Saturday 27th of June 2026

ब्रेकिंग

प्रभारी तहसीलदार गोटेगांव नीरज तखरया 15 दिन के अवकाश पर, राजेश पटवा को सौंपा प्रभार

पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया भुगतान दिलाने एवं सुरक्षा प्रदान करने की मांग की

लगभग 02 लाख 75 हजार रुपए कीमती 27.50 ग्राम स्मैक जप्त,

रिंगस (राजस्थान) के बाद गाडरवारा के झांझनखेड़ा में भी बरस रही 'हारे के सहारे' की कृपा

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एवं अनिल मिश्रा ने दिया स्तीफा

: गाडरवारा, साहब जी रेत ठेकेदार के गुंडे बंदूक की नोक पर डराते धमकाते हैं, ग्रामीणों ने सौपा ज्ञापन

Aditi News Team

Thu, Jan 13, 2022

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, गाडरवारा को ज्ञापन दिया है जिसमें उन्होंने रेत ठेकेदार कंपनी पर गुंडागर्दी और कई आरोप लगाये हैं

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विगत कुछ महीनों से धनलक्ष्मी कंपनी जो कि रेत की ठेकेदार है उनके कर्मचारियों के द्वारा जबरन वसूली एवं ग्रामीणों के साथ आये दिन बंदूक की नोक पर धमकाना एवं ग्रामीण महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनायें बढ़ती जा रही है। हमारे ग्राम जिले में कई ऐसे स्थान है जहां सड़कों का अभाव है हमारे क्षेत्र की नदी में हम सभी ग्रामीण स्थल के खेत के बजरे का उपयोग तक नहीं कर पा रहे हैं जबकि नदियों से होने वाले कटाव को हम सभी भुगतने पर मजबूर रहते हैं।

ज्ञापन में आरोप लगाया है कि, विगत कुछ दिन पहले ग्राम चांदनखेडा तहसील गाडरवारा में एक ट्रक्टर ट्राली जो कि बरसात में खेत के रास्ते पर नदी से बजरा लेकर डालने के लिये जा रहा था। धनलक्ष्मी के गुण्डों ने ट्रेक्टर रोक कर पैसों की माग की और मांग पूरी न होने पर ट्रेक्टर को डोंगरगांव थाने में खड़ाकर जबरन में अवैध खनन का केस बनवा दिया।

ग्रामीणों की निम्न मांगे है

  1. धनलक्ष्मी की गुण्डागर्दी रोके।
  2. जहां पर शासन द्वारा स्वीकृत खदान है उन्ही स्थानों पर उत्खन्न हो एवं अवैध उत्खनन बंद हो ।

3 ग्रामीणों के लिये खेत के रास्तों के लिये बजरा फ्री करें।

4: डोगरगाव थाने में खड़े हुये बजरे के ट्रैक्टर को तुरंत बिना कार्यवाही के मुक्त किया जाये।

5.गांव एवं ग्रामीणों के साथ आये दिन हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाया जाये और ऐसा करने वालों पर कार्यवाही की जाये।

उक्त सभी मांग शासन एवं प्रशासन के विरोध में नहीं है परंतु उक्त मागों को यदि नही माना जाता तो हम सभी ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिये विवश होना पड़ेगा।

Tags :

जरूरी खबरें