: बुन्देली मेला में खेल प्रतिभाओं ने भी दिखाया अपना जौहर अठ्ठू, चौपर, खो खो, कबड्डी, गदबद में दिखी प्रतिभाएं
Mon, Feb 20, 2023
बुन्देली मेला में खेल प्रतिभाओं ने भी दिखाया अपना जौहरअठ्ठू, चौपर, खो खो, कबड्डी, गदबद में दिखी प्रतिभाएंहटा दमोह।महाशिवरात्री के अवसर पर नगर में आयोजित होने वाले पांच दिवीय बुन्देली मेला में हर बुन्देली विधा में परांगत प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है, प्रथम दिवस से ही खेल प्रतिभाएं अपने अपने क्षेत्र का जौहर दिखा रही है, आयोजन समिति नगर पालिका परिषद के सभी पदाधिकारी उन्हे के मंच ही नहीं बल्कि उनका मंच से वंदन अभिनंदन भी कर रहा है।व्हालीवाल प्रतियोगिता में १६ टीमों के बीच ८ मैच खेले गये, इसमे चण्डी चौपरा, बटियागढ, बंशोली, पिपरिया, दमोह, कनारी, पथरिया बालक, दमोह बालक, पथरिया बालिका, विलानी बालिका, खडेरी, बोतराई, बरखेरा टीम के खिलाडियों ने अपना जौहर दिखाया।लंगडी दौड बालक में अनीष खान प्रथम, लौकिक चौबे दूसरे एवं यश सनकत तीसरे स्थान पर रहे, लगडी दौड बालिका में निशा अहिरवार प्रथम, चन्द्रवती अहिरवार दूसरे एवं नैशीन खान तीसरे स्थान पर रही, चम्मच गदबद बालक में प्रथम अंकित रैकवार, राजेन्द्र बंशल दूसरे एवं सुमित पटेल तीसरे स्थान पर रहे, चम्मच गदबद बालिका वर्ग में तसमिया बी प्रथम, उमा वर्मन दूसरे एवं भारती रैकवार तीसरे स्थान पर रही, कुर्सी दौड शिशु वर्ग में लक्ष्य सनकत प्रथम, पलक यादव दूसरे व ओम कुरेरिया तीसरे स्थान पर रहे, कुर्सी दौड मिडिल वर्ग बालक में अनीस खान प्रथम, लौकिक चौबे दूसरे एवं यश सनकत तीसरे स्थान पर रहे, कुर्सी दौड मिडिल बालिका वर्ग में याचना उपाध्याय प्रथम, श्रद्धा कुशवाहा दूसरे एवं सोनाली रैकवार तीसरे स्थान पर रहे, जलेबी दौड बालक वर्ग में शुभम रैकवार प्रथम, रोहित रैकवार दूसरे एवं यशवंत रैकवार तीसरे स्थान पर रहे, जलेबी दौड बालिका वर्ग में रानू पटैल प्रथम, भुवानी अहिरवार दूसरे स्थन पर रही, कुर्सी दौड किशोरी बालिका वर्ग में सिद्धी गुप्ता प्रथम, भूमि नायक दूसरे एवं साक्षी पटैल तीसरे स्थान पर रही।खो खो बालिका वर्ग में दमोह विजेता एवं हटा उपविजेता रही, कबड्डी बालिका वर्ग में जबलपुर प्रथम एवं दमोह उपविजेता रही, कबड्डी पुरूष वर्ग में सागर विजेता एवं दमोह उपविजेता रही,रस्सी दौड में ज्योति बंसल प्रथम, पूजा बंशल दूसरे एवं पल्लवी नट तीसरे स्थान पर रही, बोरा दौड बालिका वर्ग में मोहिनी अहिरवर प्रथम, नंदनी जोगी दूसरे एवं नीलू अहिरवार तीसरे स्थान पर रही, बोरा दौड बालक वर्ग में प्रथम उज्जवल राय, आयुष नामदेव दूसरे एवं साहिल ठाकुर तीसरे स्थान पर रहे, रस्सी कूद बालिका वर्ग में ज्योति बंशल प्रथम, पूजा बंशल दूसरे, पल्लवी नट तीसरे स्थान पर रही, टीपू में प्राची पटैल प्रथम, तेजस्वी राय दूसरे एवं निधि अहिरवार तीसरे स्थान पर रही।चित्रकला प्रतियोगिता में भूपेन्द्र पटैल प्रथम, आयुषी चौहान दूसरे, निकिता साहू तीसरे स्थान पर रहे, रंगोली प्रतियोगिता में नेहा अहिरवार प्रथम, आन्या जैन दूसरे एवं शारदा राजपाली तीसरे स्थान पर रही, मेंहदी प्रतियोगिता में प्रथम खुशी जैन, श्रेया सुहाने दूसरे स्थान पर एवं हर्षिता नामदेव तीसरे स्थान पर रही।हमाओ नाती हमाई नातिन वेशभूषा प्रतियोगिता में ख्याति खुराना प्रथम, यतार्थ पाठक दूसरे एवं काजल अहिरवार तीसरे स्थान पर रहे, महिला कुर्सी दौड में सपना अग्रवाल प्रथम, साधना दुबे दूसरे एवं शिल्पा खुराना तीसरे स्थान पर रही, कलश सजाओ में पूनम कुर्मी प्रथम, प्रतिभा कुर्मी दूसरे एवं भारती प्रजापति तीसरे स्थान पर रही, बंदनवार सजाओ प्रतियोगिता में आन्या जैन प्रथम, नजमा खान दूसरे एवं फिजा खान तीसरे स्थान पर रही, हमारी बहू प्रतियोगिता में मुस्कान प्रथम, सुकृति दूसरे एवं करूणा तीसरे स्थान पर रही, हमारी बिटिया में साक्षी प्रथम, जानकी दूसरे एवं रश्मि तीसरे स्थान पर रही, नौनी दुलैया प्रतियोगिता में संध्या प्रथम, अंजली दूसरे एवं संजना तीसरे स्थान पर रही।सभी प्रतियोगिताओं को सम्पन्न कराने में नगर पालिका स्टाफ के साथ समाजसेवी, स्वयं सेवी, खेलप्रेमियो का विशेष सहयोग रहा, खेल प्रतियोगिताओं में राकेश तिवारी, सुशील सेलट, राजा खान, सुन्दर सुमन, रमजान खान,संदीप शर्मा, शिरीष पण्डया, राजीव दुबे, गुल्ले ठाकुर, अंकित निरंजन, पायल सेलट, अनु खान, अखिलेश विश्वकर्मा, हरिराम अहिरवार, अफजल खान, मकसूद खान, राहुल लखेरा, रजनी, सत्यम सरैया, जागे असाटी, प्रदीप सोनी का विशेष सहयोग रहा, वही विविध प्रतियोगिताओं में निवेदिता दुआ, वंदना बजाज, सोनिया ग्रोवर, सरोज चौबे, कुमकुम नामदेव, संगीता राजूत, उमा अग्रवाल, अर्पणा सिंघई, मधु सराफ, शुभा अग्रवाल, शिल्पा ग्रोवर, श्वेता श्रीवास्वत, नेहा अग्रवाल, आभा दुबे, नीरू दुबे, सपना फौजदार, शोभना मीनू जैन, रेणुका जैन, सौम्या जैन, सुनंदा जैन, रश्मि पाण्डेय का भी सहयोग रहा।
आयोजन समिति से नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र खटीक, उपाध्यक्ष प्रशांत पाठक, नीरजा हरिशंकर साहू, मीरा राजेन्द्र सोनी, कैलाश ताम्रकार, अंजार खान, आकिब खान एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी राजेन्द्र खरे ने सभी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
: गाडरवारा, लवली खनूजा बने युवा प्रकोष्ठ प्रांतीय अध्यक्ष
Mon, Feb 20, 2023
लवली खनूजा बने युवा प्रकोष्ठ प्रांतीय अध्यक्षगाडरवारा ।एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन पत्रकार संगठन में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार लवली खनूजा की मेहनत ओर लगन को देखते हुए एम पी वर्किंग जॉर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश कार्यालय में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राधा बल्लभ शारदा द्वारा लवली खनूजा को एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ के पद पर नियुक्ति किया गया है।नियुक्ति करते वक्त संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री शारदा द्वारा लवली खनूजा के प्रति अशायुक्त प्रशंसा करते हुए पूर्ण विश्वास जताते हुए बोला कि लवली खनूजा के द्वारा लंबे अरसे से तन मन धन से संगठन के प्रति योगदान रहा हैं, उनकी निष्ठा और ईमानदारी के लिए संगठन ने उनको प्रांतीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी है।संगठन को पूर्ण विश्वास हैं कि लवली खनूजा पूरी ईमादारी से संगठन के निर्देशानुसार कार्य करेंगे लवली खनूजा को प्रांतीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ बनने पर उनके साथी पत्रकारों मित्रो परिजनों द्वारा शुभकामनाएं बधाइयां प्रेषित की।
: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विशेष "शिवसंकल्पमस्तु"
Sun, Feb 19, 2023
शिवसंकल्पमस्तु,सुशील शर्मा
यजुर्वेद संहिता का का मंत्र "तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु "अर्थात मेरे मन का संकल्प शिव हो शुभ हो कल्याणकारी हो। अर्थात शिव मन के शुभ विचारों ,एकाग्रता ,प्रसन्नता के अधिष्ठाता हैं संकल्पों के प्रतिक हैं। शिव के तत्व दर्शन को जो समझ जाता है जो उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतार लेता है वह आत्मोन्नति कर लक्ष्य पर पहुँच जाता है। शंकर सृजन से संहार तक जीवन से मृत्यु तक जीवन का विस्तारित प्रकाश हैं। शिव प्रकृति को प्राण देने वाली ऊर्जा है। शिव ने स्वयं को छोड़ कर सबको चाहा है। शिव आत्मबलिदानी हैं अपने भक्तों की एक छोटी इच्छा पूरी करने के लिए बड़े से बड़ा संकट लेने के लिए तैयार रहते हैं। शिव सत्य की किरण है जो अनादि अंधकारों की चीरती हुई हमारे हृदयस्थल को ज्ञान के आलोकों से प्रकाशित करती है।सभी देवता किसी न किसी परिधि में बंधे हुए हैं कुछ व्यक्तिगत स्वार्थ में कुछ लिप्सा कुछ अधिकारों में कुछ अहंकारों में लेकिन शिव ही सर्वमुक्त हैं ,अकिंचन हैं। अमृत छोड़ कर विष का पान शिव सामर्थ्य ही कर सकता है। रत्नों को छोड़ कर विषधारी नागों को सिर्फ शिव ही धारण कर सकते हैं। शिव राम के भी पूज्य हैं रावण के भी। शिव देवताओं से सम्मानित हैं तो असुरों के अधिष्ठाता हैं। शिव अनादि काल से अच्छाइयों एवं बुराइयों के बीच के सेतु रहे हैं। जहाँ एक तरफ परम शांति एवं शीतलता के प्रतीक चन्द्र को धारण करते हैं तो दूसरी ओर महा विनाशक विष को भी अपने कंठ में छुपाये हुए हैं ताकि मानवता का विनाश न हो। वो सौम्य से सौम्यतर भयंकर से भी महा भयंकर रौद्र रूप धारी हैं।आज के परिवेश में जहाँ मनुष्य अपने चरित्र ,वाणी ,कर्म एवं संस्कारों को खो चुका है। अपनी शक्तियों का प्रयोग मानवता को विनिष्ट करने में कर रहा है शिव का चरित्र उसको सही दिशा दिखने के लिए सर्वथा प्रासंगिक है। शिव का चरित्र निजी सुख एवं भोगों से दूर उत्तरदायित्व का चरित्र है जो मनुष्य के लिए ही नहीं बल्कि देवताओं के लिए भी अनुकरणीय है। शिव का परिग्रह रूप शिक्षा देता है की शक्ति का प्रयोग धन वैभव एवं भोग सामग्रियों को जुटाने में नहीं वरन शोषित एवं दीनों की सेवा करने में होना चाहिए।शिव शुद्ध ,पवित्र एवं निरपेक्ष हैं उनके प्रतीकों से उनके चरित्र की बारीकियों को समझना पड़ेगा। उनके मस्तिष्क पर चन्द्रमा के धारण करने का आशय पूर्ण ज्ञान से प्रकाशित होना है।विष को कंठ में धारण करने का आशय संसार के सारे दुखो को खुद में समाहित कर लेना है। इस संसार में विचारों का विस्तृत मंथन होता है। इस मंथन से अमृत एवं विष दोनों निकलते हैं। अमृत को सभी पाना चाहते हैं लेकिन विष को कोई नहीं। शिव का व्यक्तित्व ही उस विष से संसार की रक्षा कर सकता है। शिव गंगा धारी हैं और गंगा समस्त पाप नाशनी कही जाती हैं इसका आशय है की अज्ञान से ही इस विश्व में समस्त पाप कर्म होते हैं शिव उस अज्ञान को मिटने वाली ज्ञान की गंगा के उत्सर्जक हैं। शिव का तीसरा नेत्र आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है हमारी इन्द्रिय हमें अध्यात्मिक क्षेत्र की परिधि से बाहर रखती हैं। वो हमें लौकिकजगत के जाल में उलझाये रहती हैं। शिव का तीसरा नेत्र हमें इन एन्द्रिक जाल से निकाल कर मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता हैं। मनुष्य को साधनों की अधिकता ने उतावला, असहिष्णु एवम भीरु बना दिया है। मनुष्य साधनों के बिना जीं की कल्पना नहीं कर सकता है। अगर कोई उसकी विचारधारा को चुनौती देता है तो वह हिंसक हो जाता है। शिव संकल्प का सन्देश है अगर मन में प्रेम है तो जानवर ,विषधर ,हिंसक पशु। दलित शोषित सब आपसे प्रेम करने लगते हैं। शिव हमें वह भाव देते हैं जिनसे सेवा एवं संस्कार की भावनायें उत्पन्न होती हैं जिनसे हमारा अहंकार गलता है एवं जिनसे हमारा आत्मिक सौंदर्य निखरता है।शिव मानव जीवन के उन गुणों का प्रतीक है जिनके बिना मनुष्य अत्यंत छुद्र प्रतीत होता है। वह पशु तुल्य हो जाता है। शिव का चरित्र मनुष्य में उस उर्जा का संचरण करता है जो उसे पशु से मनुष्य ,मनुष्य से देव एवं देव से महादेव बनने के लिए प्रेरित करता है। शिव संकल्प हमें भोग से योग ,अज्ञान से ज्ञान एवं तिमिर से प्रकाश की ओर ले जाता है। शिव हमें सौन्दर्य के उस उच्चतम शिखर पर ले जातें हैं जो सच्चा है ,मंगलमय है ,एवं कल्याणकारी है। जो हमें परिस्कृत चरित्र एवं चिंतन प्रदान करता है। शिव चरित्र मानवीय जीवन के उच्चतम आदर्शों की पराकाष्ठा है। महाशिवरात्रि विचार मंथन का पर्व है। यह पर्व हमें शून्य से अनंत की और ले जाने वाला पर्व है जो हमारे व्यक्तित्व को छुद्रता से विराटता प्रदान करता है।*
महाशिवरात्रि पर्व की अनंत शुभकामनाएँ।
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