Tuesday 28th of April 2026

ब्रेकिंग

गौ सम्मान आव्हान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने को लेकर सौंपा प्रार्थना पत्र

स्वामी इंद्रदेव महाराज जी ने भी गौ सम्मान आव्हान अभियान का किया समर्थन

गाडरवारा गायत्री मंदिर में गौ माता की पूजा व धेनु चालीसा का पाठ कर गो माता के सानिध्य मे गो भक्तों ने सौंपा आवेदन

आज 27 अप्रैल 2026 को दोपहर में 3 बजे दादा जी धूनी वालों के दरबार में सभी गौ भक्त एकत्र होकर

सिहोरा मे पदस्थ न्यायाधीश सुधांशु सिन्हा एवं न्यायाधीश श्रीमति उर्वशी यादव का सिहोरा न्यायालय स्थानांतरण होने पर

: बगैर अनुज्ञापत्र के गौवंश के क्रूरतापूर्वक परिवहन पर एक ट्रक व 32 गौवंश राजसात 

Aditi News Team

Mon, Nov 7, 2022
परिवहन अनुज्ञापत्र प्राप्त किये बगैर गौवंश के क्रूरतापूर्वक परिवहन किये जाने के एक मामले में जिला दंडाधिकारी श्री रोहित सिंह ने जप्त एक ट्रक और 32 गौवंश राजसात करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 और मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध नियम 2012 के नियम 5 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। इस सिलसिले में एक ट्रक क्रमांक यूपी 75 एटी 5257 और 32 गौवंश को जप्त किया गया था। इस मामले में मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत थाना प्रभारी स्टेशनगंज नरसिंहपुर ने प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रकरण में इश्तगाशा के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट, जप्ती पत्रक, पंचनामा, गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण एवं मृत गौवंश के पोस्टमार्टम के लिए जारी पत्र, रोजनामचा विवरण, सम्पत्ति जप्ती पत्रक, गिरफ्तारी/ न्यायालय समर्पण पत्रक की प्रतियां संलग्न की गई थी। थाना प्रभारी के प्रतिवेदन में बताया गया था कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कृति ढाबा के पास एनएच 44 रोड के किनारे नकटुआ में उक्त ट्रक की तलाशी में 33 गौवंश को क्रूरतापूर्वक बांधकर एवं ठूंस- ठूंस कर भूखे- प्यासे की अवस्था में भरा गया था, जिससे एक गौवंश मृत पाया गया। प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अनावेदक मनोज कुमार पिता रतिराम लोधी निवासी ग्राम कचनारी मड़िया, सिकंदरा, तहसील व थाना सिकंदरा जिला कानपुर (उप्र) और शरीफ खान पिता बहीर खान निवासी महूरानीपुर जिला झांसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जानबूझकर न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उनके विरूद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की गई। उक्त वाहन में परिवहन अनुज्ञा पत्र प्राप्त किये बिना ही गौवंश का क्रूरता पूर्वक परिवहन किया जाना पाया गया। जिन परिस्थितियों में गौवंश का परिवहन किया जा रहा था, उससे स्पष्ट रूप से यह विश्वास योग्य था कि गौवंश का परिवहन वध के प्रयोजन के लिए किया जा रहा था। इन सभी तथ्यों पर एवं कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए जिला दंडाधिकारी ने उक्त जप्तशुदा वाहन एवं गौवंश शासन के पक्ष में राजसात किये जाने का आदेश पारित किया। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें को निर्देश दिये हैं कि जप्तशुदा गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रखरखाव की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।

Tags :

जरूरी खबरें