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सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग अब निर्णायक संघर्ष में बदल चुकी है, : सिहोरा जिला आंदोलन आर-पार के मोड़ पर,अनशनकारी का वजन गिरा, 9 दिसंबर से आमरण सत्याग्रह

Aditi News Team

Sun, Dec 7, 2025

रिपोर्टर अनिल जैन

सिहोरा जिला आंदोलन आर-पार के मोड़ पर,अनशनकारी का वजन गिरा, 9 दिसंबर से आमरण सत्याग्रह

सिहोरा।सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग अब निर्णायक संघर्ष में बदल चुकी है। कल से अन्न सत्याग्रह में बैठे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक का वजन गिरने की खबर सामने आने के बाद आंदोलन की स्थिति गंभीर हो गई है, लेकिन संघर्ष करने वालों के हौसले अब भी अडिग हैं।

वजन गिरा,ब्लड प्रेशर सामान्य से ऊपर हुआ -

पिछले 24 घंटे से अन्न त्याग "अन्न सत्याग्रह" कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू जी का वजन 1.35 किलोग्राम कम हो गया वही ब्लड प्रेशर सामान्य से बढ़कर 179/108 पर पहुंच गया। सत्याग्रही साहू के गिरे स्वास्थ्य से सिहोरा वासियों में चिंता और आक्रोश चरम पर पहुंच गया।

पुराने बस स्टैंड पर जारी क्रमिक अनशन के पांचवे दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सिंधी समाज के लोग भी डटे हुए थे, जिससे साफ है कि यह आंदोलन अब किसी एक पार्टी या समाज का नहीं, बल्कि पूरे सिहोरा का आंदोलन बन चुका है।

9 दिसंबर: सिहोरा पहुंचेगा जनसैलाब

आंदोलन समिति ने 9 दिसंबर को बहोरीबंद, मझौली, ढीमरखेड़ा और सिहोरा सहित सभी क्षेत्रों के लोगों से दोपहर 11 बजे सिहोरा पहुंचने का खुला आह्वान किया है। आयोजकों का दावा है कि इस दिन सिहोरा की सड़कों पर जनसमर्थन का महाकुंभ देखने को मिलेगा।

समिति की अपील हम सभी सिर्फ सिहोरावासी -

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सोशल मीडिया में अपील की कि इस आंदोलन में न भाजपा, न कांग्रेस—न गांव, न शहर, सिर्फ एक पहचान है—सिहोरा वासी। सभी दलों, समाजों और वर्गों के लोग राजनीतिक पहचान छोड़कर सिहोरा जिला की मांग पर एकजुट नजर आवैं।समिति ने आज तक किसने क्या कितना किया इन आरोप प्रत्यारोप से ऊपर एकजुटता की अपील की।

आज नहीं तो कभी नहीं -

9 दिसंबर से प्रमोद साहू द्वारा आमरण सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान किया गया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जिला निर्माण पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन अनवरत चलता रहेगा।

धरना स्थल पर बढ़ती भीड़, अनशनकारियों की बिगड़ती सेहत और व्यापक जनदबाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सिहोरा में हालात तेजी से बदल रहे हैं और पूरा इलाका निर्णायक घड़ी की ओर बढ़ चुका है।

ये बैठे क्रमिक अनशन पर -

क्रमिक भूख हड़ताल के पांचवे दिन धरना स्थल पर अमोल चौरसिया,राजेश चौबे,किशन जानवानी,बिहारी पटेल,रमेश जानवानी,बाबा कुरैशी,दिलीप जोहरवानी,कैलाश कारडा,जयकुमार भोजवानी,रमेश सहजवानी,सुशील काछी,मगन लाल कोल,करतार भागवानी,रामचरण कुशवाहा,अंबिका पटेल,रामनरेश यादव,संजय पाठक,शिवकुमार गर्ग,जितेंद्र तिवारी,इस्लाम खान,अजय गर्ग सम्मिलित हुए।

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जबलपुर

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

सिहोरा खितोला

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