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गाडरवारा में पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट कार्यक्रम आयोजित : धर्मचक्र परिवर्तन कार्यक्रम में ध्यान से आत्म ज्ञान एवं स्वयं की खोज पर प्रकाश डालते हुए ध्यान भी कराया गया

Aditi News Team

Wed, Jul 29, 2026

गाडरवारा में पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट (PSSM) द्वारा धर्मचक्र प्रवर्तन कार्यक्रम आयोजित

PSSM आधुनिक युग की आध्यात्मिक एवं स्वयं सेवी संस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य ध्यान, शाकाहार, पिरामिड ऊर्जा और आध्यात्मिक विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है।

1990 में ब्रह्मर्षि पितामह पत्री जी द्वारा स्थापित PSSM स्वस्थ, शांत एव सामजस्यपूर्ण विश्व की स्थापना की संकल्पना करता है।

गाडरवारा में आयोजित धर्मचक्र परिवर्तन कार्यक्रम में ध्यान से आत्म ज्ञान एवं स्वयं की खोज की जानकारी सीनियर मास्टर रागिनी सेल्वराज के द्वारा प्रदान की गई।

आनापानसति ध्यान की विधि भी बताई गई एवं कराई गई, जिसके स्टेप ये है।

स्टेप 1 सुखासन में बैठें, हाथों और पैरों को क्रॉस करें और आँखें बंद करें

स्टेप 2 अपनी स्वाभाविक साँसों को महसूस करें

स्टेप 3 जब मन में विचार आए, अपना ध्यान अपने साँसों के आवागमन पर ले आएँ।

ध्यान से मन की शांति,बेहतर फोकस और ऊर्जा,ध्यान के फायदे,सकारात्मक सोच और स्पष्टता,बेहतर नींद और स्वास्थ्य,तनाव से मुक्ति, खुशहाल जीवन,आत्म-नियंत्रण और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण फायदे हैं।

ध्यान के अलावा PSSM के 3 अन्य सिद्धांतो की जानकारी दी गई

शाकाहार

आध्यात्मिक जीवन के लिए शाकाहार विशेष रूप से आवश्यक है। शाकाहार आपको दिव्य, शांत, आनंदपूर्ण बनाकर नापकी चेतना को ऊर्ध्वगामी करता है।

पिरामिड ऊर्जा

पिरामिड विश्व ऊर्जा को केंद्रित करने वाली संरचना है। पिरामिड के अंदर या इसके नीचे ध्यान करने से तीन गुना अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

आध्यात्मिक विज्ञान

विश्व के विभिन्न आध्यात्मिक वैज्ञानिक और गुरुओं की पुस्तकें पढ़ना और उनके अनुभवों को ग्रहण करना ही आध्यात्मिक मार्ग को प्राप्त करने का सुगम मार्ग है।

उपरोक्त धर्मचक्र परिवर्तन कार्यक्रम की मुख्य आयोजक रागिनी विश्नोई, रिंकी कौरव,अर्चना नारोलिया थी। यह कार्यक्रम शनि मंदिर के पास किया गया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाए एवं पुरुष शामिल हुए थे।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

रागिनी सेल्वराज

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