: चौदह वर्षीय बालक विकास खरे ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया
Fri, Nov 18, 2022
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चौदह वर्षीय बालक विकास खरे ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बालक विकास से जीवन पर्यंत अपने जन्म-दिवस पर पौधा लगाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में शहतूत, खिरनी और सामिया केसिया के पौधे लगाए। बालक विकास खरे के परिवार के श्री ललित खरे, श्री ए.पी. खरे, सुश्री अर्चना खरे और श्री इशान खरे पौध-रोपण में सम्मिलित हुए।मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रतिदिन पौधा लगाने के अपने संकल्प के क्रम में जन-जन को निरंतर पौध-रोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुनील साहू भी अपने जन्म-दिवस पर परिवार सहित पौध-रोपण में शामिल हुए। श्री साहू के साथ सामाजिक कार्यकर्ता श्री वैभव पवार तथा श्री साहू के परिवार के श्री देवेंद्र साहू, श्रीमती पार्वती साहू और श्रीमती सुशीला साहू ने भी पौध-रोपण किया।
: मीजल्स-रूबेला मुक्त अभियान से किया जायेगा मीजल्स रूबेला का निर्मूलन
Wed, Nov 16, 2022
उज्जैन शासन के निर्देशानुसार दिसंबर-2023 तक मीजल्स-रूबेला निर्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु प्रदेश मे नवंबर व दिसंबर में एम.आर. टीकाकरण केचअप राउण्ड चलाया जा रहा है। मीजल्स-रूबेला का निर्मूलन हेतु एक से 7 नवंबर तक घर-घर हेडकाउंट सर्वे किया गया, जिसमें 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे (14 फरवरी 2022 तक जन्में) बच्चों का एम.आर.-1 एवं 2 से छूटे समस्त बच्चों का सूचीकरण किया जाकर ड्युलिस्ट तैयार की जाना तथा 14 से 19 नवंबर 2022 तक तथा 19 से 24 दिसम्बर 2022 तक विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर पूर्ण टीकाकरण किया जायेगा।मीजल्स-रूबेला का निर्मूलन करने के लिए एम.आर. टीके की प्रत्येक खुराक (प्रथम एवं द्वितीय) 95 प्रतिशत हितग्राहियों को लगना आवश्यक है एवं यह उपलब्धि सतत् बनाये रखना तथा फील्ड में मीजल्स-रूबेला वायरस महामारी को फेलने से रोकना अनिवार्य है।
: 12 नवंबर से 28 फरवरी 2023 तक चलेगा सास अभियान
Wed, Nov 16, 2022
उज्जैन बाल मृत्यु में कमी लाई जाना मध्यप्रदेश शासन का प्रमुख लक्ष्य है। 5 वर्ष तक के बच्चों में सबसे अधिक मृत्यु का कारण निमोनिया संक्रमण है। भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार 12 नवंबर 2022 से 28 फरवरी 2023 तक सांस अभियान सास (सोशल अवेयरनेस एंड एक्शन टू न्यूट्रलाइज्ड पेनेमोनिया सक्सेसफुली) आयोजित किया जाना है।निमोनिया के प्रारंभिक लक्षणों की समय पर पहचान, प्रारंभिक उपचार एवं उचित स्वास्थ्य संस्था में रेफर तथा साथ ही निमोनिया के संबंध मे जन जागरूकता लायी जाकर निमोनिया से होने वाली मृत्यु को रोका जा सकता है। निमोनिया के प्रकरण मुख्यतः सर्दी, वर्षा काल, अधिक प्रदूषण, धुए ताल क्षेत्र, स्लम एरिया मे अधिक होने की संभावना रहती है। ऐसे बच्चों को निमोनिया होने की संभावना अधिक होती है जिनका टीकाकरण पूर्ण नही हुआ हो तथा कुपोषित हो। शीघ्र स्तनपान, पूरक आहार विटामिन-ए टीकाकरण साफ-सफाई, साबुन एवं पानी से हाथ धोना, घरेलू वायु प्रदूषण को कम करना, जैसे सरल हस्तक्षेपो से निमोनिया के प्रकरणों में कमी लायी जा सकती है।