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: श्रीराम भगवान को स्मरण कर संपन्न हुआ रामार्चा महायज्ञ

Aditi News Team

Sat, Oct 19, 2024
जितेंद्र दुबे शाहनगर  श्रीराम भगवान को स्मरण कर संपन्न हुआ रामार्चा महायज्ञ शाहनगर नि प्र। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र अनुष्ठानों मे रामार्चा महायज्ञ करने का विधान बताया गया है ।जिससे व्यक्ती की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. नगर के बस स्टेन्ङ स्थित प्रथम श्रोता श्री सुरेश जार धर्मपत्नी श्री मति राजकुमारी जार के यहां आयोजित रामार्चा महायज्ञ में भगवान श्री राम और उनके चारों अवतारों की पूजा विधि -विधान के साथ कथा वाचक 108 श्रो हरिराम तिवारी जी के पावन सानिध्य में संपन्न कराई गयी इस दौरान यज्ञ स्थल का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पवित्रिकरण कर केले के हरे पेङों का मंन्ङप जिसमे गुलाब एवं बेला एवं गेन्दा की सुन्दर लङियों से सुशोभित मंन्ङप एवं वेदी का निर्माण कराया गया संकल्पपूर्वक गौरी-गणेश, वरुण देवता का पूजन हुआ। तत्पश्चात वेदी पर चार आवरण में भगवान श्रीराम जी सहित उनके पूरे परिवार, वीर बजरंग बली, नवग्रह, दस दिगपाल, भगवान शिव, सप्तऋषि, अष्ट वसु, वास्तु, शक्तियों की पूजा और पवित्र नदियों की पूजा इत्यादि की गई। यज्ञ अनुष्ठान को चार आवरण में कराया गया जिसमें प्रथम आवरण में माता गौरी और भगवान शिव की पूजा की गई। इनके अतिरिक्त तेरह देवताओं का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। दूसरे आवरण में श्री अयोध्या जी से लेकर अष्ठमंत्रियों तक कुल 21 देवताओं का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। तृतीय आवरण में महाराज श्री दशरथ जी से लेकर भाईयों में लक्ष्मण कुमार पत्नी उर्मिला जी , भरत पत्नी मांङवी , शत्रुघ्न पत्नी श्रुतकीर्ति और हनुमान जी महराज का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। चतुर्थ आवरण में सीता माता संग भगवान श्रीराम का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। पुजा के दौरान भगवान श्री राम को तांबे के बर्तन में शुद्ध जल और दुग्ध से स्नान कराया गये एवं सुन्दर वस्त्र औरआभूषण अर्पित किए गये वैदिक मंत्रोच्चारण से सारा वातावरण गूंज रहा था और सतत प्रभु चर्चा व वेद मंत्रों की ध्वनि से आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति से ओतप्रोत नजर आया इस दौरान कथा वाचक हरिराम तिवारी जी ने बताया की रामार्चा महायज्ञ कराने से इंसान पुण्य का भागी बनता है। और बैकुंठ प्राप्त करता है ।तत्पश्चात हवन, पूर्णाहुति, आरती, पुष्पांजलि, के साथ कथा मे आये उपस्थित आगंतुकों को प्रसाद वितरण कर कन्या भोज के साथ ब्राम्हण भोज कराया गया ।इस दौरान शिवम जार पत्नी शिवी जार विनय धमेले धर्मपत्नी रश्मी धमेले गौरव बहारे, रचना जार सहित जार परिवार शामिल रहा ।

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