: कष्ट उठाने वाले ही कष्ट दूर कर सकते है, गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
Mon, Mar 31, 2025
कष्ट उठाने वाले ही कष्ट दूर कर सकते है, गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
सुसनेर। जनपद सुसनेर क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य सालरिया में चल रहें एक वर्षीय गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के प्रथम दिवस भारतीय नूतन वर्ष विक्रम संवत् २०८२ रविवार को श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास के न्यासी बोर्ड कार्यकारिणी एवं सुरभि प्रज्ञा परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के कार्यकारी प्रधान संरक्षक परम गो वत्स पूज्य राधाकृष्ण जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में बताया कि एक बार भानपुरा पीठ के जगतगुरू शंकराचार्य पूज्य स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरी जी महाराज ने हरिद्वार में एक सन्यासी को बताया कि राजस्थान में एक ऐसा स्थान है जहां लाखों गोमाता की सेवा होती है और वहां एक समय के चारे की ही व्यवस्था रहती है लेकिन वहां एक ऐसे संत है जो सायंकाल के चारे के लिए भजन करते है और ठाकुर जी चारे की व्यवस्था कर देते है,ऐसे दिव्य संत है पूज्य पथमेड़ा महाराज जी ,जिनका जन्म केवल भगवती माता की सेवा के लिए ही हुआ है।पूज्य महाराज जी ने आगे बताया कि भगवती गोमाता के लिए अगर कष्ट उठाना पड़े तो हमें घबराना नहीं चाहिए क्योंकि "कष्ट उठाने वाले ही कष्ट दूर सकते है " साथ ही गौसेवा करने वालों की बैठक देश के क्रांतिकारियों की बैठकों की तरह होनी चाहिए और हमारे हर न्यासी को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हम विश्व के लोक प्रसिद्ध गोसेवा संस्थान के न्यासी है और हर कार्यकर्ता को यह ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए कि पूज्य पथमेड़ा बावजी हमारे हृदय में है इस प्रकार हम कार्य में जुटेंगे तो हम श्रेष्ठ कार्य कर पाएंगे साथ ही महाराज जी ने कहा कि आजकल किसी भी सत्संग एवं कथा की धन इकठ्ठा करने का माध्यम मानकर हम जाने अनजाने में भगवान का अपमान कर रहे है जबकि सत्संग एवं कथा तो केवल भाव जागृत करने का माध्यम होना चाहिए । बैठक में श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के राष्ट्रीय संयोजक ग्वाल संत गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि हमें ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए ओर हम अपने परिवार को भी गोसेवा के कार्य से जोड़ेंगे तो हम हमारे कार्य को ओर अच्छे से कर पाएंगे ।अरबुदा गो नंदी तीर्थ के संरक्षक गोविन्द वत्सल दास जी ने बताया कि गोमाता का कार्य ईश्वरीय कार्य है और इसके लिए भगवान ने हमें निमित्त बनाया है यह हमारा शौभाग्य है साथ ही मनुष्य को कभी यह अंहकार नहीं करना चाहिए कि यह मैने किया है और जहां मैं की भावना आ जाती है वहीं से उस मनुष्य के पतन की शुरुआत हो जाती है और जिसके मन में दृढ़ संकल्प हो ओर मन में पक्का विश्वास हो तो कार्य में कोई बाधा नहीं आती ।गोपाल परिवार से वरिष्ठ साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती ने बताया कि गौसेवा में मातृशक्ति की भी अहम भूमिका होनी चाहिए और जिस कार्य में मातृशक्ति का सहयोग पुरुष को मिलता है वह कार्य और श्रेष्ठता से होता है और पूज्य गुरुदेव स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में धेनु शक्ति संघ नामक संगठन मातृशक्ति के लिए गठित किया है,जिसमें पांच हजार गोव्रती माता बहिनों के माध्यम से एक करोड़ माता बहिनों को गो सेवा कार्य में जोड़ा जाएगा ।बैठक में श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास के अध्यक्ष प्रदीप बंसल,कार्यकारी अध्यक्ष रघुनाथ सिंह,महामंत्री अर्जुन सिंह एवं कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश जी ने आगामी वर्ष की कार्य योजना पर अपने विचार रखे ,बैठक में देश भर के सभी न्यासियों ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य जो 01 जनवरी 2023 से विश्व के लोक प्रसिद्द गो सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित है,उसे विश्व का प्रसिद्द गो पर्यटक स्थल बनाने एवं मध्यप्रदेश के यशस्वी गोसेवक मुख्यमंत्री जी की इच्छानुसार इस गो अभयारण्य का नाम परिवर्तन कर *श्री कामधेनु गोकुल गोधाम* करने का प्रस्ताव लेकर राज्य सरकार को भिजवाने का निर्णय लिया बैठक का संचालन कार्यपालन अधिकारी आलोक सिंहल ने किया बैठक में देशभर के सभी राज्यों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
: गाडरवारा,पंचांग पूजन कर नववर्ष मनाया
Sun, Mar 30, 2025
पंचांग पूजन कर नववर्ष मनाया
गाडरवारा।प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा नूतन वर्ष विक्रम संवत् 2082 चैत शुक्ल एकम बैठकी के दिन परंपरागत रूप से प्रातः की मंगल बेला में पंचांग पूजन संपन्न किया गया ।ज्ञात हो कि भारतीय नव वर्ष पर नया पंचांग प्रारंभ होता है जिसकी शुरुआत में बैठकी के दिन पूजन की जाती है।पूजन कर प्रसाद का वितरण हुआ और सामूहिक आरती हुई । इस अवसर पर पंचांग के वार्षिक प्रतिफल का वाचन किया गया जिसमें यह बताया गया कि यह सब संवत्सर भारत के लिए आर्थिक रूप से स्थिरता व विकास लेकर आएगा, न्यायपालिका से जुड़े बड़े फैसले आ सकते हैं, गर्मी व बारिश के असामान्य प्रभाव की संभावना है और विश्व में अशांति रहेगी।पूजन विधि पंडित शांतनु शर्मा, पंडित विश्वनाथ दुबे द्वारा संपन्न कराई गई।। कार्यक्रम में डॉक्टर उमेश द्विवेदी ,महेश अधरुज ,नागेंद्र त्रिपाठी ,कृष्णगोपाल स्वामी, आनंद दुबे, सुबोध राजोरिया, बृजेश अधरुज, संदीप स्थापक, रमाकांत पाराशर, विनायक द्विवेदी, नागेंद्र शुक्ला, सुरेन्द्र द्विवेदी आदि उपस्थित थे
: मध्यप्रदेश की भांति हर राज्य में शासन एवं समाज के सहयोग से एक एक गो अभयारण्य स्थापित हो, गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
Sun, Mar 30, 2025
मध्यप्रदेश की भांति हर राज्य में शासन एवं समाज के सहयोग से एक एक गो अभयारण्य स्थापित हो, गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के प्रथम दिवस पर पूज्य गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज ने बताया कि जैसे वर्षा जल की बूंदों को नहीं गिना जा सकता है ठीक उसी प्रकार गौमाता के गुणों को नहीं पहचाना जा सकता है, कुछ लोगों को लगता है गौमाता एक सामान्य प्राणी है, पशु है, दूध देने वाला जीव मात्र है।कुछ लोग गाय की आराधना स्वीकार नहीं कर सकते, उनकी आरती करना उन्हें ठीक नहीं लगता लेकिन अगर साक्षात भगवान को पाना है तो फिर गोमाता की सेवा करनी होंगी और भारतीय नूतन वर्ष विक्रम संवत् २०८२ के प्रथम दिवस पर गोमाता के प्रथम दर्शन पाकर अति आनंद की अनुभूति हुई क्योंकि भगवती गोमाता का यह तीर्थ सिद्ध तीर्थ बन गया है। क् एक वर्ष से जो अनुष्ठान यहां चला है , उससे गौसेवा एवं गो संरक्षण को बल मिला है और जहां सेवा होती है भगवान वहां साधन देते है और विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में तो शासन एवं समाज दोनों ने मिलकर भगवती गोमाता की सेवा कर रहें है और अभ्यारण्य की 6700 गोवंश स्वस्थ एवं प्रसन्न है ।पूज्य महाराज जी ने भारत सरकार सहित देश की सभी राज्य सरकारों से आह्वान किया कि मध्यप्रदेश के इस गो अभयारण्य की भांति सभी राज्यों में एक एक गो अभयारण्य स्थापित हो जाए जहां मध्यप्रदेश की भांति शासन एवं समाज मिलकर गोपालानंद जी महाराज जैसे दिव्य संतो के सानिध्य में गोसेवा में जुटे तो भारत में गोमाता को स्वत: सम्मान मिल जाएगा ।महाराज जी ने बताया कि एक वर्षीय गौ आराधना महामहोत्सव में पूरे वर्ष भर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से गौमाता के लिए चुनर यात्रा लेकर आए, जिस प्रकार अपनी मां बहन के लिए ओढ़नी लेकर जाने का जो भाव मन में होता है ठीक वही भाव गौमाता को चुनर ओढ़ाने के समय देखा उससे मन खूब आनंदित हुआ। जिस जिस ने पूरे वर्ष भर में गौमाता को चुनर ओढ़ाई वह निश्चित रूप से गौमाता को तकलीफ नहीं पहुंचाएंगे।महाराज जी ने सभी देश वासियों से आग्रह किया कि गर्मी का मौसम है ओर आप जहां भी हो वहां गोमाता के पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य करें क्योंकि गोमाता को पानी पिलाने से ठाकुर जी प्रसन्न होते है साथ ही महाराज ने कहां कि जब भी आप,सत्संग ,मंदिर एवं गोशालाओं में जाएं तो अकेले नहीं जाओ, सबको साथ लेकर जाओ क्योंकि जीवों के सम्मुख रहने से भगवान राजी होते है ।महाराज जी ने देश के राजनेताओं को नसीहत देते हुए कहां कि देश के बड़े बड़े राजनेता अपने घरों पर गोमाता रखकर या गोमाता को रोटी खिलाकर अपना फोटो तो खींचवा लेते है,लेकिन जब गोमाता को सम्मान दिलाने की बात आती है तब वे मौन हो जाते ,देश के उन राजनेताओं को जिनसे देश एवं सनातन को अपेक्षा है वे तो कम से कम अपनी कथनी करनी में भेद न रखें साथ ही महाराज जी ने गोमाता को राजमाता का सम्मान देने वालों को भी याद दिलाया कि जिन राज्यों में गौमाता को राज्य माता का दर्जा दिया है, उनको चाहिए कि वह गौमाता को वह अधिकार भी देवे और राजनैतिक पार्टिया सिर्फ वोटों के लालच के लिए गौमाता का उपयोग करना बंद करें ।उपसंहार उत्सव के प्रथम दिवस पर श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास के न्यासी बोर्ड केंद्रीय कार्यकारिणी एवं सुरभि प्रज्ञा परिषद बैठक सायंकाल 06 बजे से 08 बजे तक गो अभयारण्य में पूज्य संतो के सानिध्य में आयोजित होने जा रही है।एक वर्षीय गोकृपा कथा के उपसंहार उत्सव के प्रथम दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के बीकानेर के देरासर, से रामलाल गुसाईसर,हुक्माराम भाई ,झालावाड़ जिले के बोलियाबारी ग्राम के ग्रामवासियों एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के छापीहेडा एवं सुसनेर तहसील के सालरिया ग्राम के साथ साथ ग्राम गावडी ग्राम से मनीषा जिनके पिताजी की आखिरी इच्छा थी कि गौ माता के लिए चुनर ले जाए उनकी एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई पर अब उनकी बेटी मनीषा और बेटा रघुवीर सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।