: गाडरवारा,दुर्गा चालीसा पाठ के समापन में नशामुक्ति सद्भावना रैली निकाली
Sun, Oct 31, 2021
सामाज को नशा मुक्त करने का लिया प्रण
गाडरवारा। भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंचज्योति -शाक्तितीर्थ सिद्धाश्रम एवं परम पूजनीय शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया चीचली के संस्कार भवन में 31 अक्टूबर को अखंड श्रीदुर्गा चालीसा पाठ की समापन पर नशामुक्ति सद्भावना रैली मानव श्रृंखला चीचली के मुख्य मार्गों से निकाली गई।समापन कार्यक्रम में रामसेवक मेहरा ने कहा मनुष्य वो कहलाता है जो स्वयं नशे मांस से मुक्त चरित्रवान हो |
भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंचज्योति -शाक्तितीर्थ सिद्धाश्रम के संयुक्त तत्वाधान में चीचली में 31 अक्टूबर को अखंड श्रीदुर्गा चालीसा पाठ की समापन पर नशामुक्ति सद्भावना रैली मानव श्रृंखला मुख्य मार्गों से निकाली गई।आपको बता दें कि संस्कार मैरेज गार्डन के संचालक राम सेवक मेहरा ने 24 घंटे का दुर्गा चालीसा पाठ का आयोजन किया था जिसमे बड़ी संख्या मे भक्तों ने शिरकत की समापन कार्यक्रम में राम सेवक मेहरा ने कहा मनुष्य वो कहलाता है जो स्वयं नशे मांस से मुक्त चरित्रवान होकर औरों को भी इसके लिये प्रेरित करे। आज के वातावरण में मनुष्य युवा एवं पूरा समाज नशे में ग्रसित होता जा रहा है, जिससे सबसे ज्यादा हानि केवल इन्हीं कारणों से हो रही है। जब तक हम समाज को नशामुक्त नहीं कर देते, तब तक इस समाज का कल्याण हो नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मानव के तीन कर्तव्य होते है धर्म की रक्षा, मानवता की रक्षा एवं राष्ट्र की रक्षा, यदि इन तीनों कर्तव्यों का बोध यदि मनुष्य को हो जाये तो वह दिन दूर नहीं जब मनुष्य के अंदर मानवीय मूल्यों की स्थापना हो जायेगी।
राम पाल सिंह राजपूत जिला अध्यक्ष,बाबू लाल जी विश्वकर्मा दमोह,लोटन सिंह पटेल उपाध्यक्ष,नन्न्हा जी गुमस्ता उपाध्यक्ष,मखान सिंह लोधी
मसतराम सिंह लोधी एवं संगठन के बड़ी संख्या मे श्रद्धालु उपस्थित रहे।
: गाडरवारा,शरद पूर्णिमा पर माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन
Sun, Oct 24, 2021
गाडरवारा। माहेश्वरी समाज द्वारा शरद पूर्णिमा के अवसर पर स्थानीय सुखदेव भवन में शरद उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत समाज की सभी महिलाओं एवं बच्चों द्वारा अनेक प्रकार के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए । सर्वप्रथम महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुधा पलोड द्वारा सभी सामाजिक बंधुओं का स्वागत अभिनंदन किया गया । तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कृष्ण राधा के रास नृत्य से किया गया । फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा राधा और कृष्ण की जोड़ी के रूप में सभी का मन मोह लिया । छोटी छोटी बालिकाओं द्वारा सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी गई । 30 वर्ष से कम उम्र की नववधूओ द्वारा श्री कृष्ण का यमुना जी वाह सखियों के साथ रास नृत्य पर आधारित सुंदर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसकी सराहना समाज के सभी लोगों द्वारा की गई । यह नाटिका श्रीमती गीतिका जी काबरा द्वारा रचित एवं निर्देशित की गई 30 वर्ष से ऊपर की युवा सखियों द्वारा गुजराती थीम पर आधारित शानदार डांडिया रास किया गया। 45 वर्ष से ऊपर की महिलाओं द्वारा भी अलग अलग ग्रुप बना कर गरबा रास वाह डांडिया नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन कुमारी रिशिता मालानी एवं कुमारी अ्स्मि चांडक द्वारा किया गया । महिला मंडल सचिव श्रीमती अनुराधा काबरा द्वारा आभार व्यक्त किया गया । श्रीमती शोभना मूंदड़ा सुनीता पलोड पुष्पा गगरानी शोभा राठी सुशीला राठी अनीता पलोड चंदा मूंदड़ा मधु मालानी उमा पलोड एवं समाज की सभी महिलाओं व माहेश्वरी युवा संगठन के सहयोग से यह कार्यक्रम काफी सफल रहा । अंत में दूध वितरण के पश्चात सभी ने एक साथ मिलकर डांडिया व गरबा रास नृत्य का आनंद लिया गया ।
: पन्ना के शरद महोत्सव में भागीदारी सौभाग्य का विषय ,मुख्यमंत्री
Thu, Oct 21, 2021
पन्ना। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शरद पूर्णिमा के अवसर पर पन्ना में देर रात कार्यक्रम में शामिल होते हुए महारास में भागीदारी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज शरद महोत्सव में पन्ना आकर इस तीर्थ स्थल के दर्शन और एक आध्यात्मिक संत के जीवन और उनके कार्यों को जानने का अवसर मिला है। यह मेरे लिये सौभाग्य का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राणनाथ प्यारे की जय के उद्धघोष के साथ संबोधन प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण दुनिया एक परिवार है। प्राणनाथ जी की हम सभी पर कृपा है। कहा भी गया है सियाराम में सब जग जानी। इस भावना के अनुसार हम सभी प्राणनाथ प्यारे के प्रिय हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के अलावा खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा, जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राणनाथ जी गुजरात से मध्यप्रदेश आए। उनके आगमन से यह धरा पावन हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी प्रार्थना है कि सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया। सभी सुखी हों, सभी निरोग हों और सभी का कल्याण हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राणनाथ जी ने महाराजा छत्रसाल का भी मार्गदर्शन किया। सत्रहवीं सदी में उन्हें पराक्रम के लिये प्रोत्साहित किया। छत्रसाल जी के लिये कहावत है- त"छत्ता तेरे राज में, धक-धक धरती होय, जित-जित घोड़ा मुख करे, तित-तित फत्ते होय"। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पन्ना प्रणामी पंथ का पवित्र धाम है। यहाँ श्री गुम्बट जी मंदिर के प्रांगण को ब्रह्र चबूतरा (रास मण्डल) कहा जाता है। यही श्री प्राणनाथ जी ने परम स्नेही सुन्दरसाथ को श्री राज जी-श्यामा जी की अलौकिक अखण्ड रासलीला, जागिनी रास का दर्शन करवाया था। इसलिये इसे जागिनी लीला भी कहा जाता है। तबसे अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव प्रतिवर्ष होता है। निजानंद संप्रदाय में प्रेम की बड़ी महिमा है। यहाँ प्रेम ही सब कुछ है। शरद पूर्णिमा में श्री कृष्ण ने प्रेम को ही प्रतिष्ठा प्रदान की। पाँच दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव पूरी भक्ति, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है।
खनिज मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री परिवार सहित इस पावन नगरी में पधारे हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्राणनाथ महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरू थे। श्री सिंह ने छत्रसाल जयंती पर संस्कृति विभाग द्वारा कार्यक्रम का सुझाव भी दिया।
सांसद श्री व्ही. डी शर्मा ने कहा कि प्राणनाथ जी के मंदिर में शरद महोत्सव में हिस्सा लेना सौभाग्य का क्षण हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ पन्ना आकर स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से शरद महोत्सव की शुभकामनाएँ देने का अवसर मिला है।