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: संतरे की खेती करके आत्मनिर्भर बने पायली के कृषक जुगल किशोर पाटीदार “खुशियों की दास्तां“

Aditi News Team

Tue, Feb 9, 2021

आगर-मालवा,सुसनेर विकासखण्ड के ग्राम पायली में कृषक श्री जुगल किशोर पाटीदार ने अपनी कृषि भूमि पर 3500 संतरे के पौधे लगाए हैं। श्री पाटीदार बताते हैं कि वे वर्षों से अपनी भूमि पर परम्परागत रुप से पहले गेंहू एवं सोयाबीन की फसल बोते थे। जिससे उन्हें कुछ खास लाभ नहीं मिल रहा था। जब उन्हें पता चला कि संतरे का उत्पादन से लाभ अच्छा मिल सकता है। तब से उन्होंने संतरे की खेती करना प्रारंभ कर दिया। श्री पाटीदार का कहना हैं कि तभी उन्होंने नागपुर से 3500 पौधे लाकर खेत में संतरे का बगीचा लगाया है।
    श्री पाटीदार बताते हैं कि वे समय- समय उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में भी जाते हैं, एवं विशेषज्ञ के द्वारा दिए गए फसल के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। तथा उसका अमल भी अपनी फसल में करते हैं। श्री पाटीदार कहते है कि उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने जैविक खाद का उपयोग खेती में किया, जिसके फल स्वरुप संतरे के पौधों में फल भी अच्छे लगे हैं। श्री पाटीदार बताते हैं  कि अब उन्हें लागत सहित अन्य सभी खर्चों को घटाने के बाद अच्छा लाभ प्राप्त हो जाता है। वे अपनी संतरे की फसल को बाहर मंडियों में बेचते हैं, तथा बाहर के व्यापारी भी गांव में आकर उनकी फसल अच्छे दामो पर खरीद लेते हैं। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी हुई है तथा वे आत्मनिर्भर बन गए।
    श्री पाटीदार  प्रदेश सरकार एवं उद्यानिकी विभाग को धन्यवाद देते हुए कहते हैं, की प्रदेश सरकार ने हमारे जिले की संतरे की फसल को एक जिला एक उत्पाद में शामिल कर हमें आत्मनिर्भर बनाते हुए हमारी फसल की पहचान देश प्रदेश में बड़ाई है।

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