: Jabalpur चुप्पी तोड़ो, बाल यौन शोषण रोको विषय पर वेबिनार संपन्न
Fri, Nov 20, 2020
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं वर्ल्ड विजन इंडिया जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में आज शुक्रवार को यूनाईटेड नेशन्स कान्वेंसन आन द राइट्स ऑफ द चाइल्ड डे एवं वर्ल्ड डे फॉर द प्रेवेंशन ऑफ चाइल्ड एब्यूज ‘‘चुप्पी तोडो, बाल यौन शोषण रोको’’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें अतिथि वक्ता के रूप में गिरिबाला सिंह, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहभागिता की गई।
इस कार्यक्रम में बाल श्रम, नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाऐं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाऐं योजना 2015, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा चाईल्ड पोर्नोग्राफी आदि विषय पर वक्तव्य दिया गया।
सदस्य सचिव द्वारा बच्चों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि बच्चे देश का भविष्य है, उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त रहते हुए आगे बढे। साथ ही किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता हेतु निकटतम विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क करने हेतु कहा एवं निःशुल्क हेल्पलाईन नंबर 15100 के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
: खंडवा जमीन कब्जे की कार्यवाही ना करने के कलेक्टर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
Fri, Nov 20, 2020
आज दूसरे दिन बरखेड़ा बांध प्रभावितों का, बांध स्थल के पास उरी नदी के किनारे, धरना जारी रहा। नर्मदा बचाओ आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री आलोक अग्रवाल ने जिला कलेक्टर श्री आलोक कुमार सिंह से बात करने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि अभी जमीन कब्ज़े की कोई करवाई नहीं की जायेगी और प्रभावितों को पुनर्वास के लाभ जल्द से जल्द दिये जायेंगे। इस विषय में वह 23 या 24 तारीख को एक बैठक भी करेंगे। जिला कलेक्टर के इस आश्वसन के बाद प्रभावितों ने अपना धरना समाप्त किया और संकल्प व्यक्त किया कि उनके मुआवजा और पुनर्वास के सम्पूर्ण अधिकार मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उच्च न्यायालय में अर्जी दायर
बरखेड़ा बांध प्रभावितों द्वारा उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में लंबित दो याचिकाओं में आज विशेष अर्जी दायर की गई। इन अर्जियों में बताया गया है कि बरखेड़ा बांध क्षेत्र में भू-अर्जन कानून 2013 का खुला उल्लंघन हो रहा है और मांग की गई है कि इस कानून के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए सभी प्रभावितों को सम्पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास के सभी अधिकार दिये जायें और इसके बाद ही जमीन के कब्जे की अनुमति दी जाये।
मुआवजा व पुनर्वास के क्या अधिकार बाकी हैं?
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नर्मदा आंदोलन के श्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि बरखेड़ा बांध प्रभावित ग्राम खोजकुआ और रेहड़दा के सभी घरों का भू अर्जन होना बाकी है और डूब के सभी पांचों गांवों खोजकुआ, रेहड़दा, टोल, कदवाल व मुजाल्दा के लगभग 400 परिवारों को पुनर्वास के लाभ मिलने बाकी हैं। पुनर्वास में हर विस्थापित परिवार को घर बनाने, रोजगार, परिवहन, पुनर्वास अनुदान आदि के लिये कुल लगभग 8 से 10 लाख रु प्रति परिवार मिलेंगे। भू अर्जन कानून 2013 के अनुसार जमीन व घर का मुआवजा व पुनर्वास की सम्पूर्ण राशि एक साथ दी जाएगी ताकि विस्थापित अन्यत्र अपनी जीविका स्थापित कर सके। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया के बाद ही उनसे जमीन का कब्जा लिया जायेगा।
संघर्ष जारी रहेगा
धरने पर सभा को संबोधित करते हुए सभी विस्थापितों ने कहा कि हम सब संगठित हैं और हम कोई अन्याय नहीं सहेंगे। हमारा संघर्ष मुआवजे व पुनर्वास के सभी अधिकार प्राप्त होने तक जारी रहेगा। प्रभावितों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर कभी बिना सम्पूर्ण मुआवजा व पुनर्वास अधिकार दिये जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया तो उसका कड़ा विरोध किया जायेगा।
: डिप्टी कमिश्नर डॉ लक्ष्मी दुबे ने किया 6 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण
Thu, Nov 19, 2020
गाडरवारा डिप्टी कमिश्नर डॉक्टर लक्ष्मी दुबे के द्वारा जनपद पंचायत साईं खेड़ा की 6 ग्राम पंचायतों में निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी अनिल पटेल जनपद पंचायत साईं खेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भाई जी ठाकुर एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।