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: अगर आप भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाएँ, घट सकती है फर्टिलिटी- डॉ चंचल शर्मा 

Aditi News Team

Sat, Dec 7, 2024
अगर आप भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाएँ, घट सकती है फर्टिलिटी- डॉ चंचल शर्मा  पुरुषों में निःसंतानता के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि असंतुलित आहार, जेनेटिक डिसऑर्डर, अनियंत्रित जीवनशैली, आदि। लेकिन ये ऐसे कारण हैं जिनके बारे में सभी जानते हैं, इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं जिसमे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का अत्यधिक इस्तेमाल भी शामिल है। वैज्ञानिको के शोधों और निःसंतानता की बढ़ती हुई दर को देखते हुए डॉक्टर्स ने भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल को पुरुष प्रजनन क्षमता में हो रही कमी की वजह के रूप में स्वीकार कर लिया है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि दुनियाभर में पुरुषों की फर्टिलिटी में जिस प्रकार गिरावट आ रही है वह चिंता का विषय है। मशीनों ने जहाँ एक तरफ आपके जीवन को आसान बनाया है वहीँ दूसरी तरफ इसके नाकारात्मक प्रभाव भी हैं। वैज्ञानिकों ने जब पुरुष फर्टिलिटी पर रिसर्च किया तो पाया कि जो पुरुष जरुरत से ज्यादा मोबाईल फ़ोन, लैपटॉप, माइक्रोवेव आदि का इस्तेमाल करते हैं उनकी प्रजनन क्षमता औरों के मुकाबले कम होती जाती है। कुछ लोग पुरे पुरे दिन हाथ में मोबाइल फोन और कान में ब्लूटूथ लगाकर घूमते हैं लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं होता है कि यह छोटी सी बात निकट भविष्य में उनकी खुशियां छीन सकती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार मोबाइल फ़ोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से जो रेडिएशन निकलता है उससे पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम होने लगती है और उसकी गति पर भी नाकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर एक पुरुष के स्पर्म की गतिशीलता कम है तो वह महिला के अंडाणु के बाहर की लेयर को तोड़ नहीं पायेगा और ना ही अंदर जाकर एग के साथ फर्टिलाइज़ हो पायेगा। ऐसी स्थिति में वह पिता बनने के सुखद अनुभव से वंचित रह जायेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार इनफर्टिलिटी की दर बढ़कर 15 से 20 प्रतिशत हो गयी है यानी प्रत्येक 100 व्यक्ति में से 20 निःसंतानता की समस्या से जूझ रहा है। जिसमे से 40 प्रतिशत पुरुष हैं। पुरुष इनफर्टिलिटी के लिए कौन सी चीजें हैं जिम्मेदार?  डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, माइक्रोवेव, कंप्यूटर आदि जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों से जो हार्मफुल रेडिएशन निकलता है वह पुरुषों की इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। इससे उनके स्पर्म कॉउंट में गिरावट आती है और स्पर्म की गतिशीलता भी प्रभावित होती है। इस प्रकार अगर आप ध्यान दें तो आपके आस पास रखे हुए कई ऐसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज मिल जायेंगे तो किसी ना किसी रूप में आपकी प्रजनन क्षमता को कम कर रहे हैं। इससे बचाव के तरीके   आप कोशिश करें कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उतना ही इस्तेमाल करें जितने की जरुरत है। अपने सोने का एक निश्चित समय तय करें और रोजाना करीब 7 से 8 घंटे की नींद लें। अपने फ़ोन को जेब में रखने की बजाए किसी बैग में रखें। सोते समय मोबाइल को दूर रखें।  आधुनिक समय में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें यह तो संभव नहीं है क्यूंकि वह हमारी ज़िन्दगी का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है लेकिन आप चाहें तो उसके प्रयोग के समय सचेत रहकर, फर्टिलिटी पर पड़ने वाले उसके नाकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं।

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