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October 16, 2021
ADITI NEWS
धर्म

दमोह(हटा) मुस्‍कराहट वह लिबास है जो सदैव फैशन में चलता है, आर्यिका श्री, गुणमति माता जी
श्री जी का विमान निकला, जैन वेदी पर हुई धर्मसभा

दमोह(हटा),सुख और दुख दोनों भाई है जो सदैव आते जाते रहते है, जिन्‍दगी में सुख के दिन आराम से कट जाते है लेकिन जब गम ठहरने लगता है तो मानव विचलित, तनावग्रस्‍त हो जाता है, तरक्‍की में रूकावट पैदा कर देता है, गम दुख के समय मानव को अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए, अपने दुखडा कभी किसी को नहीं बताना चहिए क्‍योकि लोग तो उसका मजाक उडाते है, दुख रूपी जख्‍म में नमक छिडकते है, दुखडा व्‍यक्‍त करना है तो ऐसे व्‍यक्ति के सामने व्‍यक्‍त करना जो भगवान का फरिश्‍ता बनकर आपकी मदद करे,
सदैव गम सहकर मुस्‍कराना सीखो, क्‍योकि मुस्‍कराहट वह लिबास है जो सदैव फैशन में रहता है, यह बात आज बडा बाजार में जैन वेदी पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका रत्‍न श्री गुणमति माता जी ने पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर कही, आर्यिका श्री ने युवाओ सहित सभी से आव्‍हान किया कि जिन्‍दगी में कितना भी बडा कष्‍ट आये, दुख तुम्‍हे विचलित कर दे लेकिन आत्‍महत्‍या जैसे कदम मत उठाना, संतो के पास चले जाना उनके साथ रहना, जिन्‍दगी की जंग हार मानकर लडकर जीती जाती है,
दशलक्षण धर्म पर्व के समापन पर श्री जी की शोभायात्रा विमान में निकाली गई, जो श्री पार्श्‍वनाथ दिगम्‍बर जैन बडा मंदिर से प्रारंभ होकर बजरिया होते हुए बाजार जैन वेदी के पास पहुंची जहां परम्‍परानुसार ध्‍वजारो‍हण किया, श्रीजी का अभिषेक हुआ, शांतिधारा हुई, बालिका शिविर के समापन अवसर पर मनीष, आशीष रिंकू के द्वारा बालिकाओं को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट किये गये, जिनने तत्‍वार्थ सूत्र का वाचन किया उन बालको का शिखरचंद आशीष जैन ने सम्‍मानित किया,

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