: प्रसिद्ध कथावाचक विपिन बिहारी जी ने गैया, मैया और भैया के महत्व को बताया प्रवचन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
Wed, Apr 9, 2025
प्रसिद्ध कथावाचक विपिन बिहारी जी ने गैया, मैया और भैया के महत्व को बताया प्रवचन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
पलोहा बड़ा। स्वयं सिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान जी की कृपा से ग्राम की श्री सीता राम गौशाला में आयोजित श्री राम महायज्ञ के कार्य क्रम मे पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित बिपिन बिहारी जी की ओजस्वी वाणी सुन श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। अपनी भाषा शैली एवं स्पष्ट वाणी के लिए विख्यात वक्ता संत श्री बिहारी जी ने आधुनिक शैली में आ रहे बदलाव और उनसे होने वाले दुष्परिणाम के प्रति लोगो को सचेत किया।व्यक्ति को अपने अंदर के चार अवगुण काम क्रोध लोभ मोह को त्याग कर ईश्वर की शरण में जाने के लिए प्रेरक प्रसंग सुनाएँ।महाराज श्री ने अपनी बुंदेली भाषा में कथा कहकर श्रोताओं को हँसाया। कथा पूर्व महाराज जी का पूजन यज्ञ आयोजक पंडित नरेश जी अवस्थी ने किया। सर्व ब्राह्मण सभा की ओर से पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र त्रिपाठी, संजय अवस्थी ने, श्री राम गौशाला की ओर से हरीबाबू पटेल, आयोजन समिति की ओर से सचिन अवस्थी ने पूजन कर महाराज जी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पंडित हिमांशु तिवारी ने मंत्रोच्चार् किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अंजू शुक्ला,सुबोध शास्त्री, विश्वनाथ दुबे, दिनेश उपाध्याय, विवेक अवस्थी,रोहित अवस्थी,तनिष्क उपाध्याय, अभिषेक अवस्थी,शिबम अवस्थी, अंचल अवस्थी सहित विप्र जनो ने आशीर्वाद लिया।
: ऋषि कृषि (गो आधारित कृषि) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
Wed, Apr 9, 2025
ऋषि
कृषि (गो आधारित कृषि) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
सुसनेर/ 09 अप्रैल, मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव में भारत सरकार द्वारा गठित कामधेनु गो आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर वल्लभ भाई कथेरिया के मुख्य आतिथ्य में त्रि दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ ।डॉ बल्लभ भाई कथारिया ने कहा कि गौ अभयारण्य सालरिया में आकर ही गाय माता की पवित्रता को हम समझ सकते हैं । हमें अब नई क्रांति की पहल की जरूरत है और वह होगी गोबर क्रांति । उन्होंने बताया कि मैं किसान का बेटा हु मे भी गाय माता के बीच में पला बढ़ा हु और गाय माता का खूब घी दूध पिया है इसलिए हमें गाय माता की महिमा का पता है।उस जमाने में हम सुबह के उजाले होते ही खेत में पहुंच जाते थे। और खेती के कार्य में जुट जाते थे उस समय उनकी उपयोगिता क्या थी हमें पता है लेकिन आज मशीनी कृषि और रासायनिक खेती के चलते कैंसर जैसी भयानक बीमारियो ने विकराल रूप ले लिया है। इस बात को में इसलिए जनता हु क्योंकि में भी कैंसर सृजन हु और मुझे पता है कि पेस्टिसाइड दवाओं कीटनाशक जहरीलेरासायनिक खाद्य मानव जीवन के लिए खतरा बन गए हैं जिसका एक ही उपाय है कि हम सभी गौ आधारित खेती करें । पुराने समय की भांति हमें उत्तम खेती पर ध्यान देना होगा उस भाव को जगाना होगा तभी हम गौ सेवा के माध्यम से गौ आधारित कर ऋषि कृषि परंपरा को आगे बढ़ा सकते हैं। हमें श्वेत क्रांति व हरित क्रांति की तरह गोबर क्रांति पूरी देश में लानी होगी । जिससे हम गोबर और गौ मूत्र को प्रायमरी प्रोडक्ट बनाए और दूध को सेकेंडरी उत्पाद बनाकर धर्म और अर्थ का लाभ ले।गावो विश्वव मातर:के पूज्य भाव को समझना होगा। हमें घर घर गाय माता रखना होगी और की गाय माता की सेवा करने के लिए हम आगे आना होगा तभी हम गौ आधारित कर सकते हैं। इसके लिए हमें गांव गांव एंबेसेडर बनकर गौ सेवा में आगे आना होगा।इस बार गौ उद्योगी उत्पाद के लिए गो सेवकों के लिए कृषि वैज्ञानिकों के लिए गोबर गौ मूत्र, और गौ आधारित कृषि जुड़े लोगों के लिए जयपुर में 30 मई से 4 मई तक मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आप सभी लोग अपने परिवार गो सेवकों के साथ जरूर आए और गौ महिमा को समझें। क्योंकि हमें गौ आधारित कृषि से हमारी अर्थ व्यवस्था कैसे सुदृढ़ करें इस विषय पर जागरूक रहने के लिए विस्तृत चर्चा इस शिविर में होगी।प्रशिक्षण शिविर के द्वितीय दिवस पर गोयल ग्रामीण कृषि अनुसंधान से डॉक्टर पवन जी टांक एवं तृतीय दिवस पर बंशी गिर गोशाला के संस्थापक एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ गोपाल भाई सुतारिया का मार्गदर्शन मिलेगा ।प्रशिक्षण शिविर में धेनु धरती फाउंडेशन के संरक्षक गोबर गोपाल दास जी महाराज एवं संचालन धेनु धरती फाउंडेशन के प्रमुख अजीत शर्मा ने किया ।
: पोषण पखवाड़ा के 7वें संस्करण का हुआ शुभारम्भ.....
Tue, Apr 8, 2025
पोषण पखवाड़ा के 7वें संस्करण का हुआ शुभारम्भ....
.आगर-मालवा। महिला एवं बच्चों में कुपोषण दूर करने हेतु पोषण पखवाड़ा के 7वें संस्करण का जिले में मंगलवार को शुभारंभ हुआ। यह पखवाड़ा 08 अप्रैल से 22 अप्रैल तक मनाया जाएगा। इस वर्ष पोषण पखवाड़े में चार प्रमुख विषयों पर जोर दिया जाएगा. जीवन के पहले 1000 दिनों पर ध्यान, पोषण ट्रैकर के लाभार्थी मॉड्यूल को लोकप्रिय बनाने हेतु प्रचार-प्रसार, समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन माड्यूल के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन और बच्चों में मोटापे से निपटने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को बढ़ावा देना।पोषण पखवाड़ा शुभारम्भ का विकास खण्ड स्तरीय कार्यक्रम आंगनवाड़ी केन्द्र-04 तनोड़िया पर आयोजित किया गया। जहां राज्य स्तरीय शुभारम्भ का वेबकास्ट के माध्यम से सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं की सामूहिक गोद भराई की गई एवं 1000 दिवस के अवधारणा को बताया गया। साथ ही जनजागरुकता के लिए पोषण रैली निकाल कर पोषण शपथ ली गई। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी मनीषा चौबे ,सरिता नवरंग,संगीता तोमर पर्यवेक्षत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी की दर्ज गर्भवती, धात्री महिला और किशोरी बालिकाएं उपस्थित रही।