: गाडरवारा,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का दिया संदेश,गांव की बेटियों की सराहनीय पहल
Thu, Nov 18, 2021
गाडरवारा। चीचली विकासखण्ड अंतर्गत समीपी ग्राम कठौतिया, बरेली एव सीरेगांव की लगभग 51 बेटियों ने अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संस्था बनाकर छात्राओं को स्कूल भेजने की अनुकरणीय पहल प्रारंभ की है। गत दिवस इन बेटियों ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कठौतिया एवं शासकीय हाईस्कूल सीरेगांव में जाकर छात्राओं से संवाद किया एवं उन्हें स्कूल आने हेतु प्रोत्साहित किया । इस दौरान उपस्थित माध्यमिक शिक्षक शिवकुमार कौरव ने कहा की समाज मे बेटियों को पढ़कर आगे आने की जरूरत है । छात्राएँ नियमित रूप से स्कूल आकर अच्छी पढ़ाई करें। इस मौके पर बेटियों ने कहा की जो छात्राएँ आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण शाला आने में असमर्थ है उनकी हम लोग पढ़ाई से जुड़ी सहायता करेंगे ताकि वह पढ़ाई से वंचित न रहें। उल्लेखनीय है की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संस्था बनाने वाली बेटियां स्कूल की पुर्व छात्राएँ है जो वर्तमान में महाविद्यालय की छात्राएं है। उक्त अवसर पर माध्यमिक शिक्षक सरिता पटैल, प्रतिमा राय, अर्चना झारिया सहित छात्राएँ खुशी कौरव, रागिनी कौरव, जयमाला कौरव, नीलम रजक, हेमलता कुशवाहा, क्षमा कुशवाहा, प्रिया कौरव, श्रद्धा कौरव, शिवानी कौरव आदि उपस्थित रहे।
: गाडरवारा,रहमा में लगा बाल मेला
Thu, Nov 18, 2021
गाडरवारा। गत दिवस ग्राम रहमा की शासकीय प्राथमिक शाला में बच्चों द्वारा बाल मेला लगाकर व्यजनों के स्टाल लगायें। बच्चे घर से ही खाद्य सामग्री बनाकर लाये थे जो उन्होंने निर्धारित शुल्क पर मेले में विक्रय की। इस अवसर पर स्कूल की शिक्षक निधि ने बताया की संस्था में हर वर्ष बच्चों के मनोरंजन हेतु बालमेला लगाया जाता है। इस बार रविवार एवं सोमवार अवकाश होने के कारण गुरुवार को बाल मेला लगाया गया। मेले के आयोजन में शाला प्रभारी मुन्नालाल वर्मा सहित स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे ।
: नरसिंहपुर में कलेक्टर द्वारा बाल देखरेख संस्थाओं का निरीक्षण
Wed, Nov 17, 2021
कलेक्टर रोहित सिंह ने जिला मुख्यालय पर बाल देखरेख संस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इन संस्थाओं में रहने वाले बच्चों को चॉकलेट, पेन- डायरी वितरित की। बच्चों ने उत्साहपूर्वक चर्चा की और अपनी पेटिंग एवं कलाकृति दिखाई। उल्लेखनीय है कि जिले में एक शासकीय संस्था संप्रेक्षण गृह और 4 अशासकीय बाल देखरेख संस्थायें संचालित हैं। इनमें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को प्रवेश दिया जाता है।
निरीक्षण के दौरान नरसिंहपुर में कलेक्टर पहले अशासकीय सृजन वात्सल्य शिशु गृह पहुंचे। यहां 6 वर्ष तक के बालक निवासरत हैं। इसके बाद सिंह ने अशासकीय राजराधा बाल गृह का भ्रमण किया। यहां 6 से 18 वर्ष तक के बालक रहते हैं। इस दौरान बालकों ने गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर स्वागत किया। कलेक्टर ने बालकों के उचित पोषण, पुनर्वास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए समन्वय कर सहयोग करने की बात कही। राजराधा बाल गृह में कलेक्टर ने बालकों से शिक्षा, खान- पान, खेलकूद, व्यक्तिगत रूचियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण के बारे में चर्चा की। उन्होंने 16 से 18 वर्ष तक के बालकों के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षक की व्यवस्था कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश दिये। इसके बाद कलेक्टर ने शासकीय सम्प्रेक्षण गृह का भ्रमण कर व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिये।
इस अवसर पर एसडीएम आरएस बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, सहायक संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्रीमती अंजना त्रिपाठी, सीएमओ, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास और अन्य अधिकारी मौजूद थे।