: सांगई के स्कूल मे बैगलेस डे पर हुई विविध गतिविधियां
Mon, Dec 9, 2024
सांगई के स्कूल मे बैगलेस डे पर हुई विविध गतिविधियां
https://youtu.be/MSrFlUTIHys?si=pgmlxdTfD2xuOdayगाडरवारा। विगत दिवस समीपी ग्राम सांगई की एकीकृत शासकीय नवीन माध्यमिक शाला मे राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार बैगलेस डे मनाया गया। इस दिन 6 से 8 वीं कक्षाओं के बच्चे स्कूल मे बिना बस्ते के आये एवं उन्होंने कार्ड शीट पर आकर्षक चित्र बनाकर सुसज्जित चित्रकारी की एवं प्रदर्शन किया।इसके अलावा उन्होंने मिट्टी, कागज़ सहित अन्य अनुपयोगी वस्तुओ से विभिन्न आकृतियाँ, कठपुतली, गुड़िया, झूमर, किचन सेट आदि बनाकर उनका प्रदर्शन किया इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक मधुसूदन पटैल ने छात्र छात्राओं को बताया कि माह मे कोई एक शनिवार को छात्र छात्राओं को बिना बस्ते के बुलाकर उनके अंदर छुपी चित्रकला, पैटिंग, गायन, वादन, संगीत, सांस्कृतिक एवं खेल आदि क्षेत्रो मे विद्यालय की प्रतिभाओ को सामने लाना ही बैगलेस डे मनाये जाने का उद्देश्य है। इस दौरान छात्रा साधना केवट ने कहा कि बेगलेस डे के दिन हम लोग पढ़ाई से दूर हटकर अन्य उपयोगी गतिविधियों मे व्यस्त रहते है जो की सीखने की प्रक्रिया है। इस मौके पर प्रधानपाठक दशरथ प्रसाद जाटव, अतिथि शिक्षक रानू यादव सहित अनेक छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।
: गाडरवारा,ग्लोटच अकादमी यूसीमास के 17 प्रतिभाशाली बच्चे बच्चे दिल्ली में दम दिखाएंगे
Sun, Dec 8, 2024
दिल्ली में दम दिखाएंगे यूसीमास गाडरवारा के 17 प्रतिभाशाली बच्चे
यू सी मास कक्षा बौद्धिकता की पराकाष्ठा है, मिनेंद्र डागा
ग्लोटच अकादमी समर्पण और लगन की मिसाल है, शिवाकांत मिश्रा
यू सी मास संचालक में लक्ष्य हासिल करने और करवाने की अपूर्व क्षमता है,श्री कुशलेंद्र श्रीवास्तव
गाडरवारा
। नगर के बच्चों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और काबिलियत से नया मुकाम हासिल किया है। आगामी 14 दिसंबर को नई दिल्ली के दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय यूसीमास अबेकस मेंटल मैथ्स प्रतियोगिता में यूसीमास गाडरवारा सेंटर के 17 प्रतिभाशाली छात्रों का चयन हुआ है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 50 देशों के 6000 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों को 200 गणितीय सवालों का हल मात्र 8 मिनट में निकालना होगा।
यूसीमास गाडरवारा : सफलता की मिसाल
ग्लोटच अकादमी यूसीमास गाडरवारा के बच्चों ने इससे पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर को गौरवान्वित किया था। अब ये बच्चे अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने के लिए तैयार हैं।
अभ्यास और समर्पण का बना आदर्श
सभी चयनित बच्चे दिन-रात अभ्यास में जुटे हुए हैं। यूसीमास गाडरवारा करेली सेंटर के अनुभवी प्रशिक्षक बच्चों को कठिन से कठिन समस्याओं के समाधान की तकनीकें सिखाने में लगे हैं। बच्चों और उनके अभिभावकों का कहना है कि यह मौका उनके जीवन को नई दिशा देने वाला है।
दिल्ली के लिए होगा प्रस्थान
संस्था के संचालक नवीन सोनाली चौबे के अनुसार ये बच्चे इस अद्वितीय अवसर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नगर की ओर से भारत राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं।
यू सी मास अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभागी बच्चे
श्रेष्ठ विक्रांत नगरिया,आरव कमलेश बोहरे,शुभ नरेंद्र चौधरी,लक्ष्य राहुल परचानी नमामि श्रीकांत कौरव,मोइज उल हक, प्रयान राधा मोहन तिवारी,आर्या मनीष तिवारी,मोनिश पवन कौरव,आदित्य बलराज कौरव,अथर्व आशीष खरे,आरव आशीष खरे,राघव विवेक दुबे,देव प्रवीण मोकलकर, नायरा खुशबू परचानी,नव्या अभिषेक कौरव,आरुष संगीता चौधरी।
प्रतियोगिता का उद्देश्य
इस प्रतियोगिता का मकसद बच्चों की गणना क्षमता, एकाग्रता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देना है। यह मंच बच्चों को उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगा।हर्ष का विषय है कि हमारी संस्था ग्लोटच एकेडमी के 17 बच्चे यूसीमास की इंटरनेशनल एवं नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे है। साथ ही वर्ल्ड कप 2024 में 1 छात्र जो कि टीम इंडिया के 4 प्रतियोगियों में शामिल है भाग लेने जा रहा है।प्रतियोगिता आगामी 14 एवं 15 दिसम्बर को मल्टीपरपरस हॉल, दिल्ली यूनिवर्सिटी, न्यू दिल्ली में आयोजित होगी। इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत सहित विश्व के लगभग 50 देशों के यूसीमास कोर्स करने वाले 5 से 13 वर्ष के प्रतियोगी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में अंकगणित जोड़, घटाना, गुणा, भाग के 200 सवालों को 8 मिनट में लिखित में हल करने का लक्ष्य होगा। प्रश्न पत्र प्रतियोगी की उम्र एवं कोर्स के टर्म के अनुसार अलग-अलग होगा। इंडिया के प्रतियोगियों को एक ही प्रश्न पत्र हल करना होगा इसी प्रश्नपत्र से नेशनल एवं इंटरनेशनाल प्रतियोगिता के परिणाम अलग-अलग घोषित होंगे ।सभी प्रतियोगिता के रिजल्ट 14 दिसम्बर की रात्रि 11 बजे के बाद पैन्ट्स के मोबाईल नं.पर एवं यूसीमास की वेबसाईट अथवा यूसीमास इंडिया के मोबाइल नं. पर कॉल करके प्राप्त किये जा सकेगें। रिजल्ट की घोषणा के उपरान्त 15 दिसम्बर 2024 को विजेता हुए प्रतियोगियों को दिल्ली यूनिर्वसिटी में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में ट्राफी, सर्टिफिकेट एवं नगद पुरस्कारों से पुरुस्कृत किया जावेगा। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए सभी बच्चे अपने पालकों के साथ 12 दिसंबर को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।है। इसके अलावा राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एकेडमी की छात्र/छात्राएँ प्रतिवर्ष जिले का नाम गौरवान्वित करते आ रहे हैं।
: मंडला: जल जीवन मिशन की विफलता पर सवाल, दारू घर-घर पहुंच रही, लेकिन पानी नहीं!
Sun, Dec 8, 2024
मंडला: जल जीवन मिशन की विफलता पर सवाल, दारू घर-घर पहुंच रही, लेकिन पानी नहीं!
मंडला जिले में एक अजीब विडंबना सामने आ रही है। एक ओर जहां दारू आसानी से घर-घर पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर जल जीवन मिशन का उद्देश्य "हर घर जल" केवल एक सपना बनकर रह गया है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
क्या है जल जीवन मिशन
?जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर को नल के माध्यम से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है। लेकिन मंडला जिले में यह मिशन फेल होता नजर आ रहा है।
लोगों की समस्याएं:
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कई गांवों में नल जल योजना केवल कागजों तक सीमित है।
- टैंकर के भरोसे पानी की आपूर्ति हो रही है।
- कई इलाकों में नल तो लगाए गए, लेकिन पानी का नामोनिशान नहीं।
- कई गांवों में पानी की टंकी बनी है लेकिन टंकी से पानी की सप्लाई ही नहीं हो रहीं हैं लोग नदी या कुंआ से लगभग 2-3 किलोमीटर दूर या उससे ज्यादा दूर से पीने के लिए पानी लाते हैं।
प्रशासन की चुप्पी:
स्थानीय प्रशासन से बार-बार शिकायत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि काम प्रगति पर है, लेकिन जनता को इसका कोई लाभ नजर नहीं आ रहा।
दारू का नेटवर्क अधिक मजबूत!
स्थानीय लोगों का कहना है कि दारू घर-घर पहुंचाने का नेटवर्क पानी की आपूर्ति से कहीं अधिक मजबूत है। यह सवाल खड़ा करता है कि प्रशासन की प्राथमिकताएं आखिर क्या हैं?
क्या हर घर तक पहुंचेगा पानी?
जनता की मांग है कि सरकार और प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। जल जीवन मिशन का सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए ताकि हर घर तक पानी पहुंच सके।
जिम्मेदार कौन?
यह मुद्दा केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं है। जागरूकता और जवाबदेही की कमी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।मंडला जिले के लोगों का यह सवाल अब प्रशासन और सरकार से है: "जब दारू हर घर पहुंच सकती है, तो पानी क्यों नहीं?"