स्वास्थ्य टीम की सतर्कता से बची दो जिंदगियां, : सुरक्षित मातृत्व की मिसाल बनी अनीता गोंड
Aditi News Team
Wed, Aug 5, 2026
स्वास्थ्य टीम की सतर्कता से बची दो जिंदगियां,
सुरक्षित मातृत्व की मिसाल बनी अनीता गोंड
जिले के दूरस्थ वनग्राम भोरखेड़ी में स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, समय पर निर्णय और निरंतर फॉलोअप ने एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु को नई जिंदगी दी। विकासखंड बाबई-चीचली की निवासी श्रीमती अनीता गोंड का सुरक्षित प्रसव स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता और टीम भावना का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन तथा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल पटेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने अनीता गोंड की गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण से ही नियमित निगरानी शुरू कर दी थी। 9 जनवरी को पहली जांच में उनका वजन मात्र 34 किलोग्राम और हीमोग्लोबिन 10.5 ग्राम/डीएल पाया गया। इसके बाद उन्हें नियमित जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी परामर्श दिया गया।
अप्रैल माह में पुनः जांच के दौरान स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं पाई गई। स्वास्थ्य टीम द्वारा आगे की जांच के लिए भेजे जाने के बावजूद हितग्राही अस्पताल नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में एएनएम, सीएचओ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने लगातार संपर्क बनाए रखा और परिवार को जागरूक करते हुए आवश्यक जांच के लिए प्रेरित किया।
जुलाई में कराई गई जांच में उनका हीमोग्लोबिन घटकर 8.6 ग्राम/डीएल रह गया। उपचार शुरू किया गया, लेकिन दूसरी डोज के दौरान तेज बुखार मिलने पर स्वास्थ्य टीम ने बिना देरी किए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के दौरान स्थिति गंभीर पाई गई, जहां प्लेटलेट काउंट 33 हजार और हीमोग्लोबिन 7.4 ग्राम/डीएल दर्ज किया गया। विशेषज्ञ उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया, लेकिन परिवार बीच रास्ते से वापस लौट आया।
कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हार नहीं मानी। लगातार संपर्क और समझाइश के बाद टीम ने अनीता गोंड को आमगांव बाजार में खोज निकाला और 108 एम्बुलेंस की मदद से पुनः जिला अस्पताल पहुंचाया। 27 जुलाई को जांच में हीमोग्लोबिन और गिरकर 7.0 ग्राम/डीएल हो गया, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। तत्काल निर्णय लेते हुए उसी रात उन्हें 108 एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपचार प्रारंभ किया। रक्त चढ़ाने के बाद 31 जुलाई की रात सफल सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से 2.800 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बालक का जन्म हुआ।
वर्तमान में अनीता गोंड और उनका नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह सफलता केवल एक सुरक्षित प्रसव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की सजगता, निरंतर निगरानी, प्रभावी रेफरल प्रणाली और टीम वर्क का जीवंत उदाहरण है, जो सुरक्षित मातृत्व की दिशा में जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल पटेल