: जबलपुर उपार्जन केन्द्र पर बेचने लायी गई दो ट्रक धान जब्त<br>
Sat, Nov 21, 2020
धान उपार्जन की व्यवस्था का अनैतिक लाभ उठाने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा के निर्देशानुसार सयुंक्त कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया के नेतृत्व में प्रशासन एवं पुलिस के दल ने ग्राम सिहोदा मुख्य मार्ग पर मजीठा वेयर हाउस के पास उत्तरप्रदेश से लाई गई दो ट्रक धान जप्त की है। सयुंक्त कलेक्टर श्री अरजरिया के मुताबिक जप्त की गई धान यहॉं खरीदी केंद्रों पर विक्रय के लिये लाई गई थी। उन्होंने बताया कि कार्यवाही के दौरान ट्रक के चालक फरार हो गये हैं। धान से भरे जब्त किये गये दोनो ट्रकों को भेड़ाघाट पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया गया है।
पनागर में भी धान से भरे दो ट्रक जब्त :
संयुक्त कलेक्टर श्री अरजरिया ने बताया कि इसी तरह एक अन्य कार्यवाही में पनागर में भी उत्तरप्रदेश से दो ट्रक में भरकर लाई गई धान को जब्त किया गया है।
: नेशनल मीडिया अवार्ड के लिये प्रविष्टियां 20 नवम्बर तक आमंत्रित
Thu, Nov 19, 2020
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नेशनल मीडिया अवार्ड के लिये 4 श्रेणियों में 20 नवम्बर 2020 तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। मीडिया समूह की मतदाता जागरूकता अभियान की गुणवत्ता, कवरेज/मात्रा की सीमा, जनता पर प्रभाव के सबूत और कोई अन्य प्रासंगिक कारक संबंधी कार्यो के आधार पर प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो और सोशल मीडिया के क्षेत्र में विशेष कार्य करने पर यह पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।
पुरस्कार के लिये प्रविष्टियाँ श्री पवन दीवान अवर सचिव (संचार) भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोका रोड, नई दिल्ली पिन कोड 110001 के पते एवं ईमेल media.election.eci@gmail.com और pawandiwan@eci.gov.in पर 20 नवम्बर 2020 तक पहुंच जाना चाहिये। प्रविष्टियों में नाम, पता, फोन, फैक्स नम्बर और ई-मेल एड्रेस अवश्य लिखा हो। प्रविष्टियाँ भेजने की सूचना मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, अरेरा हिल्स भोपाल को भी दें। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी, 2021 को यह पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।
: सिहोर निमोनिया जानलेवा हो सकता है, बच्चों को निमोनिया से बचायें
Thu, Nov 19, 2020
ठंड ने दस्तक दे दी है। ऐसे में शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया के संक्रमण से बचाव के लिये सावधानियों को अपनाना बेहद आवश्यक है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों के लिये एडवाईजरी जारी की है कि निमोनिया जानलेवा हो सकता है। निमोनिया के उपचार में देरी बच्चे के लिये खतरनाक हो सकती है। बच्चों में बुखार, खांसी, श्वांस तेज चलना, पसली चलना अथवा पसली धसना निमोनिया के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बच्चों को निमोनिया से उपचार के लिये तुरंत चिकित्सक अथवा निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें। सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में शिशुओं को निमोनिया से बचाव में बेहद कारगर व्हैक्सीन पीसीव्ही भी निःशुल्क उपलब्ध है। अपने शिशुओं को 1.5, 3.5 एवं 9 माह में निमोनिया से बचाव हेतु पीसीव्ही व्हैक्सीन की पूर्ण डोज निःशुल्क अवश्य लगवायें। बच्चों को ठंड से बचाव के लिये अभिभावकों से आग्रह किया है कि बच्चों को दो-तीन परतों में गर्म कपडे पहनायें। ठंडी हवा से बचाव के लिये शिशु के कान को ढंके, तलुओं को ठण्डेपन से बचाव के लिये बच्चों को गर्म मोजे पहनायें। निमोनिया के उपचार के लिये आवश्यक औषधियां अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। चिकित्सक के परामर्श अनुसार निमोनिया का पूर्ण उपचार आवश्यक रूप से लें और अपने बच्चों को सुरक्षित रखें।