: जय राम वीर(हनुमत वंदना) (मधुभार छंद- सुशील शर्मा)
Sat, Apr 12, 2025
जय राम वीर(हनुमत वंदना)(मधुभार छंद- सुशील शर्मा) जय राम वीर ,हनुमत प्रवीर।रण रंग धीर ,सब हरो पीर। जय रूद्र अंश ,जय पवन वंश।जय शत्रु दंश ,रघुवर प्रसंश। जय राम दूत ,अक्षय प्रसूत।जय रौद्र रूप ,हनुमत अनूप। जय सीय त्राण ,जय राम वाण।जय राम प्राण ,आगम पुराण। जय मुक्ति चित्र ,जय भक्त मित्र।संयम चरित्र ,हे विधि विचित्र। हे सुख सुवास ,श्री राम वास।शुभ भक्ति रास ,हे राम दास। हे सौम्य शील ,साधु सुशील।हे दुष्ट कील ,वाणी रसील। हे सूर्य शिष्य ,पावन भविष्य।हे भजन तिष्य ,राघव रुचिष्य। हे अप्रमेय ,हे सारमेय।अनुपम अगेय ,हनुमत अजेय। हे ज्ञान अग्र ,हे राम व्यग्र।हे सत प्रत्यग्र,स्वस्ति समग्र। हे गुण निधान ,रघुवर प्रधान।सब दुख निदान ,प्रभु राम मान। हे धीर बुद्धि ,हे अष्ट सिद्धि।हे ज्ञान वृद्धि ,पावन प्रसिद्धि। हे मोक्ष द्वार ,हे राम सार।मुक्ति प्रसार ,हे जीव तार। हे करुणा निकुंज ,हरो पाप पुञ्ज।भय ताप भंज ,जय सुख प्रपुंज। राम भक्ति सुखदायनी ,हरे पाप का भार।हनुमत की जब हो कृपा ,मनुज करे भव पार। *श्री हनुमंत लाल के अवतरण दिवस पर आप को अनंत मंगलकामनाएं,श्री हनुमंत लाल आप के सभी शुभ संकल्प पूरे करें।*सुशील शर्मा
: संत और विप्रो का किया सम्मान
Sat, Apr 12, 2025
संत और विप्रो का किया सम्मान
पलोहा बड़ा। स्वयं सिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मन्दिर के पुजारी गृहस्थ संत पंडित नरेश ने श्री राम गौशाला में जारी श्री राम महायज्ञ में संतो और विप्रो का एक साथ सम्मान का आयोजन कर शाल श्री फल और स्मृति चिन्ह भेँट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में संत के रूप में कंप्यूटर बाबा सहित सभी संत और ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति रही।
मंत्री ने भी यज्ञ में शामिल हो कर पूजन किया
प्रदेश के शिक्षा एवं परि वहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने यज्ञ में शामिल होकर पूजन किया। उनके साथ पूर्व भाजपा अध्यक्ष पंडित अभिलाष मिश्रा, राजीव ठाकुर, अशोक भार्गव, हरिगोविंद सिंह मुकेश पटेल,सहित भाजपा कार्य कर्ता उपस्थित रहे।
हनुमान जी मनाया जन्मोत्सव-
आज भक्तो ने संकट मोचन श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े धूम धाम से मनाया। प्रातः बेला में शोभायात्रा निकाल कर ग्राम के सभी हनुमान मन्दिरों में पूजन,चालीसा पाठ, सुंदरकांड पाठ,चोलावंदन किया। पूजन उपरांत प्रसादी का वितरण हुआ।भंडारा आज- यज्ञ की पूर्णाहुति पर आज श्री सीताराम गौशाला में कन्या भोज , भंडारा और प्रसादी वितरण किया जा रहा है। जिसमे आयोजन समिति ने सभी से शामिल होने का अनुरोध किया हैं।
: गो आधारित कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का मूल आधार रहा है, गोपाल भाई सुतारिया
Sat, Apr 12, 2025
गो आधारित कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का मूल आधार रहा है, गोपाल भाई सुतारिया
सनेर/सुसनेर जनपद क्षेत्र में स्थापित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वैद लक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव में श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा,श्री कामधेनु गो अभयारण्य, सजीवनी लाईफ एवं धरतीदेवी फाउंडेशन के तत्वाधान में चल रहें ऋषि कृषि (गो आधारित जैविक खेती) प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह पर गोबर दास जी महाराज ने कहा कि जानकारियां सभी को है लेकिन करने वालों का आज भी अभाव है। सीधी सहज विधि है कृषि की अपने पूर्वजों से पूछ ले वो आपको सभी बता देंगे। जब हमारे पूर्वज हमें कृषि के विषय में बताएंगे तो हमे जल्दी समझ में आता है ।उन्होंने कहा जो अच्छे से खेती से करके जनता है उसके पास सभी समस्याओं का हल होता हे। जो विधि हमें सहजता से याद हो जाए और जो सहजता से हमें अपने घरों में उपलब्ध हो जाएं उसी से आप कृषि करें।जब तक दो चीजों में हम सुधार न कर ले तब हमें कृषि मे दिक्कत होगी।हरियाणा से आए हरीश भाई ने पंचगव्य पर कहा कि बिना पंचगव्य के बिना कृषि करना असंभव है। पंचगव्य के बारे में बताते हुए कहा कि हमें देशी गाय हमें पांच तरह के गव्य देती है। दूध गोबर मूत्र हमें सीधा मिलता है। दो तत्व हमारे ऋषि मुनियों ने इन तत्वों से अद्भुत खोजे हैं। उन्होंने बताया कि गोबर में लछमी का वास होने की बात कही और बताया कि गाय के गोबर में 32 तत्व पाए जाने की बात कही। देशी गाय के गोबर को बार बार मिट्टी मे डालने से हमारी जमीन उपजाऊ बन जाती हैं। हमारे पूर्वज गाय के गोबर से कृषि करते थे इसलिए उन सभी लोगो का शरीर भी स्वस्थ और मजबूत रहता था।आयुर्वेद में गाय के बारे मे बड़ी महत्ता बताई है। घुटने की बीमारियां आज के केमिकल युक्त अनाज खाने से हो रही हैं। गोबर और गौ मूत्र के तत्व हमे इनके द्वारा कृषि द्वारा पैदा किए गए अनाजों को हम पहले खाते थे।हमारे शरीर में जल तत्व की पूर्ति करता था। आज पूरे देश में गाय को न रखने के कारण नकली दूध पीने मिल रहा है जिसके चलते बच्चों में बुद्धिमता कमी आ रही है। बंशी गिर गोशाला के संस्थापक गोपाल भाई सुथारिया ने अपने उद्बोधन में गो आधारित कृषि पर बोलते हुए कहा कि हमें आचरण में गौ आधारित कृषि करना होगी। उन्होंने पांच चरण बताए कृषि को सही करने के उपाय। गौ शाला में गौ माता सुख पूर्वक रखना चाहिए।उन्होंने पहले चरण में गौ कृपा अमृतम घर पर कैसे बढ़ेगा यह बताया।दूसरे चरण में देशी गाय के गोबर से कम्पोस्ट खाद निमार्ण करने की विधि बताई। उन्होंने सलरी तैयार करने की विधि बताई।तीसरा चरण में बताया कि गो कृपा अंमृतम कितना डालना चाहिए।चौथे चरण में कीट पर कैसे नियंत्रण करना बताया है। पूर्णिमा और अमावस्या पर गौ कृपा का जरूर छिड़कना चाहिए।पांचवे चरण में आपात कालीन समय में कीट नियंत्रण करने की विधि भी बताई।गो कृपा अमृतम जो बनेगा उसमें 24 तत्व जीवाणु यूरिया का काम कर देंगे। फासफेरस पोटास सल्फर, एवं स्वास्थ वर्धक तथा कंपोस्ट करने वाले बैक्टीरिया, तथा खनिज क्षार जैसे महत्वपूर्ण इस गो कृपा अमृतम के माध्यम से मिलते हैं। जिससे हमारी फसल अधिक और स्वास्थ वर्धक होगी। उन्होंने कहा कि गो कृपा अमृतम से खेत मे थोड़े समय मे ही देशी केंचुआ की वृद्धि हो जाएगी। बेल से खेती करने से फसल के बीच की घास पलटी करने से वह घास पूस भी देशी खाद के रूप मे तब्दील हो जाती है जिससे फसल का उत्पादन भी बढ़ जाएगा। मेढ़ पर खेती करने के फायदे भी बताए। हमारे केंद्र में गौ माता और धरती माता होना चाहिए। भारत की सभी देशी गाय की प्रजाति सर्वोत्तम है कमी सिर्फ काले सिर वाले में कमी है। कार्यक्रम का संचालन अजीत जी ने किया वहीं गौ अभ्यारण्य के प्रबंधक शिवराज जी ने कार्यक्रम मे पधारे अतिथियों का दुपट्टा पहना कर स्वागत किया।