Sunday 20th of September 2026

ब्रेकिंग

छीनी हुई चेन, मंगलसूत्र एवं घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकिल एवं चाकू जप्त

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हौरीकलाँ में विभिन्न प्रतियोगिताएं सम्पन्न

राधा अष्टमी पर बरसाना में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब,

पुलिस की कार्य प्रणाली पर उठ रहे सवाल,लापरवाही से परिजनों में आक्रोश,

संकल्प प्रतिज्ञा परिवार कर रहा संकल्प गरबा महोत्सव का आयोजन

: अटल टनल को आईबीसी बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पुरस्कार मिला

Aditi News Team

Fri, Apr 29, 2022
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में निर्मित सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के इंजीनियरिंग मार्वल अटल टनल को 28 अप्रैल, 2022 को नई दिल्ली में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) 'बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट' का पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए तीस से अधिक अत्याधुनिक अवसंरचनाओं को नामांकित किया गया था, इस रणनीतिक सुरंग को 2021 में बेस्ट प्रोजेक्ट्स फ़ॉर एक्सीलेंस इन ब्युल्ट एनवायरनमेंट के तौर पर आईबीसी की जूरी द्वारा चुना गया था। बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाले इस इंजीनियरिंग चमत्कार के निर्माण में बीआरओ की शानदार उपलब्धि के लिए आईबीसी के 25 वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र को वैकल्पिक संपर्क प्रदान करके सशस्त्र बलों को रणनीतिक लाभ प्रदान करने के अलावा यह सुरंग हिमाचल प्रदेश में लाहौल और स्पीति जिले के निवासियों के लिए भी एक वरदान रही है। इस क्षेत्र में पर्यटकों के आगमन में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है, और एक वर्ष से थोड़ा अधिक समय में, घाटी और राज्य ने सामाजिक-आर्थिक डोमेन में तेज़ी से वृद्धि देखी है और अटल सुरंग क्षेत्र के भविष्य के विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए नियत है। न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके बनाई गई सुरंग को 03 अक्टूबर, 2020 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। इसे एक सेमी-ट्रांसवर्स वेंटिलेशन सिस्टम से लैस किया गया है, जहाँ बड़े पंखे अलग से पूरी सुरंग में हवा प्रसारित करते हैं। आपात स्थिति के दौरान निकासी के लिए मुख्य कैरिजवे के नीचे सुरंग क्रॉस-सेक्शन में एक आपातकालीन सुरंग को एकीकृत किया गया है। सुरंग के अंदर आग की स्थिति में आग को 200 मीटर के क्षेत्र में नियंत्रित किया जाएगा और पूरी सुरंग में विशिष्ट स्थानों पर अग्नि शामक उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदूषण सेंसर सुरंग में हवा की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करते हैं एवं यदि सुरंग में हवा की गुणवत्ता वांछित स्तर से नीचे है, तो सुरंग के प्रत्येक तरफ दो भारी भरकम पंखों के मदद से ताजी हवा को सुरंग में प्रवाहित किया जाता है।

Tags :

जरूरी खबरें