: शासकीय महाविद्यालय शाहगंज में निबंध प्रतियोगिता आयोजित
Tue, Nov 15, 2022
शासकीय महाविद्यालय शाहगंज में बाल दिवस के अवसर पर "सोशल मीडिया पर बच्चों का प्रभाव" विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीप्ती व्यास, द्वितीय स्थान दीपक कुमार एवं तृतीय स्थान पर साक्षी उइके ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. विजी नायर सहित अन्य शेक्षणिक स्टॉफ उपस्थित था।
: पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने भौगोलिक वेद शालाओं का किया अवलोकन
Tue, Nov 15, 2022
मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना विश्व बैंक के अंतर्गत (एजुकेशन टूर) भौगोलिक भ्रमण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरगोन के भूगोल विभाग के अंतर्गत भूगोल के विद्यार्थियों के द्वारा एक दिवसीय भौगोलिक भ्रमण शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन का भ्रमण कर अवलोकन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा वेधशाला में स्थित यंत्रों जैसे, संकु यंत्र, सम्राट यंत्र, नाडी वलय यंत्र, दिगश यंत्र, भित्ति यंत्र, नक्षत्र वाटिका के माध्यम से जानकारी प्राप्त की। वहीं दिन रात बराबर तथा वर्ष का सबसे बड़ा दिन और छोटा दिन और स्थानीय समय उत्तरी गोलार्ध दक्षिणी गोलार्ध वायु की दिशाएं वायु का वेग उन उन्नतांश याद किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त कर और गाइड ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहां की समय बताया कि जब सूर्य का प्रकाश होता है तब हमें विभिन्न यंत्रों के द्वारा भौगोलिक ज्ञान प्राप्त करना आसानी से हो जाता है। छात्र छात्राओं के द्वारा शिप्रा नदी रामघाट का भी अवलोकन किया गया। महाविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष भूगोल के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण दिनांक गत दिवस रविावार को ऐतिहासिक पर्यटन स्थल उज्जैन गया था। भ्रमण दल में 2 सहायक प्राध्यापक भूगोल एवं 34 विद्यार्थी सम्मिलित थे। डॉ सुरेश आवासे ने कहा कि भौगोलिक नक्षत्र का हाल. ग्रहों की स्थिति, समय, तारामंडल, मौसम यंत्र वेधशाला में सूर्य व ग्रहों के तुलनात्मक आकार उनका परिभ्रमण राशियों तथा नक्षत्रों में संबंध दर्शाती नक्षत्र वाटिका का निर्माण एवं पर्यटन से पर्यावरण के प्रभाव को प्रत्यक्ष देखने को मिला एवं धार्मिक एवं पवित्र नदी शिप्रा की कथा पुराण और नदी के किनारे से हजारों हिंदू मंदिर है। यह एक बारहमासी नदी है और हिंदुओं द्वारा गंगा नदी के समान पवित्र मानी जाती है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरएस देवड़ा ने कहा कि भौगोलिक भ्रमण से छात्र-छात्राओं में आंखों देखा और अवलोकन किया हुआ। ज्ञान लंबे समय तक स्थिर रहता है। भूगोल के विद्यार्थियों को एवं सहायक प्राध्यापक डॉ सुरेश आवासे एवं प्रो. एम.पी. सिंह को बहुत-बहुत शुभकामनाएं और भविष्य में भी ऐसे भौगोलिक ब्राह्मण एवं एजुकेशन टूर संचालित करते रहे।
: अटैचमेंट शिक्षकों को अपनी मूल संस्थाओं में उपस्थित होना होगा
Tue, Nov 15, 2022
जिले में शैक्षणिक व्यवस्था के नाम पर तथा अन्य विभागीय कार्यालयों में अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर शिक्षकों का आसंजन (अटैचमेंट) कर रखा है। उन सभी शिक्षकों का आसंजन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है और निर्देश दिए गए है कि आसंचित शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी मूल संस्थाओं में उपस्थिति देना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है कि जिले में शैक्षणिक व्यवस्था के नाम पर तथा विभिन्न विभागीय कार्यालयों में अन्य व्यवस्स्थाओं के नाम पर जिन शिक्षकों का आसंजन किया गया है। उन सभी शिक्षकों का आसंजन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। और इन शिक्षकों का आगामी वेतन अपने मूल पदस्थापना पर उपस्थिति दिनांक से मान्य किया जायेगा। इस संबंध में संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए है।
जिला पंचातय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश भार्गव ने बताया कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों को शैक्षणिक व्यवस्था एवं अन्य कार्यालयीन व्यवस्थाओं के नाम पर जिला शिक्षा अधिकारी दतिया, जिला परियोजना समन्वयक दतिया एवं अन्य विभागीय कार्यालयों द्वारा एवं अनयत्र शालाओं एवं कार्यालयों में अटैममेंट कर रखा था जिसकी शिकायतें विभिन्न समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया एवं निरीक्षण के दौरान भी पाई गई। कलेक्टर ने बताया कि इसको गंभीरता से लेते हुए ऐसे सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है। इस संबंध में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि अटैचमेंट किए गए शिक्षक या कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना पर उपस्थित न होने की स्थिति में उनके वेतन से भू-राजस्व के नियमों के तहत् वसूली की भी कार्यवाही करें।