के कई सवाल आपके मन में भी आते होंगे। ?
आपके इन सवालों को बखूबी समझ सकती हूं।

साथ अपने कुछ अनुभवों को शेयर करना चाहती हूं।

मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं के बारे में जब पता चलता है तो बहुत ही बुरा लगता है। ऐसा लगता है कि जैसे मानवता बिल्कुल छिन्न-भिन्न हो गई हो। ज्यादातर स्थितियों में कोई ना कोई आसपास रहने वाला, नजदीकी व्यक्ति ही इसमें सम्मिलित होता है। अक्सर देखा गया है कि बाल अपराधी , बच्चों को प्यार से बुलाते हैं और उनके समझने से पहले ही उनका शोषण हो चुका होता है । वह व्यक्ति उनसे बहुत प्यार से पेश आ रहा होता है जिस वजह से बच्चा कुछ कर भी नहीं पाता । कई बार तो उन्हें चॉकलेट या कुछ खाने की चीजों का लालच भी दिया जाता है।

गुड टच (अच्छा स्पर्श) क्या है?

अगर कोई आपको टच करता है और आपको अच्छा लगता है, आपको प्रेम, अनुराग और स्नेह की अनुभूति होती है तो वह गुड टच है। जैसे आपकी माताजी, पिताजी, भाई-बहन, दादी के छूने पर आपको फील होता है।

बैड टच (बुरा स्पर्श) क्या है?

जब कोई व्यक्ति जो आपको कुछ इस प्रकार से छुए कि आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस हो, कुछ अच्छा नहीं लगे, उस तरह के छूने को हम बैड टच कहते हैं। वह आपके प्राइवेट पार्ट को छूने का प्रयास भी कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति इस तरह से छुए और आपको लगे कि ऊपर से यह भी कह सकता है कि किसी को बताना नहीं तो यह एक की बैड टच की निशानी है। कुछ मामलों में देखा गया है कि कोई पड़ोसी या फिर कोई आसपास रहने वाला व्यक्ति या रिश्तेदार, जिनका घर में आना जाना हो, वे भी इसमें सम्मिलित होते है। कई बार तो हद हो जाती है जब बुजुर्गों का भी नाम इसमें निकल कर आता है। यह वह घटना है, जिसे उस उम्र में, जब उनके साथ यह सब हो रहा होता है, बच्चे बच्चियां कुछ समझ ही नहीं पाते क्योंकि वे तो अभी नादान मासूम होते हैं। इसलिए पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि जब बच्चा स्कूल जाने लायक हो या वह मोहल्ले में खेलने, उठने-बैठने लायक हो जाए तो उसे दिनभर की रूटीन के बारे में जरूर जानकारी लें और उसे आसान भाषा में समझाने की कोशिश करें कि उनके साथ क्या हो रहा है।
सहरानीय सहयोग रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शिवानी राहुल चौरसिया ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम हर जिले में हर ब्लाक में होना चाहिए ताकि बच्चों को गुड टच बैड टच के बारे में पता चले
और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शिवानी राहुल चौरसिया ने कहा कि हर स्कूल एवं हर जगह प्रोग्राम होने चाहिए ताकि बच्चों को गुड टच बैड टच के बारे में जानकारी रहे और उनके परिवार को भी गुड टच बैड टच के बारे में जानकारी रहे और धीरे-धीरे ग्रामीण महिलाओं बालिकाओं बच्चों का सबका ऐसे ही सहयोग रहा तो आगे और भी प्रोग्राम करते रहेंगे और भी स्वास्थ्य से संबंधित सलाह देते रहेंगे एवं सब सेंटर ग्राम पठा कला ब्लॉक केसली को मध्य प्रदेश का आदर्श आरोग्यं सब सेंटर बनाने की कोशिश करेंगे प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री कलेक्टर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की योजनाओं को जागृत कराएंगे एवं लाभ मिले ऐसी कार्यशाला आयोजित कराएंगे

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