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June 14, 2021
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Jabalpur समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन में सहकारी समितियों पर निर्भरता कम करने स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों व गोदाम संचालकों को मिलेगी जिम्मेदारी
कलेक्टर श्री शर्मा ने उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

जबलपुर। किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ के उपार्जन में सहकारी समितियों पर निर्भरता कम करने के लिये जिले में इस बार महिला स्व सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों तथा गोदाम संचालकों को ज्यादा से ज्यादा खरीदी केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी दी जायेगी। यह निर्णय कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में आज शाम सम्पन्न हुई उपार्जन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
    कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में कहा कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल से उपार्जन व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिये अभी से समुचित इंतजाम करने होंगे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा खरीदी केंद्र गोदाम स्तर पर ही स्थापित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि ऐसे केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी गोदाम संचालकों को दी जा सके और उन्हें खरीदी केंद्र का प्रभारी बनाया जा सके। श्री शर्मा ने गोदाम संचालकों की बैठक भी बुलाने की बात कही ताकि वे इसके लिये जरूरी तैयारी कर सकें।
    श्री शर्मा ने पिछले वर्ष के अच्छे अनुभव को देखते हुये इस बार उपार्जन व्यवस्था से और अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़े जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा। साथ ही इससे स्व-सहायता समूहों की आय भी बढ़ेगी। कलेक्टर ने किसान उत्पादक संगठनों से खरीदी केंद्रों के संचालन के प्राप्त प्रस्तावों पर भी जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश बैठक में दिये।
    कलेक्टर ने बैठक में गेहूँ उपार्जन के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें समय रहते सुनिश्चित करने की हिदायत अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों में निर्धारण में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाये। श्री शर्मा ने खरीदी के अनुमान के मुताबिक बारदानों की उपलब्धता, भंडारण एवं परिवहन के लिये की जा रही तैयारियों का ब्यौरा भी बैठक में लिया।
बकाया भुगतान संबंधी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर करें निराकरण :-
    कलेक्टर ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को गेहूँ और धान का पूर्व वर्ष की बकाया राशि के भुगतान सबंधी किसानों की शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने की हिदायत दी। उन्होंने खरीदी केंद्र संचालित करने वाली सभी सहकारी समितियों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा सम्बंधित एसडीएम को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। ताकि यदि किसी समिति की गड़बड़ियों की वजह से किसानों का भुगतान अटका है तो जरूरत पड़ने पर उस समिति की सम्पत्ति कुर्क की जा सके और नीलाम कर किसानों को उनकी बकाया राशि का भुगतान किया जा सके।
कियोस्क सेंटर से किसानों के पंजीयन की व्यवस्था का हो प्रचार-प्रसार:-
    कलेक्टर श्री शर्मा ने गेहूँ के उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन कियोस्क सेंटर पर ही उपलब्ध होने की सुविधा को प्रचारित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान कियोस्क सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन करा सके। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुये ग्राम रोजगार सहायकों के माध्यम से भी किसानों के पंजीयन की व्यवस्था शीघ्र प्रारम्भ की जाये। श्री शर्मा ने मोबाइल एप पर पंजीयन की सुविधा का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं। ताकि पंजीयन केंद्र संचालित करने वाली सहकारी समितियों पर निर्भरता खत्म हो और उनकी मनमानी पर रोक लगाई जा सके।
उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करें :-
    कलेक्टर ने बैठक में उचित मूल्य दुकान संचालकों की हड़ताल के मद्देनजर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न के वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों की मनमानी के कारण गरीबों को उनके हक से वंचित नहीं होने दिया जायेगा। श्री शर्मा ने कहा कि हमें ऐसी व्यवस्था भी तैयार करनी होगी जिसको हम आगे भी जारी रख सकें।
    कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई इस बैठक में अपर कलेक्टर राजेश बाथम, प्रभारी अधिकारी खाद्य शाखा श्रीमती कलावती ब्यारे, प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक, जिला विपणन अधिकारी, सहायक पंजीयक सहकारी समितियां तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, नागरिक आपूर्ति निगम एवं भंडार गृह निगम के अधिकारी मौजूद थे।

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