: बड़े बाबा के रंग में रंगने जुड़ा भक्तों का सैलाब,हजारों भक्तों ने किया बड़े बाबा का अभिषेक
Mon, Mar 25, 2024
बड़े बाबा के रंग में रंगने जुड़ा भक्तों का सैलाब,हजारों भक्तों ने किया बड़े बाबा का अभिषेककुंडलपुर। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र जैनतीर्थ कुंडलपुर में धुलेड़ी के पावन पर्व पर बड़ी संख्या में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा ।इस अवसर पर पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक करने देश के विभिन्न अंचलों से हजारों भक्त जुटे ।होली के रंग में रंगने से बचने भक्त श्रद्धालुओं की भीड़ सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर पहुंची।बड़े बाबा के दर्शन, पूजन ,अभिषेक कर बड़े बाबा के रंग में रंग कर धन्य हो गए ।इस अवसर पर कुंडलपुर में विराजमान लगभग 30पिच्छी साधु, साध्वियों के दर्शन कर, आहार देकर अहो भाग्य माना । संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अभिषेक शांतिधारा के पहले प्रवचन देते हुए कहा आचार्य श्री का सपना था बड़े बाबा के दर्शन सभी को सहजता से हों। छोटे-छोटे दानदाताओं ने इतना विशाल बड़े बाबा का मंदिर बनाकर खड़ा कर दिया ।गुरुदेव के कार्यों को आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है मात्र 100 ग्राम चांदी हर माह देकर वर्ष भर में 1 किलो 200 ग्राम चांदी आप बड़े बाबा के परिकर के वैभव को बढ़ाने में दान कर सकते हैं ।दान की परंपरा में चांदी देकर गुरुदेव के सपने को पूरा करें ।गुरु के प्रति अपने कर्तव्यों को पूर्ण करें ।गुरुदेव भी इस महोत्सव को देख रहे होंगे ,आशीर्वाद दे रहे होंगे। बड़ी संख्या में बड़े बाबा के भक्तों ने 1 किलो 200 ग्राम चांदी दान करने का भाव बनाया और अभिषेक शांति धारा करने का सौभाग्य अर्जित किया । मीडिया प्रभारी जयकुमार जैन जलज ने बताया इस अवसर पर प्रथम अभिषेक, शांति धारा, रिद्धिमंत्र कलश ,छत्र चवंर आरती ,अभिषेक करने का सौभाग्य मयंक पर्व श्वेता श्राविका जैन परिवार शामली ,आकाश संयम नूपुर मान्या परिवार शामली, वैभव सतीश रितिका शुची संभव अरुण साधना परिवार शामली ,मयंक जैन अरुण जैन शामली ,प्रदीप संयम जैन सहारनपुर ,वैभव जैन गाजियाबाद ,रविंद्र गौरव पारस वरुण जैन आगरा ने सौभाग्य पाया।
: होली की अनंत शुभकामनाएँ देखो होली आई (गीत )
Mon, Mar 25, 2024
होली की अनंत शुभकामनाएँदेखो होली आई
(गीत )उड़ता है मद-भरा समीरण
देखो होली आई।भले अंक में दुःख घनेरे
अंगों पर फिर भी रँग फेरे।
चले लिए पीड़ा वासंती
अभिलाषाओं से मन घेरे।
टेसू के फूलों की गंगा
हमने आज नहाई।
देखो होली आई।आल्हादों में डूबे ये रँग
मन की पीड़ा को ढक लेते।
सतरंगी जीवन की चर्या
कुछ रोते हम कुछ हँस लेते।
होली के आने से सबके
दुःख हुए हैं राई।
देखो होली आई।लाल गुलाल पीत रंगों में
पुलक लिए मन के अंगों में।
तन मन हुलस हुलस कर गाये
थिरक थिरक ढोलक चंगों में।
नव उल्लास न मिटने पाए
अपने मन से भाई।
देखो होली आई।आप को सहपरिवार उल्लास पर्व होली की अनंत शुभकामनाएँसुशील शर्मा
: होली की बधाई चढ़ा प्रेम का रंग सभी पर (होली गीत)
Sun, Mar 24, 2024
होली की बधाईचढ़ा प्रेम का रंग सभी पर(होली गीत) पं. सुशील शर्मा चढ़ा प्रेम का रंग सभी परहोली आई रे भैया मन मिश्री तन रंग लगाएनाचें साथी छम -छम-छमयौवन का उल्लास समेटेबजे मृदंगा डम -डम-डमप्रेम, मौज-मस्ती में डूबेरंग मलें सब अंगों में।मस्ती में झूमें सब टोलीसरोबार हो रंगों में।भर -भर रंग गुलाल उड़ातेकान्हा माधव रे दैया। मुँह पर सारे रंग लगाएँजोकर जैसे लगते हैं।इस दिन सारे साथी अपनेदुश्मन जैसे दिखते हैं।ढूँढ़ -ढूँढ़ कर रँगते साथीघूम रहे सब इठलाते।रंग बिरंगा मुँह कर देतेगुझिया पापड़ फिर खाते।आज नहीं बच सकता कोईचाहे काकी या मैया। कृष्ण लली के प्रेम रीत कायह प्रीतम उपहार है।रंग बिरंगे प्रिय रंगों कायह अनुपम त्यौहार है।यौवन जीवन की लय होलीत्यागो नफरत की हाला।घृणा द्वेष सब भूलो भाईसुनो गीत होली वाला।भूल दुश्मनी गले लगातेगाते सब हैया -हैया । आप को नेह और उल्लास के रंगों से सरोबोर पर्व होली की अनंत शुभकामनाएँ ईश्वर आपको सिद्धि-प्रसिद्धि के नवल पथ पर गतिमान रखे। सुशील शर्मा