: बुधनी मेडिकल कॉलेज भवन बनेगा हाईटेक और लेटेस्ट टेक्नालॉजी से लैस
Mon, Feb 13, 2023
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने दिये निर्देश
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को मंत्रालय में बुधनी मेडिकल कॉलेज भवन की डिजाइन के प्रस्तुतिकरण को देखा। बुधनी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में पैरा-मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग भी शामिल किया गया है। श्री सारंग ने भोपाल से होशंगाबाद हाई-वे पर प्रस्तावित बुधनी मेडिकल कॉलेज भवन को भविष्य की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के निर्देश दिये।
कैम्पस में वॉटर बॉडीज
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बुधनी मेडिकल कॉलेज भवन हाईटेक और लेटेस्ट टेक्नालॉजी से लैस हो। उन्होंने कहा कि बेसमेंट बनाते समय पानी की निकासी आदि की व्यवस्था देख कर प्लानिंग करें। कैम्पस में वॉटर बॉडीज भी डेव्हलप की जाये। गार्डनिंग के लिये पानी की पाइप-लाइन आदि की व्यवस्था भवन निर्माण के साथ ही कर ली जाये।
केरिकुलम सेंटर भी होगा डेव्हलप
मंत्री श्री सारंग ने पढ़ाई, खेल के अलावा एक्स्ट्रा केरिकुलम सेंटर भी डेव्हलप करने को कहा। भवन में बच्चों के लिये मनोरंजन कक्ष भी बनायें। मनोरंजन कक्ष के पास ही स्टेडियम हो। उन्होंने कहा कि मल्टी यूटिलिटी शॉप्स निर्मित की जायें। बैंक सुविधा लोगों की पहुँच में हो। उन्होंने कहा कि भवन में आवश्यक स्थानों पर यूटिलिटी सर्विसेस उपलब्ध रहें। ई
-बिल्डिंग का होगा प्रावधान
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्कोप ऑफ वर्क में साइनेज को शामिल किया जाये। साइनेज ऐसे हों कि किसी भी मरीज को गाइड की आवश्यकता नहीं पड़े। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आईसीयू को विशेषज्ञों से राय लेकर प्राकृतिक रोशनी से लैस करने पर विचार किया जाना चाहिये। इसी तरह से ई-बिल्डिंग जैसा प्रावधान भी करें
: गाडरवारा, कन्या शाला में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न
Wed, Feb 8, 2023
कन्या शाला में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्नगाडरवारा। गत दिवस स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर नीरज गुप्ता ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं के ब्लड प्रेशर, शुगर एवं हीमोग्लोबिन का परीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने नेत्रों का परीक्षण कर दृष्टिदोष से पीड़ित छात्राओं को चश्मा बनवाने की सलाह दी। उन्होंने रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी से पीड़ित छात्राओं को चुकंदर, गुड़, चना आदि खाने की बात पर जोर दिया । इस अवसर पर उन्होने छात्राओं से प्रतिदिन सुबह योगा करने की सलाह भी दी। स्वास्थ्य परीक्षण के समय प्राचार्य अनूप शर्मा सहित स्कूल स्टाफ के अनेक शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्राएँ उपस्थित रहे।
: महिलाओं के प्रति भेदभाव के नजरिए में बदलाव के लिए चिकित्सक आगे आएँ : राज्यपाल श्री पटेल
Fri, Feb 3, 2023
महिलाओं के प्रति भेदभाव के नजरिए में बदलाव के लिए चिकित्सक आगे आएँ : राज्यपाल श्री पटेल
चिकित्सा सेवाओं की पहुँच बढ़ाने में चिकित्सक संगठन करें सहयोग
इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की 27वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस हुई
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने चिकित्सकों से कहा है कि महिलाओं के प्रति भेदभाव के समाज के नज़रिए में बदलाव के प्रयास में सहयोग करें। इनफर्टिलिटी की समस्या के लिए महिलाओं को दोषी मानने की भ्रामक अवधारणा का खंडन आगे बढ़ कर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पिछड़े समुदाय और क्षेत्रों तक समान चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाने के प्रयास में चिकित्सक संगठनों का सहयोग ज़रूरी है। चिकित्सक संगठन समाज की सेवा भावना के साथ समर्पित प्रयासों से समाज के वंचित क्षेत्र और समुदाय में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल श्री पटेल आज इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की 27वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में केबिनेट की प्रथम बैठक का पहला एजेंडा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' रखा था। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के नए वातावरण का निर्माण किया है। आवश्यकता उनके प्रयासों में सहयोग देने की है। राज्यपाल ने गरीब एवं ज़रूरतमंद निःसंतान दम्पत्तियों की सहायता, परिवार कल्याण और प्रजनन विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन के लिए सभी मेडिकल विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिल कर कार्य करने के लिए आई.एस.ए.आर. के प्रयासों की सराहना की। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. ऋषिकेष पई ने कहा कि स्वस्थ नारी, सुखी नारी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण, समानता और तकनीकी गतिशीलता के प्रयास की ज़रुरत है। इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की अध्यक्ष डॉ नंदिता पलशेटकर ने कहा कि संतान हर व्यक्ति का अधिकार है। संतान की ख़ुशी देने के लिए मानवता की सेवा के जज्बे के साथ प्रयास ज़रूरी हैं। संस्था की सचिव डॉ. सुजाता कर ने संस्था की प्रगति का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा न्यूज़ लेटर कार्यशाला, सेमीनार और ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार किए गए हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कॉन्फ्रेन्स में 11 चिकित्सक को विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए संस्था की ओर से सम्मानित किया। सम्मानित चिकित्सकों में डॉ. नंदिता पलशेटकर, डॉ. ऋषिकेष पई, डॉ. एम.एस. श्रीनिवास, डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा, डॉ. पी.सी. महापात्र, डॉ. रचना दुबे, डॉ. आर.जी. पटेल, डॉ. नितिन मुर्डिया, डॉ. गरिमा शर्मा, डॉ. नौशीन अशरफ और डॉ. संतोष जेना शामिल थे। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) द्वारा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान का अनुसमर्थन किया गया। श्री पटेल ने संस्था के 27वें वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कोषाध्यक्ष डॉ. आशा बक्षी ने आभार माना। संचालन डॉ. मोनिका सिंह ने किया।