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June 23, 2024
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नरसिंहपुर,कक्षा पांचवीं व आठवीं का पुनर्मूल्यांकन कार्य संपन्न 1018 आवेदन का पुनर्मूल्यांकन कर ऑनलाइन प्रविष्टि का कार्य पूर्ण,ज़िले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से पशुधन बचाव के संबंध में तैयारी

कक्षा पांचवीं व आठवीं का पुनर्मूल्यांकन कार्य संपन्न

1018 आवेदन का पुनर्मूल्यांकन कर ऑनलाइन प्रविष्टि का कार्य पूर्ण

नरसिंहपुर।शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरसिंहपुर में जिला परियोजना समन्वयक डॉ. आरपी चतुर्वेदी व डाइट प्राचार्य श्री एमआर खान के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के विद्यार्थियों से प्राप्त आवेदन के आधार पर पुनर्मूल्यांकन का कार्य शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस दौरान 1018 आवेदनों का पुनर्मूल्यांकन कर ऑनलाइन प्रविष्टि का कार्य किया गया।

उल्लेखनीय है कि राज्य शिक्षा केन्द्र मप्र भोपाल के निर्देशानुसार जिला स्तर पर पांचवीं व आठवीं के विद्यार्थियों से प्राप्त आवेदन के आधार पर पुनर्मूल्यांकन का कार्य किया जा रहा था।

जिला मूल्यांकन नोडल अधिकारी यजुवेंद्र सिलावट ने बताया कि जिले में पांचवी एवं आठवीं के पुनर्मूल्यांकन के लिए कुल 1018 आवेदन प्राप्त हुये। पुनर्मूल्यांकन के लिए कक्षा पांचवीं व आठवीं के विषयवार शिक्षकों, हेड वेल्युवर के माध्यम से पुनर्मूल्यांकन कर ऑनलाइन एंट्री कार्य पूर्ण किया गया। पुनर्मूल्यांकन में बीआरसी ओपी राय, सहायक नोडल एचपी कोरी, स्ट्रांग रूम प्रभारी आरपी शर्मा, राजकुमार कुशवाहा, हेड वेल्यूवर देवेंद्र पटेल, प्रतीक लोधी दीपक श्रीवास्तव, राजा नामदेव, अनिल लोधी, मुकेश दीक्षित सहित मूल्यांकन कार्य में लगे कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।

ज़िले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से पशुधन बचाव के संबंध में तैयारी

नरसिंहपुर। संचालनालय पशुपालन विभाग द्वारा इस वर्ष भी वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व गत वर्षों के अनुभव के आधार पर पूर्व से ही परिस्थितियों का आंकलन कर अतिवृष्टि व बाढ़ जैसी नैसर्गिक विपत्तियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिये गये हैं।

इस संबंध में उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग नरसिंहपुर ने प्रभारी कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, पशु चिकित्सालय, मोबाइल यूनिट, केन्द्रीय वीर्य संग्रहालय एवं पशु चिकित्सा विकास अधिकारियों को जिले में संभावित बाढ़ से पशुधन के बचाव एवं उनके स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक व्यवस्था रखने के लिए कहा है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्र एवं उनके ग्रामों की पशु संख्या संपर्क सूत्र की पूर्ण जानकारी भेजने के लिए कहा गया है, जिससे उक्त क्षेत्र की भौगोलिक स्थि‍ति की पूर्ण जानकारी रखें। बाढ़ के समय ग्रामों में पहुंचना आसान हो सके।

संभावित क्षेत्रों के ग्रामों के पशुओं में संक्रामक रोग जैसे बीक्यू, एचएस, एन्थ्रेक्स, एफएमडी आदि के प्रतिबंधात्मक टीके वर्षा पूर्व पूर्ण कर लिये जावे। जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर पशु उक्त रोगों से ग्रसित न हो तथा पशुओं में इन्फेक्शन न हो सके। वर्षा होने के कारण पशु चरने नही जा पाते तथा सामान्यत: पशुओं में निमोनिया, डायरिया, खासी तथा घाव की बीमारी होती है। अत: संक्रामक रोगों एवं सामान्य रोगों के उपचार हेतु पर्याप्त औषधि का संधारण एवं टीकाद्रव्य का भंडारण संबंधित संस्था में सुनिश्चित रखे। औषधियों को छोटी- छोटी पॉलीथिन में भरकर सभी संभावित क्षेत्रों की संस्थाओं में सुरक्षित रखे जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पशुपालकों को वितरित की जा सके। वन विभाग से संपर्क रखे तथा पशुओं को चरने की अनुमति एवं बाढ़ के समय पशुओं हेतु चारा, घास के भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुये घास का भण्डारण जंगल में कन्हीं ऊँचे सुरक्षित स्थान पर करायें। समस्त प्रकार के टीकाद्रव आवश्यकतानुसार मोबाइल यूनिट नरसिंहपुर से तत्काल विशेष वाहक द्वारा प्राप्त कर संलग्न ग्रामों में संबंधितों द्वारा टीकाकरण कार्य पूर्ण करावे व टीकाद्रव का अतिरिक्त भण्डारण सुनिश्चित करें। आप अपने क्षेत्र के मैदानी स्तर के कर्मचारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देश के बारे में विस्तृत जानकारी देवें एवं चर्चा करें तथा क्षेत्र के राजस्वाधिकारी वन कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर संपर्क में रहे। बाढ़ की विभागीय कार्ययोजना का व्यापक प्रचार- प्रसार करें। पशुपालकों को सलाह दी जावे कि बाढ़ की आशंका होने पर पशुओं को बांधकर न रखे। बाढ़ के समय पशुहानि को बचाने के लिये उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिविर आयोजित कर रखा जावे। तथा पशु आहार, चारा, औषधि, अस्थाई शेड आदि की समुचित व्यवस्था की जावे। बाढ़ की स्थिति में मृत पशु पक्षियों की जानकारी राजस्व विभाग से सामंजस्य कर भेजे एवं मृत पशुओं के शरीर का डिस्पोजल स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायत/ नगरपालिका/ नगर निगम) द्वारा सम्पादित किया जाना सुनिश्चित करें। नमक, चूना की व्यवस्था स्थानीय निकायों से करावे एवं डिसइन्फेक्टेट का समुचित मात्रा में भण्डारण सुनिश्चित करें। बाढ़, अतिवृष्टि से मृत पशुओं के शव का निपटारा पशुओं में संक्रामक और संसर्गजन्य रोगों से बचाव और नियंत्रण टीकाकरण प्रमाण पत्र का प्रपत्र, पोस्ट मार्टम परीक्षण और पशुशव निपटाने की प्रक्रिया नियम 2010 के अनुसार कराया जाना सुनिश्चित करें। आपदा (बाढ़) प्रभावित मृत पशुओं का शव परीक्षण पशु चिकित्सक के द्वारा तथा मृत्यु का प्रमाणीकरण पशु चिकित्सक एवं राजस्व अधिकारी द्वारा किया जावेगा।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित

संचालनालय स्तर पर संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा व पशुपालन की निगरानी में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संयुक्त संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. जीके वर्मा मोबाइल नम्बर 8319016712, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. एके सिंह का दूरभाष नम्बर 0755- 2770236 एवं मोबाइल नम्बर 7773072101 व 9425993080 और अतिरिक्त उप संचालक पशु पालन एवं डेयरी डॉ. वाणी पांडे का मोबाइल नम्बर 9425624231 है।

 

बाढ़ से निपटने के लिए जिला स्तर व विकासखंड स्तर पर कार्य योजना दल गठित किये गये हैं। जिला स्तरीय दल प्रभारी प्रभारी मोबाइल यूनिट नरसिंहपुर डॉ. आरके बमनेले मोबाइल नम्बर 9685407172, विकासखंड नरसिंहपुर पशु चिकित्सा अधिकारी नरसिंहपुर डॉ. संजय मांझी का मोबाइल नम्बर 9713365532, विकासखंड गोटेगांव प्रभारी पशु चिकित्सा विकासखंड अधिकारी गोटेगांव डॉ. अखिल गजभिये मोबाइल नम्बर 9977324055, विकासखंड करेली प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी करेली डॉ. श्रेया दुबे मोबाइल नम्बर 774892719, विकासखंड सांईखेड़ा प्रभारी पशु चिकित्सा सालीचौका डॉ. दीपेन्द्र पटेल मोबाइल नम्बर 7415529215, विकासखंड चीचली प्रभारी पशु चिकित्सा चीचली डॉ. एमपी सिंह क्षत्रीय मोबाइल नम्बर 7404642458 और विकासखंड चांवरपाठा प्रभारी पशु चिकित्सा चांवरपाठा डॉ. राजीव जैन मोबाइल नम्बर 9826342300 है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को उक्त दल में शामिल किया गया है। समस्त दल प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने दल के समस्त सदस्यों को टीप करावे। निर्धारित प्रपत्र में जानकारी आवश्यकतानुसार तैयार कर प्रेषित करें।

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