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निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

: गाडरवारा प्राइवेट स्कूल शासन के नियम कानून को दरकिनार कर हुए विद्यार्थियों व अभिभावकों से कर रहे धोखा,जिला प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिम्मेदार गौर फरमाए

Aditi News Team

Tue, Apr 15, 2025
प्राइवेट स्कूल शासन के नियम कानून को दरकिनार कर हुए विद्यार्थियों व अभिभावकों से कर रहे धोखा  अभिभावकों द्वारा लगातार एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की जा रही मांग जिला प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिम्मेदार गौर फरमाए  पवन पटेल ने ई मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को दी जानकारी  गाडरवारा। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी प्राइवेट स्कूलों में विगत वर्षों से शासन के द्वारा विद्यार्थी के हितों में बहुत ठोस कार्रवाई कर नियमों का पालन कराया जा रहा है। परंतु वर्तमान में कुछ प्राइवेट स्कूलों में शासन के नियम कानून को दरकिनार करते हुए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के साथ धोखा किया जा रहा है। उक्त विषय को लेकर भाजपा नेता पवन पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को उक्त समस्याओं को लेकर ईमेल के माध्यम से पत्र भेजा है।पत्र उल्लेख किया गया है गाडरवारा एवं नरसिंहपुर जिले के समस्त निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तके विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए शैक्षणिक सत्र 2025- 26 में लगवाई जा रही है।मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 और इसके अंतर्गत बनाए गए नियम 2020 एवं सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी परिपत्रों के निर्देशो के परिपालन सी.बी.एस.ई बोर्ड एवं मध्यप्रदेश शासन के नियम अनुसार कक्षा नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, पहली से 12वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तक लागू करने संबंधी आदेश जारी करने की मांग अभिभावकों के हित में की गई है। कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा जिला शिक्षा समिति की बैठक भी नहीं ली गई। निजी स्कूल माफियों को संरक्षण उनके माध्यम से दिया जा रहा है। 25 -26 का शिक्षा सत्र भी चालू हो गया है लगभग एक पखवाड़ा समाप्त हो गया है।80% अभिभावकों ने अपने बच्चो की निजी प्रकाशको की पुस्तके खरीद ली हैं। अब अभिभावकों के आर्थिक नुस्कान की भरपाई कैसे संभव होंगी। अभिभावकों को निजी प्रकाशको की महंगी एवं अमान्य पुस्तकों को खरीदना ना पड़े। मध्य प्रदेश के सभी जिला स्तरों पर इसकी निगरानी स्कूलों से संबंधित बनाई गई। जिला समितियां के द्वारा ठोस और कठोर कार्रवाई कराई जाए। जनहित में नियम अनुसार अभिभावकों को राहत पहुंचाई जाए। पत्र की छायाप्रतियाँ केंद्र एवं राज्य के उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

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