: मझौली में दिव्यांग बच्चों को 69 उपकरण वितरित
Mon, Jul 21, 2025
मझौली में दिव्यांग बच्चों को 69 उपकरण वितरित
सिहोरा– शुक्रवार को जनपद शिक्षा केंद्र मझौली कार्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए एक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11:00 बजे से शुरू हुए इस शिविर में 49 बच्चों को उनकी दिव्यांगता के अनुरूप कुल 69 उपकरण प्रदान किए गए।कार्यक्रम में एपीसी तरुण आज दुबे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि बीआरसी बृज किशोर गर्ग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यह उपकरण एलिम्को (ALIMCO) टीम जबलपुर के सहयोग से उन बच्चों को वितरित किए गए, जिन्हें पूर्व में मूल्यांकन शिविर में चिन्हित किया गया था।वितरित किए गए उपकरणों में ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, सीपी चेयर, कैलीपर्स, स्मार्ट केन और टीएलएम किट शामिल थे, जो बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होंगे।इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में एमआरसी वेंकट सिंह, रोशन लाल झरिया, बीएसी पुष्पराज पटेल, सीएसी राकेश कनौजिया और बृजेश यादव सहित सहयोगी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल से दिव्यांग बच्चों को दैनिक जीवन में सुविधा मिलेगी और उनकी शिक्षा एवं समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
: नीलकंठ ( शिव के विषपान प्रसंग पर -सुशील शर्मा)
Mon, Jul 21, 2025
नीलकंठ
( शिव के विषपान प्रसंग पर -सुशील शर्मा)
वह क्षणजब देव भी भयभीत थे,और असुर भी मौन।समुद्र मंथन की गर्जनामानवता के रोमकंप के समानहर दिशा में फैल रही थी। दाह था,ध्वंस था,विष की ज्वाला में जलता था ब्रह्मांड।वह हलाहलजिसका स्पर्श ही मृत्यु थाउसे देखकरइंद्र पीछे हटे,विष्णु ने मौन ओढ़ लिया,और ब्रह्मा ने आँखें मूँद लीं। तब वह उठेशिव।ना उत्सव की मुद्रा में,ना चमत्कारी अर्घ्य के साथ,बल्किएक सरल संन्यासी की भांतिजिसके नेत्रों में समर्पण था,और मुख पर एक निर्विकार तटस्थता। क्योंकिउन्हें न सिंहासन चाहिए था,न स्तुति, न विजय।उन्हें चाहिए थीसृष्टि की शांति।उनके लिएसभी जीव बराबर थेदेव, दानव, जीव, वनस्पति। उन्होंने उठाया वह विष,उस हलाहल कोजो सबकुछ भस्म कर सकता था।न वह झिझके,न किसी से पूछने रुके।बसअपने भीतर समा लियाकाल का वह विद्रूप स्वरूप। गला नीला पड़ गयानीलकंठ कहलाए।पर विष गले में ही अटका रहा,न उसने हृदय को छुआ,न मस्तिष्क कोक्योंकि शिव जानते थेविष को कहाँ रोकना है। वे पी गए वहजिसे कोई छू भी न सकाऔर फिर भीउनकी आँखों मेंदया की वही उज्ज्वल चमक थी।कंठ नीला था,पर हृदय वैसा ही निर्मल। नीलकंठएक प्रतीक है,उस त्याग काजो बिना किसी अपेक्षा के किया जाता है।वह संकल्पजो किसी मंच से नहीं बोला जाता,बल्किमौन में निभाया जाता है। वे देवों के देव नहीं इसलिए बनेक्योंकि वे पूजे गए,बल्कि इसलिएक्योंकि उन्होंने वह उठायाजिसे सबने छोड़ा। शिववह चेतना हैंजो कहती हैकि जब सब डर जाएँ,तब कोई होना चाहिएजो डर को पी जाए,और फिर भी मुस्कुराए। उन्होंने कहा नहींकि उन्होंने संसार को बचाया,उन्होंने प्रचार नहीं कियाकि वे नायक हैंउन्होंने बसअपना काम किया,और ध्यान में बैठ गएजैसे कुछ हुआ ही न हो। नीलकंठ शिववह मौन महानता हैं।जो दिखती नहीं, पर धारण करती है।जो जलती है, पर ताप नहीं देती।जो पी जाती है,ताकि बाकी सब जी सकें। सुशील शर्मा
: प्रदेश में मूंग की गुणवत्ता परीक्षण और खरीदी पर बवाल...
Sun, Jul 20, 2025
प्रदेश में मूंग की गुणवत्ता परीक्षण और खरीदी पर बवाल... सर्वेयरों की मनमानी किसानों का शोषण
नरसिंहपुर और जबलपुर में ब्लैक लिस्ट और रायसेन में फर्जी दस्तावेज वाली कंपनी NCML को एक बार फिर काम
नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश में एक बार फिर समर्थन मूल्य पर किसानों से मूंग खरीदी शुरू हो गई है। जिन कंपनियों को मूंग की गुणवत्ता परीक्षण (सर्वे) का जिम्मा मिला है, उन पर गलत ढंग से काम करने, भ्रष्टाचार किसानों से अनियमितता, फर्जी दस्तावेज जैसे कई गंभीर आरोप है। इनमें से एक कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के बाद भी काम दे दिया गया है। दूसरी कंपनी पर फर्जी दस्तावेज लगाकर काम लेने का आरोप है। पहला मामला नरसिंहपुर और जबलपुर जिले का है, जहां नेशनल कमोडिटीज मैनेजमेंट सर्विसेस लिमिटेड (एनसीएमएल) को मूंग की गुणवत्ता परीक्षण का काम दिया गया है। इस कंपनी को लेकर हाल ही में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित नरसिंहपुर के जिला विपणन अधिकारी ने नेफेड के राज्य प्रमुख को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि इस कंपनी को पूर्व में कलेक्टर ने जिले में ब्लैकलिस्ट करने के लिए नेफेड को लिखा था। पूर्व में वर्ष 2023 में इस कंपनी के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित जबलपुर से भी अनियमितता की लेकिन इसे उलटा काम दे दिया गया। इस बार फिर से इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया है।सर्वेयरों को इस वर्ष ना तो प्रशिक्षण प्रदान किया ना ही गुणवत्ता परीक्षण करने के लिए पूरी परीक्षण किट प्रदान की जिससे किसानों की अच्छी फसल को भी अमानक बताया जा रहा है। जो जिला प्रशासन के लिए गंभीर जांच का विषय है।क्या कहना है इनका -मेरे द्वारा नाफेड को पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि इस कंपनी द्वारा पूर्व में अनियावता और अमानक स्कंद की खरीदी करने की वर्ष 2024 में कलेक्टर महोदय नरसिंहपुर और जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश राज्य विपणन संघ मर्यादित नरसिंहपुर ने पत्र लिखकर हटाने के लिए कहा गया था इस बार से भी अनियमितता, भ्रष्टाचार और अमानक स्कंध ना खरीदा जा सके इसलिए कंपनी बदलने को लिए नाफेड को कहा गया था परंतु निजी कंपनियों की चयन प्रक्रिया नाफेड के माध्यम से की जाती है इसमें हमारा कोई संबंध नहीं है। अभी तक सर्वेयरों के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अगर किसी भी प्रकार की अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।- मनीष चौरसिया, जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित नरसिंहपुर