Tuesday 28th of July 2026

ब्रेकिंग

वायरल वीडियो पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं निष्पक्ष कार्यवाही के निर्देश दिए गए

मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा-एक्सप्रेस को निशातपुरा स्टेशन से झंडी दिखाकर किया रवाना

चुराये हुये 5 दुपहिया वाहन कीमती 6 लाख रूपये के जप्त

पुलिस का नशा मुक्ति अभियान: SDOP मनीष त्रिपाठी ने बच्चों को दिलाई नशे से दूर रहने की शपथ

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया। नमन शहीदों को करके, भारत का सम्मान किया

कारगिल के वीरों को नमन (कारगिल विजय दिवस पर कविता) : हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया। नमन शहीदों को करके, भारत का सम्मान किया

Aditi News Team

Tue, Jul 28, 2026

कारगिल के वीरों को नमन

(कारगिल विजय दिवस पर कविता)

✒️सुशील शर्मा

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

नमन शहीदों को करके, भारत का सम्मान किया॥

जब सीमाओं पर संकट में,

रक्तिम बादल घिर आए।

वीर सैनिकों ने तब हँसकर,

सीने पर गोले खाये।

मृत्यु खड़ी थी सम्मुख फिर भी,

सीना अपना अड़ा दिया।

अपने प्राणों से ऊँचा रख,

दिव्य तिरंगा खड़ा किया॥

रणभूमि ने उस साहस का, युग-युग तक सम्मान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

घर की चौखट दूर रही,

पर मन में दृढ़ विश्वास रहा।

भारत की माटी के कण का,

जीवन का उल्लास रहा।

माँ के आँचल का ऋण अपने,

साहस से खूब चुकाया है।

वीरो ने दी है कुर्बानी,

तब कारगिल पाया है।

दुर्गम पथ ने भी झुक कर,उन चरणों का मान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

वृद्ध पिता के स्वप्न सुरक्षित,

पत्नी का विश्वास अटल

बहना की हर राखी बोली,

लौटेगा मेरा संबल।

नन्हे बच्चों के भविष्य को,

जीवन त्याग बचाया है।

सीमा पर प्राण दिये उन ने,

तब ये सुकून घर आया है।

अमर तिरंगे ने लहराकर, प्राण त्याग का मान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

बर्फ़ीली दुर्गम राहों पर,

ज्वाला बनकर दीप जले।

मृत्यु ने भी शीश झुकाया,

जब आगे रणधीर चले।

शत्रु के अभिमान शिखर का,

पल में ही अवसान किया।

अमर रहें वो बलिदानी,

जिन ने मृत्यु का पान किया।

रणभूमि की दिव्य भूमि ने, मौन प्रणाम विधान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

आज तिरंगा जब लहराता,

उनकी धड़कन बोल उठे।

स्वतंत्रता के हर उत्सव में,

उनके पग अनमोल उठे।

जिनके कारण मुक्त गगन ने,

निर्भय सत्य विहान किया।

नमन शहीदों को दिल से है,

जिन ने जीवन दान किया।

भारत माँ ने अश्रु सजाकर, अमर सुतों का मान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

आओ केवल पुष्प न अर्पित,

उनके पथ का मान करें।

राष्ट्रधर्म की ज्योति जलाकर,

जीवन का अवदान करें।

उनके संकल्पों त्यागो का,

अपने भीतर ध्यान करें।

अपने कर्मों से प्रतिदिन हम,

भारत का उत्थान करें॥

इतिहासों ने स्वर्णाक्षर में, अंकित पावन नाम किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

विजय दिवस का अर्थ यही है,

स्मृति न केवल आँसू हो।

हर पीढ़ी के अंतर्मन में,

उनका साहस धांसू हो।

जब तक गंगा, सिंधु, हिमालय,

जब तक यह आकाश रहेगा

उन वीरों का नाम रहेगा,

अटल सदा विश्वास रहेगा।

केसरिया ध्वज ने नभ भर में, उनका वंदन गान किया।

हिमशिखरों ने आज स्वयं, वीरों का गुणगान किया।

*कारगिल के अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित है।*

Tags :

सुशील शर्मा

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

जरूरी खबरें