हिन्दी हमारी पहचान और स्वाभिमान की भाषा : राजभाषा सेवा में योगदान देने वाले साहित्यकारों का हुआ सम्मान
Aditi News Team
Wed, Sep 16, 2026
हिन्दी हमारी पहचान और स्वाभिमान की भाषा, कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
राजभाषा सेवा में योगदान देने वाले साहित्यकारों का हुआ सम्मान
गाडरवारा। चेतना मध्यप्रदेश सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक एवं पर्यावरण संस्था, गाडरवारा के तत्वावधान में हिन्दी दिवस के अवसर पर राजभाषा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह 2026 का आयोजन अम्बाजी इंस्टिट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन, प्रशान्ति निलयम, गाडरवारा में किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के प्रति जागरूकता तथा साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। समारोह के दौरान कवि सम्मेलन भी आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों और युवाओं को हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ अपनी लेखनी के माध्यम से भाषा को समृद्ध करने का प्रयास करना चाहिए।
वरिष्ठ समाजसेवी मिनेन्द्र डागा ने कहा कि मातृभाषा और राजभाषा के प्रति सम्मान समाज की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है। उन्होंने हिन्दी के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने तथा नई पीढ़ी को हिन्दी साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्रीभगवान उपाध्याय, शिक्षाविद, बरमान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हिन्दी के सहज और प्रभावी प्रयोग से विद्यार्थियों में अपनी भाषा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हिन्दी को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
ध्यान सिंह कौरव, अध्यक्ष, साहित्य निशा परिषद, बरमान ने साहित्यिक संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन रचनाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज में साहित्य और भाषा के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं।
समारोह में अपनी लेखनी एवं साहित्यिक योगदान के माध्यम से हिन्दी और राजभाषा की सेवा करने वाले रचनाकारों को “राजभाषा सेवा सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित साहित्यकारों में श्री नरेन्द्र सराठे (नरसिंहपुर), श्री सुनील “तन्हा” (आमगाँव बड़ा), श्री अमित जैन “संजय” (करेली), श्री शिवकुमार पाठकार “शिवा” (तेंदूखेड़ा), श्री विवेक दीक्षित “स्वतंत्र” (गाडरवारा), श्री वृंदावन बैरागी “कृष्णा” (कोड़िया), सुश्री साक्षी पारासर (गाडरवारा), श्री मुकेश रघुवंशी (खला), श्री निहाल छीपा “नवल” (गाडरवारा) एवं श्री शिवम कौरव “संघर्ष” (कान्हरगाँव) शामिल रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने हिन्दी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और राजभाषा के व्यापक प्रयोग का संकल्प व्यक्त किया। इसके पश्चात आयोजित कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर किया।
कार्यक्रम का आयोजन अम्बाजी परिवार, गाडरवारा के सहयोग से किया गया। समारोह में पोषराज अकेला, अखिलेश साहू, सचिन नेमा, श्रीमती निर्मला पारासर, पी एस पुरानिया, सुभाष सोनी, सुनील कुशवाहा साहित्यिक साहित्यप्रेमियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
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