गाडरवारा में विश्व पृथ्वी दिवस पर हुआ पूजन : प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण को मिला नया संबल,
Aditi News Team
Thu, Apr 23, 2026
प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण को मिला नया संबल,
गाडरवारा में विश्व पृथ्वी दिवस पर हुआ पूजन
गाडरवारा। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक पहल के अंतर्गत मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड चीचली, जिला नरसिंहपुर द्वारा संचालित जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम चौगान स्थित प्रसिद्ध प्राचीन बावड़ी का जीर्णोद्धार एवं पुनर्जीवन कार्य निरंतर प्रगति पर है। इस अवसर पर विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में बावड़ी पूजन एवं गौ माता पूजन का आयोजन भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
क्षेत्र में बढ़ते जल संकट को ध्यान में रखते हुए प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में वर्षों से उपेक्षित पड़ी इस ऐतिहासिक बावड़ी को पुनर्जीवित करने का कार्य सामुदायिक सहभागिता एवं श्रमदान के माध्यम से प्रारंभ किया गया। कार्य के अंतर्गत बावड़ी की व्यापक साफ-सफाई, गाद निकासी, दीवारों की मरम्मत एवं जल संचयन क्षमता बढ़ाने हेतु आवश्यक तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।
इस पुनीत कार्य में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक सुश्री स्मिता दांडे के मार्गदर्शन में परम पूज्य श्री भवानी प्रसाद राधा कृष्ण मंदिर चौगान किला वाले संत महाराज जी,श्री सुरेश बाबा जी चौगान, उद्यानिकी विभाग की वरिष्ठ प्रधान विकास अधिकारी श्रीमती सीमा केवट, जनप्रतिनिधि कु. दुर्गेश नंदनी, नवांकुर संस्था संतोष चौरसिया, हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया रामेश्वर वर्मा, रामकृष्ण राजपूत, श्रीमती नीरू राजपूत कृष्ण कुमार कुशवाहा, परामर्शदाता अभिषेक कौरव, राकेश पाली, कुमारी राधा कीर एवं कुमारी ईशा राजपूत सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही। इसके अतिरिक्त , श्री दशरथ श्रीवास (भैरोपुर समिति अध्यक्ष) सदस्य राहुल नामदेव विकास कौरव , स्वप्निल बड़ारया , मुस्कान , ऋषभ कौरव एवं विभिन्न ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का सहयोग भी सराहनीय रहा।
इन सभी के नेतृत्व में विद्यार्थियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि बावड़ी के पुनर्जीवन से वर्षा जल का प्रभावी संचयन संभव होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता में सुधार आएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सामुदायिक सहभागिता से किया जा रहा यह कार्य समाज में सहयोग, जिम्मेदारी एवं जागरूकता की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
इस श्रमदान में जन प्रतिनिधि, म.प्र.जन अभियान परिषद् की नवांकुर संस्थाएं, प्रस्फुटन समिति , परार्मश दाता , छात्र , छात्राएं , उद्यानिकी विभाग, ग्राम जन उपस्थित रहे।
जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे ऐसे प्रयास निश्चित रूप से भविष्य में क्षेत्र को जल संकट से राहत दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे तथा अन्य स्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
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