: गाडरवारा,दिव्यांग शिविर की तैयारियों का लिया जायजा
Wed, Oct 20, 2021
गाडरवारा। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय साईखेड़ा मैदान में आज 21 अक्टूबर दिन गुरुवार को होने वाले दिव्यांग छात्र छात्राओं के चिकित्सीय मूल्यांकन एवं उपकरण चिन्हांकन हेतु आयोजित होने वाले विकासखण्ड स्तरीय दिव्यांग शिविर की तैयारियां अंतिम दौर में पहुँच गई है। बीते बुधवार को साईंखेड़ा बीईओ प्रतापनारायण एवं बीआरसी चंदन शर्मा ने साईंखेड़ा शिविर स्थल पहुँचकर उत्कृष्ट प्रभारी प्राचार्य धर्मेन्द्र वर्मा के साथ तैयारियों का जायजा लिया । इसके अलावा उन्होंने बीएसी संदीप स्थापक, योगेन्द्र झारिया एवं मनीराम मेहरा के साथ जनशिक्षको कि बैठक मे शिविर की सुचारू व्यवस्थाओं के संचालन हेतु जरूरी दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर बीईओ प्रतापनारायण ने बताया की जनशिक्षको के माध्यम से समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला प्रभारियों को कक्षा 1 से 8 तक के दिव्यांग बच्चों को शिविर में शामिल कराने की सूचना दे दी गई है। शिविर में नाक कान गला विशेषज्ञ, हड्डी विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सक दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें जरूरी उपकरण हेतु चिन्हांकित करेंगे एवं जरूरतमंद बच्चों के दिव्यांग प्रमाणपत्र भी बनाकर देंगे। शिविर स्थल पर ही बच्चों के भोजन की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग शिविर का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है। विदित हो की दिव्यांग शिविर में स्थानीय प्रभारी प्राचार्य धर्मेन्द्र वर्मा को शिविर स्थल पर बैठक , बिजली , पानी , मंच व्यवस्था दी गई है। बीआरसी चन्दन शर्मा को शिविर के नोडल अधिकारी एवं प्रचार प्रसार , बीएसी योगेंद झारिया , मनीराम मेहरा एवं जनशिक्षक प्रशांत राय को अतिथियॉ के स्वागत , टेंट व माइक व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। कुंती शर्मा सहित समस्त मोबाइल स्त्रोत सलाहकारों को दिव्यांग बच्चों के मूल्यांकन एवं उपकरण चिन्हाकन सहित प्रपत्रों के तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। समस्त जनशिक्षको को दिव्यांग बच्चों के पंजीयन , बीएसी संदीप स्थापक एवं लेखापाल दीपक आरसे को शिविर आयोजन के वित्तीय रिकार्ड संधारित करने का काम सौंपा गया है। एमआईएस वेदप्रकाश राजपूत को दिव्यांग बच्चों की गूगल सीट में जानकारी एकत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
: केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गांधीधाम में आयुष वन का उद्घाटन किया
Tue, Oct 19, 2021
केन्द्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग तथा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शहर में दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट (डीपीटी)- रोटरी जंगल में आयोजित एक कार्यक्रम में आयुर्वेदिक पौधों को समर्पित आयुष वन का उद्घाटन किया। आयुष वन डीपीटी द्वारा हरित पट्टी क्षेत्र में आवंटित 30 एकड़ भूमि में स्थापित किया गया है, जहां शहरी क्षेत्र में हरियाली में सुधार और कच्छ क्षेत्र में वृक्षों के आवरण का घनत्व बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण किया जा रहा है। उद्घाटन के मौके पर केन्द्रीय मंत्री ने एक पौधा भी लगाया।
इस अवसर पर केन्द्रीय आयुष मंत्री ने आयुष वन विकसित करने के लिए सभी हितधारकों की सराहना की और भारत के औषधीय पौधों की विशाल क्षमता और लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति की क्षमता को हकीकत में बदलने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा किए गए कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, आयुष वैश्विक स्तर पर पहुंच गया है और अब विश्व स्तर पर स्वस्थ और प्रसन्न जीवन के लिए स्वीकृत प्रमुख प्रणालियों में से एक बन रहा है।
इस अवसर पर कच्छ से सांसद श्री विनोद चावड़ा, गांधीधाम विधायक श्रीमती मालती माहेश्वरी, अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
: भोपाल युवाओं में खादी की अलख जगाने "खादी शो" का आयोजन
Tue, Oct 19, 2021
भोपाल। मध्यप्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा हाट परिसर, भोपाल में चरखा खादी उत्सव में खादी वस्त्रों के डिजाइनर गारमेंटस का प्रत्यक्ष प्रदर्शन "खादी शो" का आयोजन किया गया। इसमें मॉडल युवक-युवतियों ने कबीरा खादी ब्रांड के विभिन्न परिधानों को पेश किया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच खादी के कपड़ों के प्रति रुझान बढ़ाना है।
भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ आजादी के अमृत महोत्सव पर राष्ट्रपिता गॉंधी जी की परिकल्पना अनुरूप खादी वस्त्रों के दैनिक जीवन में उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए यह आयोजन किया गया।
खादी परिधान प्रदर्शन में सभी उम्र वर्ग के गारमेंट्स का लेडीज एवं जेन्ट्स माडलों द्वारा प्रदर्शन किया गया, जिसमें विशेष कर युवा वर्ग में खादी के प्रति जागरूकता लाने और उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की डिजायनर ड्रेसों का प्रदर्शन किया गया। इन ड्रेसों को बोर्ड से सम्बद्ध डिजायनरों द्वारा आकर्षक एवं वर्तमान प्रचलन के अनुरूप तैयार नवीनतम डिजाइन में तैयार किया गया। खादी कुर्ता, पायजामा, जाकेट, शर्ट, शेरवानी, कोट, लेडीज कुर्ता, ट्राउजर, प्लाजो, पेंट, जाकेट, साड़ियाँ, और अनारकली कुर्ते इत्यादि विभिन्न माडलों द्वारा प्रदर्शित किये गए।
इन डिजाइनर खादी वस्त्रों में ट्रेडिशनल, ब्लाक, बाग, दाबू, बुटीक एवं वर्तमान में प्रचलित डिजिटल प्रिंट, मध्यप्रदेश के फ्लावर एवं फोरेस्ट पर आधारित प्रिंट के प्रिंटेड गारमेंट्स शामिल थे। इन ड्रेसों को उपस्थित जनसमुह द्वारा सराहा एवं पसंद किया गया।
आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप खादी फैशन शो में प्रदर्शित ड्रेस से खादी के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा एवं प्रदेश के कत्तिन, बुनकरों एवं इस क्षेत्र से जुड़ें अन्य कारीगरों को सतत् रोजगार उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। इस अवसर पर श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, प्रबन्ध संचालक द्वारा खादी वस्त्रों एवं हस्तशिल्प उत्पादों का दैनिक जीवन में अधिक से अधिक उपयोग के लिए अपील की गई।