: आज मध्य प्रदेश से सामाजिक समरसता के नए युग की शुरुआत : प्रधानमंत्री श्री मोदी
Sat, Aug 12, 2023
मध्य प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री श्री चौहान और जनता को बधाई और अभिनंदन
https://youtu.be/u9l4EzI4Pes
संत रविदास स्मारक एवं कला संग्रहालय भव्य भी होगा और दिव्य भी
आज शिलान्यास किया है, लोकार्पण करने भी जरूर आऊंगा
गरीब, वंचित और जनजातीय समाज की आकांक्षाएं हो रही हैं पूरी
मध्य प्रदेश और देश में जनजातीय परंपराओं को मिल रहा है सम्मान
सब मिलकर भारत को बिना रुके विकसित राष्ट्र बनाएंगे
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बड़तूमा, सागर में संत रविदास स्मारक और कला संग्रहालय का भूमि पूजन किया
कोटा-बीना रेल लाइन दोहरीकरण और सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया
समरसता यात्रा का किया समापन
प्रधानमंत्री श्री मोदी का राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने स्वागत किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संत शिरोमणि स्वामी रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उन्होंने सामाजिक बुराइयों को दूर किया और समाज को जागृत किया। आज भारत उनके बताये मार्ग पर चलकर गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। सागर में आज समरसता का महासागर उमड़ा है। संत रविदास स्मारक एवं कला संग्रहालय की आधारशिला रखी गई है। यह भव्य भी होगा और दिव्य भी। आज मध्यप्रदेश से सामाजिक समरसता के नये युग की शुरूआत हो रही है। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान और प्रदेश की जनता को मैं बधाई भी देता हूँ और अभिनंदन करता हूँ। आज मैंने इसका शिलान्यास किया है, जब यह एक-डेढ़ वर्ष में पूरा हो जायेगा, तब मैं इसका लोकार्पण करने अवश्य आऊँगा।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज सागर जिले के बड़तूमा में संत शिरोमणि स्वामी श्री रविदास के सौ करोड़ की लागत से बनने वाले स्मारक और कला संग्रहालय के भूमि-पूजन और शिलान्यास के बाद ढाना में जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोटा-बीना रेल लाइन दोहरीकरण का लोकार्पण किया। उन्होंने 1580 करोड़ रूपये से अधिक की लागत की दो सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्रीगण ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का पुष्प गुच्छों से आत्मीय स्वागत किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रकाशन भेंट किए।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि संत जी की शिक्षाएं इस स्मारक स्थल के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरणा देंगी। यहां समरसता का भाव भी रहेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के 20 हजार ग्रामों और करीब 300 नदियों की मिट्टी विभिन्न यात्राओं के माध्यम से सागर तक लाने के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे लाखों परिवारों ने एक एक मुट्ठी अनाज देकर समरसता के भाव को बढ़ाया है। वे इस स्मारक का हिस्सा बनेंगी। पांच समरसता यात्राओं का समापन आज हुआ है। ये यात्राएं यहां खत्म नहीं होंगी, यहां से एक नए युग का प्रारंभ होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रेरणा और प्रगति जुड़ते हैं तो नए युग की नीव पड़ती है। मध्यप्रदेश इन कार्यों के लिए प्रशंसा का पात्र है। मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। समरसता के भाव से जब कार्य होता है तो समाज से संत निकलते हैं। संत रविदास जी भी ऐसे संत और महात्मा थे। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने उस कालखण्ड में जन्म लिया जब मुगलों का शासन था। समाज अत्याचार से जूझ रहा था। तब संत रविदास जी समाज का जागरण कर रहे थे। वे बुराईयों से लड़ना सिखा रहे थे। वे जात-पात के भेद के फेर में उलझे लोगों को मानवता का रास्ता दिखा रहे थे। वे देश की आत्मा को झकझोर रहे थे। तब समाज में बहुत पाबंदियां थीं। संत रविदास जी ने पराधीनता को पाप माना था। उन्होंने समाज को हौसला दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इसी समरसता के भाव से शिवाजी महाराज ने हिन्दवी साम्राज्य की नींव रखी। फिर आगे चलकर यही भाव स्वतंत्रता संग्राम का आधार भी बना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संत रविदास के अनेक दोहों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी चाहते थे कि समाज में कोई भूखा नहीं रहे। हम सब छोटे-बड़े के भाव से ऊपर उठकर मिलकर साथ रहें। संत रविदास जी के इस विचार से प्रेरित होकर हम अमृत काल में गरीबी और भूख से लोगों को मुक्त करने का कार्य कर रहे हैं। कोरोना काल में हमने समाज के वंचित और जनजातीय वर्ग के लिए तमाम आशंकाओं से उठकर 80 करोड़ भारतीयों के लिए गरीब कल्याण अन्न योजना प्रारंभ की। इसकी पूरी दुनिया ने तारीफ की।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश में गरीब कल्याण की योजनाओं का सबसे बड़ा लाभ समाज के गरीब, पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को प्राप्त हो रहा है। जीवन के हर पड़ाव पर देश, महिलाओं और वंचितों के साथ खड़ा है। उनकी आकांक्षाओं को हम सहारा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 6 हजार रूपये की राशि नवजात बच्चे और उसकी मां के लिए प्रदान की जाती है। बीमारियां के खतरे को रोकने में यह योजना मददगार है। मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से नवजात बच्चों की सुरक्षा और उनके टीकाकरण की चिंता सरकार ने की है। इसका लाभ साढ़े पांच करोड़ से अधिक माताओं और बच्चों को मिल रहा है। इसी तरह सिकलसेल मिशन एनिमिया से मुक्ति के लिए संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य है। अन्य रोगों के नियंत्रण पर भी कार्य हो रहा है। ऐसे रोग जिनसे वंचितों और निर्धनों को शिकार बनना पड़ता है, उनके नियंत्रण का कार्य किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में 71 एकलव्य विद्यालय, किताबों की व्यवस्था, विद्यार्थियों के पोषण के लिए मिड-डे मील और सुकन्या समृद्धि योजना भी संचालित है। उच्च शिक्षा केलिए कमजोर वर्ग को छात्रवृत्ति देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुद्रा योजना संचालित है। स्टेंडअप योजना में 8 करोड़ से अधिक हितग्राहियों की आर्थिक सहायता की जा चुकी है। इसके अलावा जनधन योजना का लाभ करोड़ों लोगों को मिल रहा है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हर गरीब के सिर पर छत हो, इसके लिए आवास योजना का लाभ देने और बिजली पानी के निशुल्क कनेक्शन प्रदान किए गए है। वंचित समाज के लोग इस योजना से अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं।
संत रविदास जी के सम्मान में देश और मध्यप्रदेश में संस्थाओं के नामकरण
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बनारस में जहां संत रविदास की जन्म स्थली के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया गया है, वहीं मध्यप्रदेश में भी इस दिशा में अच्छा कार्य हो रहा है। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क गोविंदपुरा का नामकरण संत रविदास जी के नाम पर किया गया है। सागर में संत रविदास जी के जीवन और शिक्षा को प्रदर्शित करने वाले संग्रहालय का निर्माण भी इस श्रंखला में महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश में रानी कमलापति के नाम पर रेलवे स्टेशन और टंट्या मामा के नाम पर पातालपानी रेल्वे स्टेशन का नामकरण किया गया। इसी तरह बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर से जुड़े पंच तीर्थों का विकास हो रहा है। संत रविदास सहित बलिदानियों और महात्माओं की शिक्षाएं इन स्थानों के माध्यम से समाज को एकजुट रखेंगी। सरकार ने ऐसे महापुरूषों के सम्मान का पूरा ध्यान रखा है।
सागर के लाखा बंजारे का विशेष उल्लेख
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सागर की विशाल झील के निर्माता लाखा बंजारे के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर की पहचान लाखा बंजारे द्वारा 400 एकड़ इलाके में निर्मित लाखा बंजारा झील से है। लाखा बंजारे ने पानी की अहमियत को समझा और झील का निर्माण करवाया। सरकार ने लाखा बंजारे की परम्परा को निभाते हुए आजादी के अमृत काल में हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण करवाकर उन्हें सामाजिक समरसता का केंद्र बनाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से घरों तक पाइप लाइन से पानी पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज सागर शहर समरसता का सागर बन गया है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज बुंदेलखंड की इस भूमि पर संत रविदास जी के स्मारक स्थल के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री जी पधारे हैं। यह नींव ऐसे समय डाली गई है जब आजादी के 75 वर्ष हुए हैं। अमृत काल में हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को आगे बढ़ाएं,अतीत से सबक भी लें। संत रविदास महाराज ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। श्री संत रविदास ने कर्म को महत्व दिया। वे परिश्रम से जो भी अर्जित करते थे, उसे संत सेवा और समाज को अर्पित कर देते थे। कई राजा और मीराबाई भी उनके शिष्य थे। संत रविदास वास्तव में सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे।
मध्यप्रदेश, बुंदेलखण्ड और सागर के लिये सौभाग्य का दिन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश, बुंदेलखंड और सागर के लिए सौभाग्य का दिन है। हमने फैसला किया था कि सागर के बड़तूमा में संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। हमारा सौभाग्य है कि भव्य मंदिर के निर्माण के शिलान्यास में श्री मोदी जी पधारे हैं। श्री चौहान ने कहा कि संत रविदास जी भारत को जोड़ने वाले संत थे। कोई छोटा नहीं, बड़ा नहीं, भक्ति कैसे करें इसका संदेश देने वाले थे संत रविदास जी। इस मंदिर के माध्यम से आने वाली पीढ़ियाँ भी संत रविदास जी को जानेंगी और उनके बताए मार्ग पर चलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 80 करोड़ बहनों-भाइयों को नि:शुल्क अन्न की व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की है। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास, उज्ज्वला रसोई गैस के कनेक्शन, शौचालय बनाकर बहनों को सम्मान देने का काम, आयुष्मान भारत योजना बनाकर गरीबों का इलाज कराना, कोविड में वैक्सीन से 140 करोड़ भारतीयों की जान बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी जी के बताए मार्ग पर चलकर मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से 1.40 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ऐसे फैसले किए हैं जो बुंदेलखंड की तस्वीर बदल देंगे। बीना रिफाइनरी पर आधारित पेट्रो केमिकल्स उत्पाद पर 50 हजार करोड़ का निवेश आने वाला है। मैं मोदी जी को धन्यवाद देता हूँ। इसी बुंदेलखंड की धरा पर केन-बेतवा परियोजना का काम जल्दी प्रारंभ होने वाला है। इससे 20 लाख एकड़ जमीन पर बुंदेलखंड में सिंचाई होगी। बुंदेलखंड की धरती पंजाब, हरियाणा को मात देगी। प्रधानमंत्री जी ने 44 हजार करोड़ की योजना का उपहार बुंदेलखंड की जनता को दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में जो हुआ वह अद्भुत और अभूतपूर्व है। अंग्रेजों के बनाए कानून बदले जा रहे हैं। अगर मासूम बिटिया के साथ कोई दुराचार करेगा तो सीधा फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा। एक नए भारत का उदय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हुआ है।मुख्यमंत्री ने बीना रिफायनरी पर आधारित पेट्रो केमिकल्स उत्पाद का शुभारंभ करने और केन-बेतवा के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री जी को आमंत्रित किया। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के चरणों में प्रणाम करते हुए उन्होंने कहा कि जल्दी भव्य मंदिर बनेगा और बुंदेलखंड की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा। मेरी माटी-मेरा देश, प्रधानमंत्री जी ने घर-घर तिरंगा फहराने के आह्वान पर मध्यप्रदेश के घर-घर में तिरंगा फहराया जायेगा।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर में गत 8 फरवरी को संत रविदास मंदिर की योजना को भव्य रूप देकर निर्माण कराने की घोषणा की थी जिसके परिप्रेक्ष्य में अब भव्य और अलौकिक मंदिर बनेगा। मंदिर नागर शैली में 10 हजार वर्ग फुट में बनेगा। इंटरप्रिटेशन म्यूजियम बनेगा। संस्कृति और रचनात्मक के साथ संत रविदास के कृतित्व - व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय भी बनेगा। संग्रहालय में चार गैलरी बनेगी, जिनमें भक्ति मार्ग, निर्गुण पंथ में योगदान, संत जी का दर्शन और उनके साहित्य, समरसता का विवरण भी रहेगा। लायब्रेरी के अलावा संगत हाल, जल कुंड, भक्त निवास भी बनेगा, जो अध्यात्मिक सुविधाओं से युक्त होगा। भक्त निवास में देश विदेश से संत रविदास के अनुयायी और अध्येता आएंगे, जिन्हें संत जी के जीवन से प्रेरणा मिलेगी। भोजनालय का निर्माण 15 हजार वर्गफीट भूमि पर होगा। मंदिर में दो भव्य प्रवेश द्वार होंगे, सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग की व्यवस्था भी रहेगी।संत रविदास जी का मंदिर और कला संग्रहालय भव्य होगा, जो श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व स्थल होगा। दार्शनिक और अध्येता और जिज्ञासु भी देश-विदेश से आएंगे। संत रविदास जी का कृतित्व,- व्यक्तित्व और दर्शन पूरी दुनिया के लिए प्रेरक बनेगा।
समरसता यात्रा का हुआ समापन
सागर जिले में संत रविदास जी के मंदिर निर्माण के लिए समरसता यात्रा निकाली गईं। संत रविदास मंदिर निर्माण के लिए पाँच अलग अलग स्थानों से एक साथ यात्रा निकाली गई थीं। नीमच, मांडव जिला धार, श्योपुर, बालाघाट और सिंगरौली से समरसता यात्रा निकली थीं।गत 25 जुलाई 2023 से शुरू हुई इस यात्रा का आज व्यवस्थित समापन हुआ। इसके पहले प्रदेश के हर गांव से मिट्टी और सभी विकास खंडों की 313 नदियों से सांकेतिक जल लेकर यात्रा सागर पहुंची। प्रदेश के जिलों से होकर संत रविदास मंदिर निर्माण यात्रा गुजरी। मुख्य यात्राओं के साथ 1661 उप यात्रियों ने भी कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान 352 जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समरसता यात्रा के 5 रूटों में 25 लाख से अधिक लोग शामिल हुए।मध्य प्रदेश के 20 हजार 641 गांवों की मिट्टी और 313 नदियों के सांकेतिक जल एकत्र कर सागर पहुंची समरसता यात्रा।यात्रा के दौरान संत रविदास जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित 10 रथ यात्रा निरंतर चलते रहे।प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन से प्रेरित होकर, 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 11.25 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में संत शिरोमणि गुरुदेव श्री रविदास जी स्मारक का निर्माण किया जाएगा। इस भव्य स्मारक में संत शिरोमणि गुरुदेव श्री रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावशाली कला संग्रहालय और कला दीर्घा भी होगी। इसमें स्मारक पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्त निवास, भोजनालय आदि सुविधाएं भी होंगी।
शिलान्यास और लोकार्पण
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की जाने वाली दो सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोटा-बीना रेल मार्ग के दोहरीकरण का लोकार्पण किया, जिसे 2475 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4000 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क क्षेत्र की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोटा-बीना रेल मार्ग के दोहरीकरण के पूरा होने को चिन्हित करने वाली परियोजना का ई-लोकार्पण किया। कुल 2475 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से निर्मित यह परियोजना, राजस्थान के कोटा और बारां जिले तथा मध्य प्रदेश के गुना, अशोकनगर और सागर जिलों से होकर गुजरती है। अतिरिक्त रेल लाइन बेहतर परिवहन के लिए क्षमता में वृद्धि करेगी और इस मार्ग पर ट्रेन की गति में सुधार करने में भी मदद करेगी।
1580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की दो सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज कार्यक्रम में 1580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित की जाने वाली दो सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें मोरीकोरी- विदिशा- हिनोतिया को जोड़ने वाली चार लेन की सड़क परियोजना और हिनोतिया को मेहलुवा से जोड़ने वाली सड़क परियोजना शामिल है।
रेल परियोजना: एक नज़र में
बीना गुना रेल दोहरीकरण कार्य कुल लंबाई 288.236 किलोमीटर है। इसकी अनुमानित लागत: 247.43 करोड़ है।लाभान्वित होने वाले दो राज्य हैं। राजस्थान में 139 किलोमीटर और मध्यप्रदेश में 149 किलोमीटर लंबाई का कार्य हुआ।लाभान्वित होने वाले जिले गुना, अशोकनगर और सागर (मध्यप्रदेश) हैं। साथ ही कोटा, बारां (राजस्थान) भी शामिल हैं। इसमें प्रमुख पुल 32 हैं। रोड अंडर ब्रिज की संख्या 04 और लेवल क्रासिंग 43 हैं।स्टेशनों की संख्या 36 है। अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा है।दूसरी लाइन के निर्माण से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की सेक्शनल गति के साथ ही और अधिक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इस महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल मार्ग पर यात्री और माल यातायात की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करेग। इससे यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुगमता आएगी और समयपालन में सुधार होगा। कोटा-बीना दोहरीकरण परियोजना से कोटा, बारां, गुना, अशोक नगर और बीना आदि शहरों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यह रेल लाइन प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे नागदा महादेव मंदिर, बारां में भैरव जी मंदिर, गुना में हनुमान टेकरी मंदिर, अशोक नगर में जागेश्वरी मंदिर और बीना में रघुनाथ मंदिर (इटावा) जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।इस सेक्शन पर औसतन 42 मालगाड़ियों के परिचालन तथा 25 से अधिक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की गति में सुधार होगा। प्रमुख स्टेशनों कोटा, सोगरिया, भोंरा, छबड़ा, रूठियाई, गुना, अशोकनगर और बीना स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही सुलभ होगी तथा प्लेटफॉर्म उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा। कोटा-बीना दोहरी रेलवे लाइन राजस्थान और मध्यप्रदेश, राज्यों के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति करती है। इस प्रकार कोयले के परिवहन एवं आपूर्ति में तेजी आएगी। यह लाइन कृषि स्थानीय उत्पादों तथा कोयला परिवहन की तेज आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी। यह परियाजना अन्य उद्योगों के लिए भी निवेश आकर्षित करेगी साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करेगी। इससे मध्य प्रदेश के गुना, अशोक नगर, सागर जिले का समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास होगा।राजस्थान में बारां भी लाभान्वित होगा।केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री वीरेंद्र खटीक, नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, सागर जिले के प्रभारी और सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह, सांसद श्री वी. डी. शर्मा, श्री राज बहादुर सिंह, श्री अनिल फिरोजिया, श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, संध्या राय, सुमित्रा वाल्मीकि, पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, बड़ी संख्या में रैदासी समाज के अनुयाई सहित विशाल जन समुदाय उपस्थित था।
: प्रधानमंत्री ने देश भर में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी
Sun, Aug 6, 2023
"नई ऊर्जा, प्रेरणाओं और संकल्पों के आलोक में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है""आज पूरी दुनिया की नज़र भारत पर है। भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदल गया है""इतने सारे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से देश में विकास का नया माहौल बनेगा" "ये अमृत रेलवे स्टेशन अपनी विरासत पर गर्व करने का प्रतीक बनेंगे और हर नागरिक में गौरव जगाएंगे" "हमारा जोर है भारतीय रेलवे को आधुनिक के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर""अब रेल को बेहतर पहचान और आधुनिक भविष्य से जोड़ना हमारी जिम्मेदारी है""नए भारत में विकास युवाओं के लिए नए अवसरों का रास्ता दे रहा है और युवा दे रहे हैं देश के विकास को लगेंगे नए पंख''“अगस्त क्रांति, कृतज्ञता और कर्तव्य का महीना है। भारत के इतिहास को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक अवसर अगस्त में घटित हुए” “हमारा स्वतंत्रता दिवस हमारे तिरंगे और हमारे राष्ट्र की प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का समय है। पिछले साल की तरह इस बार भी हमें हर घर पर तिरंगा फहराना है।”
एक ऐतिहासिक कदम में, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित, ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 55-55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34 स्टेशन शामिल हैं। असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात और तेलंगाना में 21-21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 18-18, हरियाणा में 15, कर्नाटक में 13 और अन्य।
सभा को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने टिप्पणी की कि नया भारत जो तेजी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, अमृत काल की शुरुआत पर है। प्रधान मंत्री ने कहा, "नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नए संकल्प हैं", यह रेखांकित करते हुए कि यह भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 1300 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को अब आधुनिकता के साथ 'अमृत भारत स्टेशनों' के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा और उन्हें नया जीवन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 1300 रेलवे स्टेशनों में से लगभग 25,000 करोड़ रुपये की लागत से 508 अमृत भारत स्टेशनों की आधारशिला आज रखी जा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्विकास परियोजना देश में रेलवे के साथ-साथ आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ा अभियान होगा। यह देखते हुए कि इसका लाभ देश के सभी राज्यों तक पहुंचेगा, प्रधान मंत्री ने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 55 अमृत स्टेशन विकसित किए जाएंगे, मध्य प्रदेश में लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से। 1,000 करोड़ रुपये की लागत से, 1,500 करोड़ रुपये की लागत से महाराष्ट्र में 44 स्टेशनों और तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने रेल मंत्रालय की सराहना की और इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए नागरिकों को बधाई दी. और तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने रेल मंत्रालय की सराहना की और इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए नागरिकों को बधाई दी. और तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने रेल मंत्रालय की सराहना की और इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए नागरिकों को बधाई दी.प्रधान मंत्री ने दुनिया में भारत के बढ़ते कद को रेखांकित किया और भारत में बढ़ती वैश्विक रुचि पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसके लिए दो प्रमुख कारकों को श्रेय दिया। पहला, भारत की जनता द्वारा एक स्थिर पूर्ण बहुमत वाली सरकार का चुनाव और दूसरा, सरकार ने महत्वाकांक्षी फैसले लिए और लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप उनके विकास के लिए लगातार काम किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय रेलवे भी इसका प्रतीक है. उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए रेल क्षेत्र के विस्तार के तथ्य प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में देश में बिछाए गए ट्रैक की लंबाई दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन, पोलैंड, यूके और स्वीडन के संयुक्त रेलवे नेटवर्क से भी अधिक है। भारतीय रेलवे में विस्तार के पैमाने को परिप्रेक्ष्य में रखते हुए, प्रधान मंत्री ने आगे कहा कि पिछले वर्ष में ही, भारत ने दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त रेलवे नेटवर्क की तुलना में अधिक रेलवे ट्रैक बिछाए। उन्होंने कहा कि आज सरकार रेल यात्रा को सुलभ के साथ-साथ सुखद बनाने के लिए भी काम कर रही है। उन्होंने कहा, "प्रयास ट्रेन से स्टेशन तक सर्वोत्तम संभव अनुभव प्रदान करना है।" उन्होंने प्लेटफार्मों पर बेहतर बैठने की व्यवस्था, उन्नत प्रतीक्षालय और हजारों स्टेशनों पर मुफ्त वाईफाई का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे में हुए व्यापक विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि कोई भी प्रधानमंत्री लाल किले से इन उपलब्धियों के बारे में बोलना चाहेगा। हालाँकि, प्रधान मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह आज के कार्यक्रम के भव्य आयोजन का ही परिणाम है कि वह आज ही रेलवे की उपलब्धियों पर विस्तार से विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रेलवे को देश की जीवन रेखा बताया और कहा कि इसके साथ ही शहरों की पहचान भी रेलवे स्टेशनों से जुड़ी है जो समय के साथ शहर का दिल बन गए हैं। इससे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करना जरूरी हो गया है। प्रधान मंत्री ने कहा कि इतने सारे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से देश में विकास का एक नया माहौल बनेगा क्योंकि वे आगंतुकों के बीच पहली बार अच्छी छाप छोड़ेंगे। अपग्रेड किए गए स्टेशनों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना से कारीगरों को मदद मिलेगी और जिले की ब्रांडिंग में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आजादी के अमृत काल में देश ने अपनी विरासत पर गर्व करने का संकल्प भी लिया है। श्री मोदी ने कहा, "ये अमृत रेलवे स्टेशन अपनी विरासत पर गर्व करने और प्रत्येक नागरिक में गर्व पैदा करने का प्रतीक होंगे।" प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत स्टेशन भारत की सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत की झलक पेश करेंगे। उदाहरण देते हुए, प्रधान मंत्री ने उल्लेख किया कि जयपुर रेलवे स्टेशनों पर राजस्थान के हवा महल और आमेर किले की झलक दिखाई देगी, जम्मू और कश्मीर में जम्मू तवी रेलवे स्टेशन प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर से प्रेरित होगा और नागालैंड का दीमापुर स्टेशन स्थानीय वास्तुकला का प्रदर्शन करेगा। क्षेत्र की 16 विभिन्न जनजातियाँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन देश की प्राचीन विरासत के साथ-साथ आधुनिक आकांक्षाओं का भी प्रतीक होगा। देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने में रेलवे की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में रिकॉर्ड निवेश किया गया है। इस साल रेलवे को 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट मिला, जो 2014 की तुलना में पांच गुना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि आज रेलवे के संपूर्ण विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है। पिछले 9 वर्षों में लोकोमोटिव उत्पादन 9 गुना बढ़ गया। आज 13 गुना ज्यादा एचएलबी कोच बन रहे हैं। पूर्वोत्तर में रेलवे विस्तार के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, लाइनों के दोहरीकरण, गेज परिवर्तन, विद्युतीकरण और नए मार्गों पर तेजी से काम चल रहा है। श्री मोदी ने कहा, "जल्द ही, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियाँ रेलवे नेटवर्क से जुड़ेंगी।" उन्होंने बताया कि नागालैंड को 100 साल बाद अपना दूसरा स्टेशन मिला है। उन्होंने कहा, "क्षेत्र में नई रेलवे लाइनों की कमीशनिंग तीन गुना बढ़ गई है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में 2200 किमी से अधिक समर्पित माल ढुलाई गलियारों का निर्माण किया गया है, जिससे मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी आई है। अब सामान दिल्ली एनसीआर से पश्चिमी बंदरगाहों तक 24 घंटे में पहुंच जाता है, इस काम में पहले 72 घंटे लगते थे। अन्य मार्गों पर भी समय में 40 प्रतिशत की कमी देखी गई है, जिससे उद्यमियों, उद्योगपतियों और किसानों को काफी लाभ हो रहा है। रेलवे पुलों की कमी के कारण होने वाली कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए प्रधान मंत्री ने बताया कि 2014 से पहले 6000 से भी कम रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज थे, लेकिन आज यह संख्या 10,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी लाइनों पर मानवरहित लेवल क्रॉसिंग की संख्या अब शून्य हो गई है। यात्रियों की सुविधा के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने रेखांकित किया कि बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रधान मंत्री ने कहा, "हमारा जोर भारतीय रेलवे को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर है।" उन्होंने बताया कि जल्द ही 100 प्रतिशत रेल लाइन विद्युतीकरण हासिल कर लिया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप भारत में सभी ट्रेनें केवल बिजली से चलेंगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 9 वर्षों में सोलर पैनल से बिजली पैदा करने वाले स्टेशनों की संख्या 1200 से अधिक हो गई है। प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य निकट भविष्य में प्रत्येक रेलवे स्टेशन से हरित ऊर्जा का उत्पादन करना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लगभग 70,000 कोचों में एलईडी लाइटें लगाई गई हैं और ट्रेनों में जैव-शौचालयों की संख्या 2014 की तुलना में 28 गुना बढ़ गई है। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि सभी अमृत स्टेशनों को हरित भवनों के मानकों को पूरा करने के लिए बनाया जाएगा। “2030 तक, प्रधानमंत्री ने कहा, ''रेल ने दशकों तक हमें अपनों से जोड़ने का काम किया है, देश को जोड़ने का काम किया है. अब रेल को बेहतर पहचान और आधुनिक भविष्य से जोड़ना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने नए संसद भवन, कर्तव्य पथ, युद्ध स्मारक और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसी परियोजनाओं के विरोध पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा, "नकारात्मक राजनीति से दूर, हमने देश के विकास के कार्य को एक मिशन के रूप में लिया है और वोट बैंक और दलगत राजनीति से परे इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।" इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि रेलवे ने अकेले 1.5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरियां प्रदान की हैं, प्रधान मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर लाखों करोड़ का निवेश करके रोजगार भी पैदा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, फिलहाल केंद्र सरकार रोजगार मेले के जरिए 10 लाख युवाओं को नौकरी देने का अभियान भी चला रही है. उन्होंने कहा, "यह बदलते भारत की तस्वीर है जहां विकास युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहा है और युवा देश के विकास को नए पंख दे रहे हैं।" प्रधान मंत्री ने इस अवसर को आशीर्वाद देने के लिए इस कार्यक्रम में कई स्वतंत्रता सेनानियों और कई पद्म पुरस्कार विजेताओं की उपस्थिति को स्वीकार किया। प्रत्येक भारतीय के लिए अगस्त महीने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि यह क्रांति, कृतज्ञता और कर्तव्य का महीना है और कई ऐतिहासिक अवसरों से भरा है जिसने भारत के इतिहास को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उल्लेख किया जो 7 अगस्त को मनाया जाता है और स्वदेशी आंदोलन को समर्पित है। श्री मोदी ने कहा, "7 अगस्त की ये तारीख हर भारतीय के लिए वोकल फॉर लोकल होने के संकल्प को दोहराने का दिन है।" उन्होंने गणेश चतुर्थी के पवित्र त्योहार का भी उल्लेख किया और गणेश चतुर्थी को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनी मूर्तियों को आजमाने का सुझाव दिया।9 अगस्त के बारे में बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि यह वह ऐतिहासिक तारीख थी जब भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ और इसने स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में नई ऊर्जा पैदा की। इससे प्रेरित होकर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश हर बुराई, भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टीकरण के लिए भारत छोड़ो की गर्जना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने आगामी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उल्लेख किया और कहा कि हम उन अनगिनत लोगों को याद करते हैं जिन्होंने विभाजन की भारी कीमत चुकाई और उन लोगों के योगदान को स्वीकार किया जिन्होंने सदमे के बाद खुद को संभाला और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपनी एकता को अक्षुण्ण बनाए रखने की जिम्मेदारी देता है। श्री मोदी ने कहा, “हमारा स्वतंत्रता दिवस हमारे तिरंगे और हमारे राष्ट्र की प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का समय है। पिछले साल की तरह इस बार भी हमें हर घर पर तिरंगा फहराना है।” उन्होंने सोशल मीडिया और फ्लैग मार्च में लोगों के उत्साह को नोट किया और सभी से अभियान से जुड़ने की अपील की।
प्रधान मंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार ने इस धारणा को बदल दिया है कि नागरिकों द्वारा भुगतान किया गया कर भ्रष्टाचार में बर्बाद हो जाता है और आज लोगों को लगता है कि उनका पैसा राष्ट्र निर्माण के लिए उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती सुविधाओं और जीवनयापन में आसानी के कारण कर चुकाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने उस समय का जिक्र किया जब देश में 2 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स लगता था, जबकि आज 7 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके बावजूद, देश में आयकर संग्रह की मात्रा बढ़ रही है, और यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि देश में मध्यम वर्ग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 16% की वृद्धि हुई है जो सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास और देश में हो रहे नवप्रवर्तन को दर्शाता है। आज लोग देख रहे हैं कि कैसे देश में रेलवे का कायाकल्प हो रहा है, मेट्रो का विस्तार हो रहा है। उन्होंने नए एक्सप्रेसवे और हवाईअड्डों के विकास का उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के बदलाव करदाताओं के पैसे से विकसित हो रहे नए भारत की भावना को बल देते हैं। संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''इन 508 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, अमृत भारत स्टेशन भारतीय रेलवे के इस बदलाव को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।'' उन्होंने नए एक्सप्रेसवे और हवाईअड्डों के विकास का उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के बदलाव करदाताओं के पैसे से विकसित हो रहे नए भारत की भावना को बल देते हैं। संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''इन 508 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, अमृत भारत स्टेशन भारतीय रेलवे के इस बदलाव को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।'' उन्होंने नए एक्सप्रेसवे और हवाईअड्डों के विकास का उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के बदलाव करदाताओं के पैसे से विकसित हो रहे नए भारत की भावना को बल देते हैं। संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''इन 508 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, अमृत भारत स्टेशन भारतीय रेलवे के इस बदलाव को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।''
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री अक्सर अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन के प्रावधान पर जोर देते रहे हैं। यह देखते हुए कि रेलवे देश भर के लोगों के लिए परिवहन का पसंदीदा साधन है, उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया है। इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, देश भर में 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत प्रधानमंत्री ने 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी है. 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इन स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। शहर के दोनों किनारों के उचित एकीकरण के साथ इन स्टेशनों को 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। यह एकीकृत दृष्टिकोण रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित शहर के समग्र शहरी विकास की समग्र दृष्टि से प्रेरित है।ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 55-55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22 स्टेशन शामिल हैं। , गुजरात और तेलंगाना में 21-21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 18-18, हरियाणा में 15, कर्नाटक में 13 और अन्य।पुनर्विकास यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए यातायात परिसंचरण, अंतर-मोडल एकीकरण और साइनेज सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक यात्री सुविधाएं प्रदान करेगा। स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा।
: करेली स्टेशन के पुनर्विकास की सांसदद्वय ने रखी आधारशिला
Sun, Aug 6, 2023
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी करेली
अमृत भारत स्टेशन योजना रेलवे के विकास की क्रांति-उदयप्रताप सिंह,मोदी सरकार मैं चल रहा रेलवे का अमृत काल-सोनी,सांसदद्वय ने रखी करेली स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिलाकरेली। वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार में रेलवे के विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं, यह रेलवे के विकास की क्रांति है। देश मैं रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने सशक्त रूप से कार्य चल रहा है। रविवार सुबह करेली रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए नर्मदापुरम-नरसिंहपुर क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद उदय प्रताप सिंह ने बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए उक्ताशय के उदगार व्यक्त किए। सांसद श्री राव ने कहा कि हिंदुस्तान में सर्वाधिक अमृत भारत रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम संसदीय क्षेत्र मैं बन रहे हैं। इस योजना मैं शामिल स्टेशनों का कायाकल्प होगा, उन्हें सुसज्जित और आधुनिक स्टेशन के रूप में विकसित किया जावेगा, जिसमें सभी तरह की यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जावेगी।बताया कि रेलवे की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य के रूप में वे लगातार रेलवे के विकास की मांग उठा रहे हैं। कहा संसदीय क्षेत्र में रिकार्ड ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज के निर्माण हुए हैं, ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़े हैं, क्षेत्र के छोटे-छोटे स्टेशनो को विकास क्रम से जोड़ा गया है। संसदीय क्षेत्र की अधिकांश स्टेशनो में लिफ्ट की सुविधा दी गई। करेली में कोच डिस्प्ले लग रहा है। प्लेटफार्म नंबर 2 का उन्नयन किया गया है। करेली रेलवे स्टेशन की बेहतरी के लिए राज्यसभा सांसद श्री सोनी के साथ लगातार हम लोग काम कर रहे। नर्मदापुरम क्षेत्र की सभी चयनित स्टेशनों पर हमारे विद्यायक गणों के नेतृत्व में कार्यक्रम हो रहे हैं।
प्लेटफार्म नंबर दो पर बने एप्रोच रोड-सोनी
वरिष्ठ राजनेता और राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बरसों से जो अपेक्षाएं थी, आज उसकी पूर्ति हुई है। हमारे लोकप्रिय सांसद उदय प्रताप सिंह के प्रयासों से संसदीय क्षेत्र में 11 ओवर ब्रिज बन रहे हैं, अभूतपूर्व विकास हुआ है। करेली में ओवरनाइट के स्टापेज की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है। संविधान निमात्री समिति के सदस्य डा.कामथ कहते थे कि करेली बुंदेलखंड का दरवाजा है। जो प्रोजेक्ट तैयार हुआ है उसमें लिफ्ट जुड़े, प्लेटफार्म नंबर दो पर एप्रोच रोड बने, मालगोदाम एरिया में रेस्टारेंट बने, सुंदर गार्डन बने तो और बेहतर होगा। आजादी के 100 वर्षों बाद रेलवे के क्षेत्र में मोदी सरकार में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। करेली को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए जाने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री के प्रति आभार ज्ञापित करता हूं।
रेलयात्रा सुलभ, सुखद हो, लक्ष्य-पीएम..
समारोह से वर्चुअली जुड़े देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 हजार करोड़ की लागत से देश की 508 अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास करते हुए कहा कि रेल विकास के नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। रेलयात्रा सुलभ, सुखद हो, यह लक्ष्य है। सशक्त निर्णयों से हम रेल विकास में अन्य देशों से आगे बढ़े हैं। रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री का रेलवे से भावनात्मक जुड़ाव रहा है, जो बदलाव का मुख्य कारण बना है। रेलवे के विकास में राशि 9 गुना बढ़ी है। देश में रेलवे का वर्ल्ड क्लास इंफास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हो रहा है। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेलवे के कायापलट की लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
करेली स्टेशन के कायाकल्प की दी जानकारी
इस अवसर पर वित्त विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिलाष मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ममार, जिला महामंत्री डॉ हरगोविंद पटेल, ठा राजीव सिंह, पूर्व मंडी अध्यक्ष श्रीमती सरोज पटेल मंचासीन रहे। प्रारंभ में रेलवे के मुख्य कार्यकारी इंजी नीरज कुमार द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करेली रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास के बिंदुओं को साझा किया व बताया कि करेली स्टेशन मैं 20 करोड़ की लागत से विकास के कार्य होंगे। अतिथियों का पुष्पहारों से स्वागत श्री कुमार सहित वरिष्ठ अभियंता पीके सिंह, डीईएन आलोक कुमार वर्मा, एसीएम पीके दुबे, सीसीआई नीरज पाठक, गणेश श्रीवास्तव, इंजी राकेश मालवीय, स्टेशन प्रबंधक पीके स्वामी, राजीव नयन, बीपी मेहरा ने किया। समारोह में विविध प्रतियोगिताओं की प्रतिभागी छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क निरीक्षक सादिक खान ने व आभार प्रदर्शन वरिष्ठ अभियंता पीके सिंह ने व्यक्त किया। आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगर व क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ गणमान्य नागरिक जन, जनप्रतिनिधि, पत्रकारगण उपस्थिति रहे। उपलब्धिपूर्ण समारोह के लिए करेली रेलवे स्टेशन को रेलवे द्वारा सजाया, संवारा गया। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने करेली को योजना में शामिल किए जाने पर हर्ष जताते हुए सांसदद्वय के प्रति आभार जताया।