: कुंडलपुर में भगवान श्री अरनाथ जी का जन्म कल्याणक महोत्सव 14 दिसंबर को मनाया जाएगा
Fri, Dec 13, 2024
कुंडलपुर में भगवान श्री अरनाथ जी का जन्म कल्याणक महोत्सव 14 दिसंबर को मनाया जाएगा
सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में जैन धर्म के 18 वें तीर्थंकर भगवान श्री अरनाथ जी का जन्म कल्याणक महोत्सव 14 दिसंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा ।इस अवसर पर प्रातः भक्तामर महामंडल विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन ,विधान होगा। श्री जी का पालना झुलाया जाएगा। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती होगी। कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ने श्रद्धालु भक्तों से कुंडलपुर पधारकर धर्म लाभ लेने का अनुरोध किया है।
: सिवनी दिघोरी में गुरुरत्नेश्वर महादेव मन्दिर भव्य पाटोत्सब रथ यात्रा
Thu, Dec 12, 2024
सिवनी दिघोरी में गुरुरत्नेश्वर महादेव मन्दिर भव्य पाटोत्सब रथ यात्रा
परम पूज्य प्रातः स्मरणीय ज्योतिष पीठाधीश्वर एवम् द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य ब्रम्हलीन स्वामीश्री श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज जी की अधिष्ठात्री मां जगदजननी राजराजेश्वरी श्रीललिता महात्रिपुर सुंदरी माता जी एवं उनकी पुत्री श्री माता बाला त्रिपुरसुन्दरी का पाटोत्सव रथ यात्रा एवम द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ,अग्निपीठाधीश आचार्य श्री राम कृष्णानंद जी महाराज का आगमन कल दिनाँक - 13/12/24 शुक्रवार को सिवनी दिघोरी में गुरुरत्नेश्वर महादेव मन्दिर भव्य पाटोत्सब रथ यात्रा का 4 बजे शुभागमन होने जा रहा है जिसमे आप सभी धर्म प्रेमी बंधु पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित करें।
: गाडरवारा,शतचंडी यज्ञ एवं देवी भागवत पुराण का भूमि पूजन
Wed, Dec 11, 2024
शतचंडी यज्ञ एवं देवी भागवत पुराण का भूमि पूजन
गाडरवारा नगर के प्राचीन खेड़ापति मंदिर में माता खेरापति की प्राण प्रतिष्ठा एवं शतचंडी यज्ञ देवी भागवत पुराण का आयोजन 26 जनवरी 2025 से 2 फरवरी 2025 तक गाडरवारा की धर्म प्रेमी जनता के द्वारा किया जा रहा है जिसमें नगर के सभी धार्मिक संगठनों मंदिर ट्रस्टों का सहयोग लिया जा रहा है इस हेतु चंडी यज्ञ देवी भागवत पुराण एवं नगर महारानी शीतला माता की नवीन प्रतिमा का जो दर्शन के लिए स्थापित की जा रही है का प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भूमि पूजनशक्कर नदी प्रांगण में किया जाएगा अतः सभी नगर वासियों से अनुरोध है कि 10:00 बजे शक्कर नदी तट पर पहुंचकर पुण्य कार्य में सहभागी बने।