: जीवन की सार्थकता दूसरों के लिए जीने में: राज्यपाल
Sun, Mar 27, 2022
पिछड़े वंचित वर्ग का विकास, समाज के सक्षम और समर्थ वर्ग की जिम्मेदारी,राज्यपाल राज्य स्तरीय तकनीकी खेल और सांस्कृतिक समापन समारोह में हुए शामिल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन की सार्थकता दूसरों के लिए जीने में है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने मानव को वाणी और बुद्धि की असीम शक्ति इसलिये दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सबके विश्वास, सबके साथ और सबके प्रयासों से समावेशी विकास का कार्य किया जा रहा है। उनके प्रयासों की सफलता के लिए देश के निर्माण में हर व्यक्ति का योगदान आवश्यक है। किसी एक समूह अथवा वर्ग की प्रगति से राष्ट्र का विकास नहीं होता है। इसलिए जो सक्षम और समर्थ हैं, उनका दायित्व है कि वह गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के विकास की जिम्मेदारी ग्रहण करें।राज्यपाल श्री पटेल आज एन.आर.आई. शिक्षा संस्थान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय तकनीकी, खेल और सांस्कृतिक समारोह नोविजियो 2022 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री पटेल ने कार्यक्रम में 10 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि वह भावी जीवन की सफलताओं के साथ अपने कर्त्तव्यों के प्रति भी सजग रहें। शिक्षित होना पर्याप्त नहीं है, सुशिक्षित आचरण ज़रूरी है। भावी जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना आत्म-विश्वास के साथ करें। अनुभवों से सीख लेते हुए आगे बढ़ें, अपनी सोच को सदैव उदार और विशाल रखें। उत्कृष्टता कौशल में नहीं दृष्टिकोण में होती है। संकल्प, समर्पण, सत्यनिष्ठा और सकारात्मकता के साथ कार्य करने पर कोई भी लक्ष्य असाध्य नहीं होता है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि माता पिता और मातृ भूमि की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। यह प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि उसके कार्यों से इनके मान-सम्मान पर कोई आँच नहीं आए। उन्होंने दक्षिणी गुजरात क्षेत्र के अप्रवासी भारतीयों का उदाहरण देते हुए बताया कि क्षेत्र के लोग बहुत बड़ी संख्या में विदेशों में रह रहे हैं। वर्षों से विदेश में रहते हुए भी वे निरंतर अपने क्षेत्र के विकास और सेवा कार्यों में सहभागिता कर रहे हैं।संस्थान के अध्यक्ष श्री डी. सुबोध सिंह ने संस्थान की स्थापना, उसकी उपलब्धियों, अकादमिक नवाचारों और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के पूर्व एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में बांग्लादेश, यू.ए.ई, नाइजीरिया और नेपाल के करीब 240 विद्यार्थी शामिल है। समारोह की संयोजक सुश्री अलका अवस्थी ने बताया कि वर्ष 2001 से संस्थान द्वारा तकनीकी, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष के नोविजियो 2022 में प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। राज्यपाल श्री पटेल का संस्था की ओर से शाल-श्रीफल, स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्री सुनील कुमार, तारामती एजुकेशन सोसाइटी की सचिव श्रीमती जयश्री सिंह, सदस्य श्री आर. एस. गौतम और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
: केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
Sun, Mar 27, 2022
केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
नरसिंहपुर
, 27 मार्च 2022.
उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं शासकीय जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर के तत्वावधान में शनिवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर के विशेष डॉ. देवेन्द्र यादव, डॉ. पुष्पेन्द्र ठाकुर नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ. सृष्टि रघुवंशी दंत रोग विशेषज्ञ एवं श्री राजू परौची के द्वारा बंदियों की शारीरिक जांच, नेत्र, दंत, कान, बीपी, सुगर, हृदय रोग एवं हड्डियों की जांच कर प्राथमिक उपचार व दवाईयां वितरित की गई। शिविर में 66 विचाराधीन एवं दंडित बंदियों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया।
डॉ. देवेन्द्र यादव ने बंदियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित योगाभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने इस ऋतु के मौसम में अपने दिनचर्या, खान- पान का विशेष ध्यान रखने के साथ ही साफ- सफाई की भी सलाह दी।
शिविर में जेल अधीक्षक सुश्री शैफाली तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक श्री संतोष हरियाल, श्री कैलाश नेवारे, डॉ. दीपक पटैल, श्री ओंमकार झारिया फार्मासिस्ट के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद था।
: ग्राम झामर में धरना स्थल पर शहीदे आजम भगतसिंह का बलिदान दिवस मनाया गया,
Thu, Mar 24, 2022
ग्राम झामर में श्री सुरेश कुमार स्थापक की अध्यक्षता में धरना स्थल पर शहीदे आजम भगतसिंह का बलिदान दिवस मनाया गया,सर्वप्रथम सभी ने भगतसिंह के चित्र पर तिलक करते हुए पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बक्ताओ ने भगतसिंह क्या चाहतेथे,मैं नास्तिक क्यों हूँ, शोषणमुक्त समाज की स्थापना के लिए बताए रास्ते पर आज चलने पर जोर डाला गया।वक्ताओं ने कहा भगतसिंह के समय गोरे अंग्रेज थे आज काले लोग उन्ही नीतियों को लागू कर देश के किसान मजदूर कर्मचारियों के खिलाफ जनविरोधी नीतियां लागू कर शोषण कर रही है।आज भगतसिंह के विचार प्रासांगिक हैं, और किसान मजदूर कर्मचारी को मिलकर संघर्ष की आवश्यकता है।
ग्राम झामर एवं रहमा में 4फरवरी से अपने हक के लिये संघर्षरत ग्रामीणों को क्रांतिकारी अभिवादन करते हुए क्षेत्र के विभिन्न ग्रामो से आये किसान सभा एवं सँयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर मांगे पूरी होने तक संघर्ष में साथ देने का संकल्प लिया।साथ ही शासन प्रशासन की आलोचना करते हुए जनसमस्याओं का तत्काल निराकरण करने का कहा गया।
शीघ्र निराकरण न होने की स्थिति में अब चक्का जाम एवं आमरण अनशन करते हुए आरपार का संघर्ष होगा।
बक्ताओं ने राजस्व विभाग जिसने बेरखेड़ी मोजा का अतिक्रमण हटाया, खाद्य विभाग द्वारा45 हितग्राहियों का कोटेदार द्वारा हड़प किया गया खाद्यान दिलवाया, पँचायत द्वारा आधे अधूरे काम शुरू किए गए, प्रधानमंत्री सड़क बारहा से झामर रोड का कार्य शुरू किया गया, मुख्यमंत्री सड़क योजना का कार्य एक सप्ताह के अंदर कार्य शुरू करने धरना स्थल पर पंचनामा बनाया गया,
कुछ छोटी छोटी मांगे शेष है प्रशासन मानवता दिखाए, शासन के नुमाइंदे बेशर्मी से बाज आएं जनहित में समस्याओं का निराकरण करें,
भगतसिंह के बिचार आज प्रासांगिक है जो कि फूट डालो राज करो कि नीति आज भी जारी है जिसे पहचानने की आवश्यकता है।
अंत में सुनील कुमार जी ने सभी का आभार जताया एवं अध्यक्ष श्री स्थापक जी ने सभा का समापन किया।