सुशील शर्मा टी.आर. नेमा साहित्य सम्मान से सम्मानित : एम.आई.एम.टी. स्थापना दिवस समारोह में पद्म श्री विजय दत्त श्रीधर ने साहित्यकार सुशील शर्मा को टी.आर. नेमा साहित्य सम्मान
Aditi News Team
Thu, Jul 16, 2026
एम.आई.एम.टी. स्थापना दिवस समारोह में पद्म श्री विजय दत्त श्रीधर ने साहित्यकार सुशील शर्मा को टी.आर. नेमा साहित्य सम्मान से सम्मानित किया
नरसिंहपुर, 16 जुलाई।एम.आई.एम.टी. कॉलेज, नरसिंहपुर के 28वें स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। समारोह में शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, कृषि, समाजसेवा, पत्रकारिता, खेल, विधि, अभियंत्रिकी तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को विभिन्न स्मृति सम्मानों से अलंकृत किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पंडित मैथिलीशरण तिवारी उपस्थित रहे। मंच पर एम.आई.एम.टी. के संचालक श्री रुद्रेश तिवारी तथा प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार गर्ग भी गरिमामय उपस्थिति में विराजमान थे।
साहित्य साधना का सम्मान : सुशील शर्मा को मिला टी.आर. नेमा साहित्य सम्मान
समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा साहित्य के क्षेत्र में सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं साहित्यकार सुशील शर्मा को "श्री टी.आर. नेमा साहित्य सम्मान" से सम्मानित किया जाना। यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य, शिक्षा तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के पश्चात सुशील शर्मा ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि एम.आई.एम.टी. संस्था केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं दे रही, बल्कि साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना के प्रचार प्रसार में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्था के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
वक्ताओं ने शिक्षा और संस्कारों पर रखा जोर
एम.आई.एम.टी. के संचालक रुद्रेश तिवारी ने संस्था के 27 वर्ष पूर्ण होने की स्मृतियाँ साझा करते हुए नरसिंहपुर नगरवासियों के सहयोग और विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया।
विशिष्ट अतिथि पंडित मैथिलीशरण तिवारी ने एम.आई.एम.टी. की स्थापना के प्रारंभिक संघर्ष और विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए इसे समाज की साझा उपलब्धि बताया।
अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने एम.आई.एम.टी. को विद्यार्थियों के लिए चरित्र निर्माण की पाठशाला बताते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य श्रेष्ठ नागरिक तैयार करना है।
मुख्य अतिथि पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती संस्कारों और नैतिक शिक्षा से बढ़ती दूरी है। उन्होंने कहा कि एम.आई.एम.टी. जैसी संस्थाएँ शिक्षा को उसके मूल उद्देश्य से जोड़ने और उसके पतन को रोकने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, समाजसेवियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय और यादगार बना दिया।
Tags :
अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं साहित्यकार सुशील शर्मा