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गाडरवारा शव को शिनाख्त किए बिना दफनाने पर उठ रहे सवाल : पुलिस की कार्य प्रणाली पर उठ रहे सवाल,लापरवाही से परिजनों में आक्रोश,

Aditi News Team

Fri, Sep 18, 2026

लापरवाही शव की शिनाख्त किए बिना पुलिस ने दफनाया, परिजनों में आक्रोश

गाडरवारा/पलोहा बड़ा: स्थानीय पुलिस प्रशासन का बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। पलोहा बड़ा थाना क्षेत्र से लापता हुए एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद पुलिस ने उसकी शिनाख्त करने का प्रयास करने के बजाय जल्दबाजी में उसे अज्ञात समझकर दफना दिया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, पलोहा बड़ा थाना क्षेत्र के निवासी महेश धानक गत 15 सितंबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उसी दिन 15 सितंबर को ही रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। नियमानुसार, किसी भी अज्ञात शव के मिलने पर पुलिस को आसपास के सभी नजदीकी थाना क्षेत्रों में सूचना व फोटो भेजनी होती है, सोशल मीडिया तथा स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करना होता है ताकि समय रहते मृतक की पहचान हो सके।

व्हाट्सऐप मैसेज से हुई पहचान

हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन ने शव की पहचान कराने के लिए किसी भी डिजिटल माध्यम या थाना नेटवर्क का सहारा नहीं लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों को जब एक निजी व्हाट्सऐप ग्रुप पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा साझा की गई तस्वीर और जानकारी मिली, तब जाकर मृतक की पहचान महेश धानक के रूप में हुई।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि:

जो काम एक आम नागरिक ने व्हाट्सऐप के जरिए किया, क्या वह जिम्मेदारी पुलिस नहीं निभा सकती थी?

पुलिस ने नजदीकी थानों में फोटो भेजने या सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने की जहमत क्यों नहीं उठाई?

आखिर पुलिस को मामले को बिना जांच-पड़ताल के आनन-फानन में बंद करने की क्या जल्दबाजी थी?

स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Tags :

गाडरवारा पुलिस

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना

रेलवे पुलिस प्रशाशन

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