Thursday 17th of September 2026

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फसल बीमा, बिजली, खाद और एमएसपी से जुड़ी प्रमुख मांगें उठाईं

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गाडरवारा में भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन : फसल बीमा, बिजली, खाद और एमएसपी से जुड़ी प्रमुख मांगें उठाईं

Aditi News Team

Thu, Sep 17, 2026

भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

फसल बीमा, बिजली, खाद और एमएसपी से जुड़ी प्रमुख मांगें उठाईं

गाडरवारा।भारतीय किसान संघ (अखिल भारतीय गैर राजनीतिक राष्ट्रवादी संगठन) ने किसानों की ज्वलंत और गंभीर समस्याओं को लेकर शासन एवं प्रशासन के नाम एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। संगठन ने कृषि, सिंचाई, विद्युत एवं राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है।

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट किया कि किसान वर्तमान में खाद की किल्लत, फसल बीमा क्लेम में पारदर्शिता की कमी, बिजली कटौती और उपज के उचित मूल्य न मिलने जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।

प्रमुख मांगें एवं बिंदु:

1. कृषि एवं फसल सुरक्षा:

फसल बीमा योजना: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा राशि भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा शॉर्टफॉल रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। सैटेलाइट आधारित असेसमेंट बंद कर पुनः फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) शुरू किए जाएं। केला और मिर्च को भी इस योजना में शामिल किया जाए।

उपज खरीदी व एमएसपी: सभी कृषि उपज मंडियों में समर्थन मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित हो। मंडियों में डोकेज टेस्टिंग, ग्रेडिंग मशीनें और बड़े तौल कांटे (10 टन) लगाए जाएं। सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा और धान की खरीदी एमएसपी (MSP) पर तुरंत शुरू की जाए।

खाद एवं उर्वरक: प्रदेश में खाद/उर्वरक की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एन.पी.के. खाद पर डी.ए.पी. की तरह अनुदान (सब्सिडी) दिया जाए।

मुआवजा व अनुदान: खरीफ फसलों में अतिवृष्टि, वायरस व अन्य बीमारियों से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा और बीमा लाभ दिया जाए। जंगली पशुओं से फसल नुकसान की पूर्ति शासन द्वारा की जाए तथा तार फेंसिंग एवं कृषि यंत्रों पर अनुदान/कोटा बढ़ाया जाए।

2. सिंचाई एवं विद्युत व्यवस्था:

सिंचाई: प्रदेश में बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए और नहरों की मरम्मत व सफाई समय से पहले कराई जाए।

बिजली व्यवस्था: किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए। रबी सीजन के लिए नए स्थायी/अस्थायी कनेक्शन दिए जाएं।

ट्रांसफॉर्मर एवं बिलिंग: जले हुए ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए 'एंबुलेंस सेवा' शुरू हो और 24 घंटे में बदलाव किया जाए। गलत बिजली बिलों व कृषि पंपों की क्षमता से जुड़े विवादों के समाधान के लिए समिति पुनः चालू की जाए।

3. राजस्व एवं अन्य सुधार:

नामांतरण व बंटवारा: रजिस्ट्री होते ही नामांतरण दस्तावेज क्रेता को दिए जाएं। फौती नामांतरण समय सीमा में जवाबदारी तय कर किए जाएं।

भूमि अधिग्रहण व मुआवजा: किसी भी योजना में भूमि अधिग्रहण करते समय किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए और ग्राम सभा का अनुमोदन अनिवार्य किया जाए।

गौवंश प्रोत्साहन: देशी गाय के दूध पर ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाए तथा प्रदेश में 'कृषि न्यायालय' एवं गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाए।

किसानों की चेतावनी:

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन किसानों के हित में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान बंधु ज्ञापन देने उपस्थित हुए।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

गाडरवारा एसडीएम प्रगति वर्मा

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