: राखी का फर्ज (लघुकथा )एवम रक्षाबंधन पर दोहे
Mon, Aug 19, 2024
राखी का फर्ज (लघुकथा ) एवम रक्षाबंधन पर दोहे सुशील शर्मा की कलम से
प्रकाश को आज अपनी बहिन के पास राखी बँधवाने जाना था। उसका मन बहुत निराश था जब भी प्रकाश अपनी बहिन के घर जाता था उसके अंदर एक लघुता की भावना आ जाती है इसका मुख्य कारण उनके जीवन स्तर में जमींन आसमान का अंतर होना है। शहर के रईसों में उनकी गिनती है करोङो के मालिक राजनैतिक रसूख वाले और प्रकाश एक साधारण नौकरीपेशा वाला व्यक्ति हालाँकि उसकी बहिन ने कभी भी इस बात का अहसास उसे नहीं होने दिया। प्रकाश के सभी भाई भी उच्च नौकरी पेशा एवं करोड़ों की आमदनी वाले थे। स्वाभाविक है उन लोगों के सामने प्रकाश की कोई हैसियत नहीं थी बस इसी बात पर मन कचोट जाता था कि वह अपनी बहिन को अपने अन्य भाइयों जितने महँगे तोहफे नहीं दे सकता था। प्रकाश ने पत्नी से कहा "रत्ना के लिए इस साल क्या ले जाऊँ ""जो तुम्हारी इच्छा हो वैसे उन्हें हम क्या दे सकते हैं जितना दें उतना कम है। "प्रकाश की पत्नी ने उसकी मनस्थिति भाँपते हुए कहा।"इस बार तनख्वाह अभी मिली नहीं है बेटी को पैसे भिजवाने हैं समझ नहीं आ रहा क्या करूँ। "प्रकाश ने निराशा से कहा।"रक्षाबंधन पर बहिन के घर खाली हाथ नहीं जाते उन्हें हज़ार पाँच सौ रूपये भी नहीं दे सकते। "प्रकाश ने अनमने भाव से कहा।उसी समय रत्ना का फोन आया बोली भैया आप सपरिवार राखी पर जरूर आना और मुझे एक प्यारा सा तोहफा जरूर लाना और हाँ छोटे और मँझले भैया भी आ रहे हैं ।"प्रकाश ने उससे कहा " रत्न तेरा भाई तुझे कैसे भूलेगा मैं जरूर आऊँगा ।' रक्षा बंधन के दिन प्रकाश अपनी पत्नी एक महँगी सी साड़ी जो करीब एक हज़ार रूपये की थी लेकर अपनी बहिन के आलीशान बंगले पर पहुँचा वहाँ का वैभव देख कर वह अपने को को बहुत नीचा महसूस करने लगा लेकिन मन बहुत खुश था कि उसकी बहिन रानियों जैसी रहती है।प्रकाश के दोनों भाई भी आ चुके थे वो एक दूसरे से बहुत प्रेम से मिल रहे थे लेकिन प्रकाश के मन में बहुत द्वन्द था कि उसके दोनों भाइयों की तुलना में उसके उपहार की बहिन के घर पर हँसी न उड़े मन बहुत अशांत था। रक्षाबंधन शुरू हुआ सबसे पहले छोटे भाई को राखी बाँधी उसने गिफ्ट में एक हार दिया जिसकी कीमत करीब दो लाख रूपये थी बहुत सुंदर हार था सब उस हार की प्रशंसा कर रहे थे ,उसके बाद मँझले भाई ने बहिन को हीरे की एक अंगूठी दी जिसकी कीमत भी करीब डेढ़ लाख के आसपास थी। प्रकाश का दिल बैठ गया उसे समझ में नहीं आ रहा था की वह कैसे इनके सामने अपना उपहार दे रत्ना के ससुराल वाले क्या सोचेंगे इतनी सस्ती साड़ी तो उनके यहाँ की नौकरानियाँ भी नहीं पहनती।रत्ना मुस्कुराते हुए प्रकाश की ओर बढ़ी प्रकाश का चेहरा मुरझाया सा था बनावटी हँसी के साथ प्रकाश ने अपना हाथ आगे बढ़ाया रत्ना ने उसे राखी बाँधी और तोहफे के लिए मुस्कुरा कर उसकी ओर देखा प्रकाश ने काँपते हाथों से अपना बैग उठाया इतने में रत्ना ने प्रकाश के हाथ से बैग छीन लिया "मुझे भाभी ने बताया है आप मेरे लिए बहुत सुन्दर उपहार लाये हैं मैं अभी पहन कर आती हूँ " रत्ना बैग को लेकर अंदर गई। वो क्षण प्रकाश के लिए बहुत विषम थे उसे अपने आप पर गुस्सा आ रहा था साथ ही कुछ समझ में भी नहीं आ रहा था कि वो क्या करे ।रत्ना अंदर से जब बाहर निकली तो बहुत सुन्दर सोने की जड़ी वाली साड़ी पहने थी साथ में हाथों में सुन्दर सोने की चूड़ियाँ कानों में सोने के कुंडल ,पाँव में सोने की पायल ,माथे पर सोने की बिंदी बिलकुल राजकुमारी जैसी लग रही थी। "भैया इतना सुन्दर उपहार आप वाकई में मेरे सबसे अच्छे भैया हो "रत्ना मुस्कुराते हुए मुझे देखा। "पर ये सब ..... "प्रकाश हक्का बक्का रत्ना की और देख रहा था।"चलो भैया अब हमलोग सब खाना खाएँगे " उसने प्रकाश को बोलने नहीं दिया और सब लोग भोजन करने के लिए बैठ गए वह इठलाती हुई सबको वो सारी चीजे बता रही थी उसके ससुराल वाले भी प्रकाश की तारीफ कर रहे थे और प्रकाश अपराधबोध से दबा जा रहा था।प्रकाश की आँखों में कृतज्ञता के आँसू थे।आज उसकी बहिन ने उसके सम्मान की रक्षा की उसे मालूम था उसका गरीब भाई सबके सामने अपमानित होगा खुद को छोटा महसूस करेगा,भाई के सम्मान की रक्षा के लिए उसने खुद इतने महँगे तोहफे प्रकाश के नाम से सबको दिखाए ताकि प्रकाश को नीचा न देखना पड़े।जब प्रकाश वापिस जा रहा था तो प्रकाश की आँखों में स्नेह और कृतज्ञता के आँसू थे।"रत्ना तू वाकई रत्न है"प्रकाश के स्वर में लड़खड़ाहट थी।"भैया आपका सम्मान मेरे लिए हर चीज से ऊपर है" उसने मुस्कुराते हुए कहा।रत्ना ने थैले में से उसकी भाभी की भेजी साड़ी निकाल ली एवम उसकी जगह वो सारे तोहफे जो उसने सबको प्रकाश के लाये हुए बताए थे रख दिए। "नही रत्ना तूने इतना किया इतना ही काफी है मुझे इन सब महँगी चीजों की जरूरत नही है और फिर तू मुझसे छोटी है तुझसे ये सब कैसे ले सकता हूँ"प्रकाश ने प्रतिरोध करते हुए कहा।"भैया आप स्वाभिमानी हैं मुझे मालूम है मैं आपको कुछ नही दे रही हूँ मुझे मालूम है आप कुछ नही लेंगे ये सारी चीजें में अपनी भतीजियों को दे रही हूँ उनको देने का तो मुझे अधिकार भी है और हक़ भी है ।" रत्ना ने जबरदस्ती वो सारे पैकेट एक नए बैग में रख कर मुझे विदा किया।रास्ते में प्रकाश अपने आप बड़बड़ा रहा था"पगली तूने तो मुझे वो दे दिया जिसका कर्ज तेरा भाई कभी नही उतार सकता,तूने मेरा सम्मान मेरा बड़प्पन बचा लिया"प्रकाश की आँखों से अविरल धारा बह रही थी कलाई पर रत्ना की राखी चमक रही थी।
रक्षाबंधन पर दोहे
राखी तिलक मिठाई ले ,बहना आई द्वार।सजी कलाई भ्रात की ,बहना का आभार। बचपन की अठखेलियाँ ,नेह भरी तकरार।जब से तुम बहना गयीं ,सूना है संसार। कच्चे धागों में बँधा ,रिश्तों का संसार।निर्मल, स्वारथ से रहित ,भ्रात बहिन का प्यार। भैया बस उपहार में ,चाहूँ तेरा साथ।सुख -दुख में भैया रहे ,सिर पर तेरा हाथ। सुख-दुख में बहिना सदा ,रहूँ तुम्हारे संग।दामन में तेरे भरूँ ,नित खुशियों के रंग। भ्रात बहिन का प्रेम है ,रिश्तों का वरदान।निश्छल अनुपम नेह का ,यह पावन अनुदान। रेशम का धागा बँधा ,सुंदर तिलक ललाट।बहिन नेह का दीप ले ,जोहे भाई बाट। रक्षाबंधन पावनी ,नेह नियम का पर्व।निर्मल रिश्तों पर करें ,बहिना भाई गर्व। रक्षा बंधन के पावन पर्व पर आत्मीय शुभकामनाएं।सुशील शर्मा
: कुंडलपुर में भगवान श्रेयांशनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 19 अगस्त को मनाया गया
Mon, Aug 19, 2024
कुंडलपुर में भगवान श्रेयांशनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 19 अगस्त को मनाया गया
कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में जैन धर्म के 11 वें तीर्थंकर भगवान श्री श्रेयांश नाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 19 अगस्त वात्सल्य पर्व रक्षाबंधन के पावन अवसर पर धूमधाम से मनाया गया।इस अवसर पर प्रातः भक्तामर महामंडल विधान ,पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक ,शांतिधारा, पूजन, विधान होगा अत्यंत भक्ति भाव के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती होगी।
: बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे -मुख्यमंत्री डॉ.यादव
Sun, Aug 18, 2024
बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे -मुख्यमंत्री डॉ.यादव
उज्जैन में लाड़ली बहना रक्षाबंधन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने किया बहनों से संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
बहनों को झुलाया झूला और पुष्प-वर्षा कर किया स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनों के अशीर्वाद से मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। रक्षाबंधन पर बहनों का स्नेह ही सबसे बड़ा आशीर्वाद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के रघुनन्दन गार्डन पंवासा, सुमन गार्डन एवं शिवांजली गार्डन में आयोजित लाड़ली बहना रक्षाबंधन कार्यक्रम में उपस्थित बहनों से संवाद कर रहे थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का परचम पूरी दुनिया में लहरा रहा है। दुनिया भारत देश एवं भारतीय संस्कृति की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि सरकार का समाज के साथ सरोकार होना चाहिये। सरकार को समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन त्यौहार के पहले ही सरकार ने प्रदेश की एक करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खाते में प्रतिमाह मिलने वाली राशि 1250 के अतिरिक्त रक्षाबंधन शगुन के रूप में 250 रुपये भी जमा कराये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सरकार लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर पूरा उज्जैन शहर आज आनन्द में डूब गया है। यह हम सबका सौभाग्य है कि हम भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन के वासी हैं।प्रारम्भ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और कन्याओं का पूजन भी किया। बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप बड़ी राखी भेंट की और उपस्थित बहनों से अपने भैया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन पर उपहार भी भेंट किये। मुख्यमंत्री ने बहनों को अपने हाथों से झूला भी झुलाया और बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत-अभिनन्दन किया।जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री फिरोजिया, राज्यसभा सांसद श्री उमेशनाथजी एवं विधायक श्री जैन ने सम्बोधित कर बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं और बधाईयां दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण भी किया।इस अवसर पर महापौर श्री मुकेश टटवाल, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री विवेक जोशी, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, श्री जगदीश अग्रवाल, श्री श्याम बंसल, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।