: जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Sat, Jul 20, 2024
जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश में सेना के लिये तोप के साथ टैंक निर्माण भी होगा
रक्षा उपकरण निर्माण क्षेत्र में आएगा 600 करोड़ रूपये का निवेश
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अशोक लीलैंड और आर्मड व्हीकल के बीच हुआ करारनामा
मध्यप्रदेश में हीरे मिलते हैं, उन्हें प्रदेश में ही तराशने का काम भी शुरू होगा
जबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हुआ 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
नई औद्योगिक इकाइयों से 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, इकाइयों को सौंपे गये आशय-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में उद्द्योग स्थापना का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, रक्षा संस्थान के लिए एक टैंक निर्माण, फार्मा क्षेत्र और पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज जबलपुर के "सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इनफॉरमेशन सेंटर" में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की। यह सभी घोषणाएं उद्योगों के प्रोत्साहन से संबंधित हैं। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में टेक्सटाइल के अति आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जायेगी, जिससे विशेष रूप से बहनों को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 की आज दूसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जबलपुर में हुई। इसमें ताईवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी और इंडोनेशिया के साथ और देश के विभिन्न राज्यों से बड़े उद्योगपति शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि गत मार्च-2024 में उज्जैन में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश की 29 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और 38 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया। प्रदेश के विभिन्न 10 स्थान से जन-प्रतिनिधि लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़े। इनमें कुल 1500 करोड रुपए का निवेश होगा और 4500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र सौंपे गये, जिससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कुल 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र सौंपे गये। कॉन्क्लेव में आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम पॉलिसी-2023 का विमोचन भी किया गया।
अशोक लीलैंड का करारनामा
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 600 करोड रूपये के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा हुआ। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में यह नया कदम है। यह रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश है। साथ ही सहयोग क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा संस्थान के लिए अब तक तोप निर्माण का कार्य होता रहा है, अब सेना के लिए टैंक भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 16 औद्योगिक पार्क के माध्यम से कुल 517 लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों द्वारा पौने छः हजार करोड़ का निवेश किया गया, जिससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आज 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन एक महत्वपूर्ण समेकित प्रयास है। प्रदेश के 10 स्थानों से मंत्री, सांसद, विधायक वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें नवीन इकाइयों की सौगात के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में अनेक विभागों ने उद्द्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी है। खनिज के क्षेत्र में उड़ीसा के बाद मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर है। खदानों की निलामी में मध्यप्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी मानी गई है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रदेश में हीरे का खनन तो होता है, अब इन्हें तराशने का कार्य भी किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। काल के प्रवाह में अनेक बाधाएं भी देश ने देखीं लेकिन भारत ने पराक्रम, परिश्रम और आत्मविश्वास से आगे बढ़ कर दिखा दिया है कि हमारी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता।
उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों का शॉल और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उपस्थित अतिथियों में अडानी पॉवर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप दावत फूड्स, वोल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग लोहिया एनर्जी, आदि-शक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इनफो-विजन दुबई और दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स (डिक्की) सहित अन्य अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश की निवेश नीति और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक अधो-संरचना और औद्योगिक कॉरिडोर की विशेषताओं के साथ निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीति में सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला। साथ ही सभी निवेशकों को आगामी वर्ष 2025 में 7-8 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सहभागिता के लिए आमन्त्रित किया। कॉन्क्लेव के शुभारम्भ अवसर पर अतिथियों का स्वागत कर मध्यप्रदेश की विशेषताओं पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। जबलपुर की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 4 हजार से ज्यादा निवेशक जुटे। निवेश के लिए उद्यमियों से वन-टू-वन चर्चा भी हुई। कॉन्क्लेव में 5 सेक्टर्स एयो, माइंस, डिफेंस, टूरिज्म और गारमेंट्स उद्योग पर फोकस किया गया। प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और स्टार्ट-अप की वर्तमान स्थिति, इकोनॉमी में योगदान, भविष्य की संभावनाओं और अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया। महाकौशल क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के विभिन्न सेक्टर, एमएसएमई पॉलिसी के लाभ और निवेश प्रोत्साहन की विशेषताओं से अवगत कराया। प्रमुख सचिव खनिज श्री निकुंज श्रीवास्तव ने प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न खनिज, खनिज से जुड़े उद्योगों में निवेश के अवसरों, एक्सप्लोरेशन की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। खनिज नीलामी में निवेशकों के लिए सरल और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया, आसानी से मिलने वाली अनुमतियों की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर की जानकारी और संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों को सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में निवेश करने के लिए आमन्त्रित किया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिस-2023 की प्रक्रिया का निर्धारण करने वाली गाइडलाईन का विमोचन भी किया।
निवेशकों ने कहा "मध्यप्रदेश में लीडरशिप पर भरोसा है, मध्यप्रदेश सरताज बनेगा"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान राज्य की खनिज नीति के संदर्भ में तैयार की गई मार्गदर्शक पुस्तिका का विमोचन किया। कॉन्क्लेव में हाइडलबर्ग सीमेंट के सीईओ श्री जॉयदीप मुखर्जी, प्रतिभा सिंटेक्स के एमडी श्री श्रेयस्कर चौधरी, वीई कॉमर्शियल व्हीकल के एमडी श्री विनोद अग्रवाल और एसआरएफ लिमिटेड के सीएमडी श्री आशीष भारतम ने प्रदेश में निवेश करने के सुखद अनुभव सांझा किए। उन्होंने प्रदेश की सरल नीतियों और प्रोत्साहन को उद्द्योगों के लिए लाभदायक बताते हुए सभी निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए आमन्त्रित किया। श्री मुखर्जी ने कहा कि उन्हें लीडरशिप पर भरोसा है। मध्यप्रदेश में इसलिये निवेशक निवेश करने में रूचि लेते हैं। प्रतिभा सिंटेक्स के श्री श्रेयस्कर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जैसा कहते है, उसे पूरा भी करते है। वोल्वो आयशर के श्री विनोद अग्रवाल ने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश में 35 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देकर प्रसन्नता हुई है। प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण है। मध्यप्रदेश भारत का दिल है और अब मध्यप्रदेश सरताज बनेगा।
उद्योगपतियों के साथ अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी कॉन्क्लेव में हुए शामिल
प्रमुख उद्द्योगपतियों, विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों, नौकरशाहों और प्रमुख विदेशी प्रतिनिधियों सहित 4 हजार से अधिक हितधारकों की भारी भागीदारी देखी गई, जो राज्य की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ और संस्कारधानी में औद्योगिक विकास और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम स्थल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक और सूचना केंद्र में कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव, विशिष्ट अतिथि, एमएसएमई मंत्री, श्री काश्यप और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने किया। बैद्यनाथ ग्रुप, आईटीसी, वोल्वो आयशर, बेस्ट कॉर्प, एसआरएफ और दावत ग्रुप जैसे प्रमुख उद्योगों के अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। ताइवान, मलेशिया, यूके, फिजी, कोस्टारिका और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कॉन्क्लेव में 700 से अधिक खरीदार-विक्रेता बैठकों के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जिससे व्यवसायों और संभावित निवेशकों के बीच सीधी बातचीत की सुविधा मिली। मुख्यमंत्री और प्रमुख उद्योगपतियों के बीच लगभग 30 वन-टू-वन बैठकें हुई। इसके अलावा प्रदेश की 265 इकाइयों को 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र जारी किए गए थे। इससे कुल 1,800 करोड़ रुपये और 12 हजार व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार ने प्रतिबद्धतापूर्वक जबलपुर स्मार्ट सिटी पहल के तहत स्टार्टअप्स को धन के आवंटन और वितरण की भी घोषणा की। कॉन्क्लेव में 30 से अधिक वक्ताओं और पैनलिस्टों के साथ कई क्षेत्रीय सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने पर्यटन में विशिष्ट अवसरों पर चर्चा करते हुए पैनल चर्चा में भाग लिया। इसमें वस्त्र एवं परिधान, रक्षा, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी और खनन एवं खनिज क्षेत्र शामिल है। इन सत्रों ने हितधारकों को सार्थक चर्चाओं में शामिल होने और संभावित साझेदारियों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान किया। उद्योग संघों, स्टार्टअप्स और रक्षा, कपड़ा और परिधान के विशेषज्ञों के साथ गोलमेज चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख वक्ता शामिल थे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर लेकर जाने की है। प्रदेश में विकास की असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि निवेशक तभी आगे आता है जब उस क्षेत्र में निवेश करने की संभावना नज़र आती है। जबलपुर की जलवायु, माहौल, लोगों की श्रम-शक्ति एवं उनकी सकारात्मक सोच उद्योगों के विकास के लिए मुफीद है। यह फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाये जाने के लिए उपयुक्त है क्योंकि यहाँ सब्ज़ियों का उत्पादन अधिक होता है, जिसमें हरी मटर की माँग समूचे देश और विदेश में है। पर्यटन की दृष्टि से अमरकंटक, कान्हा, पेंच नेशनल पार्क और खजुराहो मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यह सभी मुख्य पर्यटन स्थल जबलपुर से नज़दीक है, जिससे यहाँ होटल इंडस्ट्री के विकास के उचित अवसर मिलते हैं। भेड़ाघाट एवं संगमरमर की वादियों फिल्म उद्योग के लिए अनुकूल स्थान है। जबलपुर में 4 डिफेंस फैक्ट्री हैं। इस सेक्टर में निजी क्षेत्र का निवेश भी आ रहा है। जबलपुर रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट की सुविधा होने से कनेक्टिविटी आसान है। यहाँ प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाइओवर, देश का पहला जियोलॉजिकल पार्क एवं देश की दूसरी सबसे बड़ी 118 किलोमीटर की रिंग रोड बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच के कारण ही आज जबलपुर में कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एक ऐसी शुरुआत है जो मध्यप्रदेश को देश में अलग स्थान प्रदान करेगी। महाकाल की नगरी उज्जैन से इसकी शुरुआत हुई जो आज महाकौशल में पहुंची है। यह कॉन्क्लेव क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य किसी क्षेत्र विशेष तक ही सीमित न करते हुये प्रदेश के सभी क्षेत्रों का विकास सामूहिक रूप से करना है। साथ ही स्थानीय उद्योगपतियों को विकास के नये अवसर प्रदान करना है, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार सृजन हो। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है इसके अंतर्गत डिफेंस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार प्रदेश में उद्योगों की श्रृंखला स्थापित करने की इस सोच से प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई सेक्टर का अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश के 16 जिलों में भी नई उद्योग इकाई लगाने की योजना प्रस्तावित है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्रीमती ललिता पारधी, जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर अन्नू एवं जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
: उदयपुरा जनपद पंचायत में हुआ, संवेदीकरण मानक ब्यूरो कार्यक्रम
Wed, Jul 17, 2024
उदयपुरा जनपद पंचायत की मीटिंग हॉल में,
ग्राम पंचायतों का संवेदीकरण मानक ब्यूरो कार्यक्रम का हुआ प्रशिक्षण
KamarRana
उदयपुरा रायसेन-----
भारतीय मानक ब्यूरो, भोपाल शाखा कार्यालय के तत्वाधान मे
मुख्य कार्यपालंन अधिकारी , जिला पंचायत व श्रीधर पांडेय , मानक संवर्धन अधिकारी (बीआईएस) , भोपाल के निर्देशन मे प्रशिक्षण ग्राम पंचायत के सचिव व सरपंचों के लिए एक दिवसीय संवेदिकरण कार्यक्रम का ब्लॉक स्तरीय आयोजन जनपद पंचायत उदयपुरा में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनायो मे भारतीय मानकों द्वारा बनाए गए उत्पादों को इस्तेमाल को प्राथमिकता देना था। भारतीय मानक ब्यूरो, देश का राष्ट्रीय मानक निकाय है जो उत्पादो के लिए मानक तैयार करती है । मानकों के आधार पर बने उत्पादों पर आईएसआई मार्क या स्वर्ण आभूषणों मे हालमार्क आदि लगाया जाता है , जो गुणवत्ता सुनिश्चित करते है
। यह प्रशिक्षण बेनिसन हेल्पिंग सोशल वेलफेयर सोसायटी भोपाल के सहयोग से सम्पन्न किया गया। प्रशिक्षक श्लेषा शुक्ला ने भारतीय मानक ब्यूरो, भोपाल शाखा कार्यालय ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में ऑनलाइन माध्यम से जानकारी दी।
उन्होंने अनुरूपता मूल्यांकन, हॉलमार्किंग, अपने मानकों को जानें, विभिन्न मानक प्रचार गतिविधियों, ग्राम पंचायतों को भेजे गए पत्र आदि सहित बीआईएस की गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति साझा की। बीआईएस द्वारा की गई नई पहलों पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने सभी विभागों से संबंधित उत्पाद विशेषतः पंचायत राज व ग्रामीण विकास से संबंधित मानकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम मे आईएसआई चिह्नित उत्पादों और हॉलमार्क आभूषणों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए उदाहरण के माध्यम से बीआईएस केयर ऐप का भी प्रदर्शन किया और शिकायतें भी दर्ज की प्रक्रिया को समझाया। "उपयोगकर्ता केंद्रित मानकों की सूची" भी दिखाई गई व संबंधित महत्वपूर्ण मानकों पर भी चर्चा की गयी। जनपद पंचायत सीईओ, सरपंच व सचिवों ने जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से संलग्न होने पर बीआईएस द्वारा की गई पहल के प्रयासों की सराहना की ।
उन्होंने उपभोक्ता सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करने में संस्था द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित हुए।उदयपुरा ब्लॉक स्तरीय पंचायत पदाधिकारी के संवेदीकरण का आयोजन जनपद पंचायत उदयपुरा के सभागार में संपन्न हुआ जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो के मानक के बारे उनकी टीम ने विस्तृत जानकारी प्रदान की।
: नरसिंहपुर जिले के प्रमुख समाचार
Wed, Jun 26, 2024
जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर। जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती पटले ने कहा कि बाल एवं कुमार (प्रतिषेध एवं विनिमयन) अधिनियम 1986 संशोधित 2017 के अंतर्गत सभी अधिकारी अपने- अपने निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करें कि कहीं पर बाल श्रम न हो और बाल श्रम पाये जाने पर तत्काल इसकी सूचना टास्क फोर्स समिति को देने के निर्देश दिये।जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक में बाल एवं कुमार (प्रतिषेध एवं विनिमयन) अधिनियम की जानकारी दी एवं विभाग द्वारा प्रचार- प्रसार की जानकारी भी दी गई।उक्त बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, जिला श्रम पदाधिकारी, मप्र जन अभियान, नोडल अधिकारी एवं अन्य सदस्य मौजूद थे।
उचित मूल्य दुकानविहीन ग्राम पंचायतों के लिए 3 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
नरसिंहपुर।नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार जिले के विकासखंड नरसिंहपुर में दुकान विहीन/ विक्रेता विहीन 4 ग्राम पंचायतों में नवीन उचित मूल्य दुकान के आवंटन के लिए प्रक्रिया ऑनलाइन सम्पन्न की जायेगी। विकासखंड नरसिंहपुर में दुकान विहीन ग्राम पंचायत कल्यानपुर व बाबरिया और विक्रेता विहीन दुकानें ग्राम पंचायत इमलिया व गुड़वारा में नवीन उचित मूल्य दुकान आवंटित की जाना है। इस संबंध में पोर्टल https://rationmitra.nic.in पर उक्त उचित मूल्य दुकानविहीन ग्राम पंचायतों के लिए पात्र संस्थायें 3 जुलाई 2024 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। नियत तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा। दुकान आवंटन की कार्रवाई अनुविभागीय राजस्व अधिकारी नरसिंहपुर द्वारा की जायेगी। यह जानकारी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी नरसिंहपुर ने दी है।
दस्तक अभियान का शुभारंभ
नरसिंहपुर।
जिले में दस्तक अभियान का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज दुबे व सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार ने जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर में दीप प्रज्जवलित कर किया। यह अभियान 25 जून से 27 अगस्त 2024 तक चलाया जायेगा।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज दुबे ने बताया कि उक्त मौसम में बच्चे बीमार होते हैं। बच्चों के शरीर के अंदर पानी की कमी नहीं रहे, इसके लिए बच्चों को पानी अधिक से अधिक मात्रा में पिलाये। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का संयुक्त दल घर- घर जाकर बाल्यवस्था में होने वाली बीमारियों का आंकलन कर रोकथाम के लिए उचित प्रबंधन करेगा। उन्होंने सभी आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्य में अपना सहयोग करें और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।
सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जून माह में गर्मी एवं बरसात के मौसमी बीमारियों का प्रकोप अधिक रहता है। इससे संक्रमण के कारण बीमारियॉ फैलती हैं और व्यक्ति बीमार होते हैं। माह जून में 5 वर्ष के बच्चों में बीमारी से ग्रसित होने की अधिक संभावना होती है। स्वास्थ्य विभाग का अमला घर- घर जाकर बच्चों में होने वाली संक्रमित बीमारियों की पहचान का उपचार करेगी। उन्होंने बताया कि अभियान में बीमार बच्चों को चिन्हित करने के साथ उनको मुख्यालय तक लाने और इलाज कराने की पूरी व्यवस्था टीम द्वारा की जाएगी। एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर- घर जाकर दस्तक देंगे एवं जिन पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाया जायेगा।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन व डॉ. सुनीता पटैल ने भी अभियान के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रशांत सोनी और आभार प्रभारी जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर डॉ. राहुल नेमा ने किया। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधि, अस्पताल का स्टाफ और नागरिक मौजूद थे।
जनसुनवाई में आये 136 आवेदन
नरसिंहपुर।कलेक्टर कार्यालय नरसिंहपुर के जनसुनवाई हाल में मंगलवार 25 जून को जिले के विभिन्न स्थानों पहुंचे लोगों ने कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले को अपनी समस्यायें बताई और आवेदन दिये। कलेक्टर ने लोगों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों के समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने विभिन्न आवेदनों का मौके पर भी निराकरण कराया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी लोगों की समस्यायें सुनी, आवेदन लिए और समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये। कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में 136 आवेदन आये।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
नरसिंहपुर, 25 जून 2024. राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में वित्तीय वर्ष 2024- 25 में आवंटित लक्ष्य की पूर्ति के लिये योजना अंतर्गत उद्योग, सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र नरसिंहपुर द्वारा विभागीय पोर्टल samast.mponline.gov.in पर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये जा रहे हैं।मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत उद्योग क्षेत्र (विनिर्माण इकाई) के लिये 50 हजार रुपये से 50 लाख रुपये तक तथा सेवा व खुदरा व्यवसाय के लिये 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक के उद्यम स्थापित किये जा सकते हैं। इस योजना में आवेदक मप्र का मूल निवासी, कक्षा 8 वीं उत्तीर्ण, 18 से 45 वर्ष की सीमा में आयु एवं परिवार की वार्षिक आय 12 लाख से अधिक न हो। पात्र व्यक्ति ही ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। पात्र हितग्राहियों के वितरित प्रकरणों में ब्याज अनुदान राशि 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 7 वर्षों तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) देय होगी। सीजीटीएमएसई फीस (गारंटी शुल्क) योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों के वितरित प्रकरणों में प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षो तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) देय होगी। यह जानकारी महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र नरसिंहपुर ने दी है।
श्रमिकों की राशन कार्ड पात्रता पर्ची बनाये जाने के लिए
नरसिंहपुर।माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र, असंगठित/ प्रवासी श्रमिकों को दो माह के भीतर राशन कार्ड- पात्रता पर्ची जारी कर मुख्य सचिव द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाना है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार जिले में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की जिलावार, परिवार समग्र आईडी स्थानीय निकायवार, ग्राम पंचायत/ ग्रामवार/ वार्डवार सूची उपलब्ध कराई गई है। जनपद पंचायत नरसिंहपुर के अंतर्गत 110 परिवार, गोटेगांव के अंतर्गत 556 परिवार, सांईखेड़ा के अंतर्गत 202 परिवार, चांवरपाठा के अंतर्गत 109 परिवार, चीचली के अंतर्गत 69 परिवार व करेली के अंतर्गत 117 परिवार, नगर पालिका नरसिंहपुर के अंतर्गत 73 परिवार, गाडरवारा के अंतर्गत 359 परिवार, नगर परिषद गोटेगांव के अंतर्गत 87 परिवार, सांईखेड़ा के अंतर्गत 12 परिवार, चीचली के अंतर्गत 41 परिवार, करेली के अंतर्गत 223 परिवार, तेंदूखेड़ा के अंतर्गत 48 परिवार और सालीचौका के अंतर्गत 3 परिवार सहित कुल 2009 परिवार हैं।इस संबंध में ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें राजस्व विभाग के पटवारी को नोडल अधिकारी व शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसमें ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ग्राम पंचायत के सभी कोटवार को दल में शामिल किया गया है। इसी तरह नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें राजस्व विभाग के पटवारी को नोडल अधिकारी व शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसमें नगर पालिका के वार्ड प्रभारी, वार्ड की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व वार्ड की सभी आशा कार्यकर्ता को दल में शामिल किया गया है।गठित सर्वे दल सूची में वर्णित श्रमिक परिवारों के घर- घर जाकर पात्रता पर्ची निर्मित किये जाने के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे आवेदन, समग्र आईडी का प्रिंट, सभी सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति, 27 पात्रता श्रेणी में से किसी एक श्रेणी का वैध दस्तावेज की प्रतियां प्राप्त कर आवेदन के साथ संबंधित स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे व शासन की समयावधि में सर्वे का कार्य करेंगे। ऐसे श्रमिक जिनके पास शासन द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत 27 प्राथमिकता परिवार के दस्तावेज हैं वहीं श्रमिक पात्रता पर्ची के लिए पात्र होंगे। गठित दल द्वारा अभियान के अंतर्गत पात्र एवं अपात्र पाये गये श्रमिकों की पृथक- पृथक सूची तैयार कर संबंधित क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी/ जनपद पंचायत/ मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगरीय निकाय को प्रस्तुत करेंगे। पात्र पाये गये श्रमिकों को राशन मित्र पोर्टल पर सेक्शन करने की कार्यवाही संबंधित स्थानीय निकाय के अधिकारियों/ कर्मचारियों द्वारा नियमानुसार की जायेगी। स्थानीय निकाय द्वारा राशन मित्र पोर्टल पर सेक्शन किये गये परिवारों को उचित मूल्य दुकान से मैपिंग करने का कार्य संबंधित कनिष्ठ आूपर्ति अधिकारी नरसिंहपुर द्वारा प्रतिदिन जेएसओ लॉगिन से किया जायेगा। ऐसे श्रमिक जो पूर्व से राशन प्राप्त कर रहे हैं उनका ई- केवायसी अनिवार्य रूप से संबंधित उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा कराया जाये। उक्त कार्य श्रम पदाधिकारी नरसिंहपुर श्रीमती ज्योति पांडे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी जिले की समस्त स्थानीय निकाय के नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपदों के सीईओ के सम्पर्क में रहकर उक्त कार्य कराना सुनिश्चित करेंगे। गठित दलों से श्रमिकों का सर्वे कार्य समयावधि में पूर्ण कराकर उक्त प्रगति की जानकारी प्रतिदिन निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिले की स्थानीय निकाय अंतर्गत सर्वे दलों को सर्वे कार्य के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या हो, तो वे कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी से सम्पर्क कर समस्या का निराकरण करेंगे। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अपने- अपने अनुविभाग में संबंधित स्थानीय निकाय व जनपद पंचायत द्वारा कार्य प्रगति की समीक्षा कर समयाविध में उक्त कार्य कराना सुनिश्चित करेंगे। उक्त कार्यवाही सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आगामी तीन दिवस में पूर्ण कराई जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान संबंधी
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जन शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण आरंभ
नरसिंहपुर।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश के परिपालन में दमोह जिले के जनशिक्षकों का बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान संबंधी पांच दिवसीय प्रशिक्षण डाइट नरसिंहपुर में 24 जून से 28 जून तक आयोजित किया जा रहा है। पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में दमोह जिले के 106 जन शिक्षकों को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बुनियादी शिक्षा एवं साक्षरता ज्ञान पर विशेष ध्यान रखते हुए प्रदेश में कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के लिए मिशन अंकुर संचालित किया जा रहा है। नवीन अभ्यास पुस्तिकायें, पेडागाजिकल विकास के लिए तैयार शिक्षक संदर्शिका के विद्यालय स्तर पर सफल क्रियान्वयन के लिए जन शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डाइट प्राचार्य डॉ. एमएस खान व प्रशिक्षण प्रभारी श्री संजय शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर द्वारा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान संबंधी हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित विषय पर जनशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में अंग्रेजी विषय में बीएसी श्री मनीष कटारे, व्याख्याता डाइट श्री शैलेश वर्मा, गणित विषय में सहायक प्राध्यापक डाइट श्री आरके यादव, व्याख्याता डाइट श्री डीके सेन व हिंदी विषय में व्याख्याता डाइट श्री जीएल उप्रेलिया, बीएसी श्री अरुण दुबे द्वारा प्रोजेक्ट के माध्यम से दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की सहभागिता के साथ प्रशिक्षित किया जा रहा है।
टीएल बैठक संपन्न
नरसिंहपुर, 24 जून 2024. कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा कर निर्देशित किया कि नान अटेंडेंट शिकायत नहीं हो इसका अधिकारी विशेष ध्यान रखें। शिकायतों का समय सीमा में तत्परता से निराकरण किया जाये। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार और अन्य ज़िला अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने नगरीय विभाग की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को मिलने वाले हितलाभ की जानकारी ली। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के पूर्व नाले- नालियों की समुचित साफ- सफाई की जाये, जिससे आबादी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। सभी नगरीय निकायों के सीएमएचओ यह सुनिश्चित करें कि विशेष परिस्थितियों के अलावा यात्री बस वाहन निर्धारित बस स्टॉफ पर ही रोकें जायें।राज्य शासन के निर्देशानुसार खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिले में मांस विक्रय दुकानें नियमानुसार संचालित हो। नियम के विरूद्ध संचालित दुकानों पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाये। स्कूलों की दीवारों पर शैक्षणिक, क्रांतिकारी, वैज्ञानिकों के चित्र बनवायें और अन्य निजी विज्ञापन दीवारों पर नहीं होने चाहिए। मानसून पूर्व शासकीय भवनों के डिस्मेंटल भवन एवं भवन मरम्मत कार्य की समीक्षा कर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिये। भवनों का डिस्मेंटल कर प्रमाण पत्र जमा करें। उन्होंने निर्माणाधीन व अधूरे पड़े आंगनबाड़ी भवन और भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए विभाग से भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि अतिक्रमण, बंटवारा आदि के प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की। श्रम विभाग द्वारा चाइल्ड केयर संबंधी जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि मजदूर पूरी किट के साथ कार्य करें। सीएमएचओ डॉ. राकेश बोहरे ने 25 जून से दस्तक अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने दस्तक अभियान के दौरान महिला बाल विकास व एनआरएलएम को सहयोग करने के लिए कहा। कलेक्टर ने सांख्यिकी विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि पेंशनरों की सूची जारी कर ई- केवायसी के लिए कैंप लगाये जायें। संबल योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता राशि के आवेदनों की समीक्षा की।कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिंग उत्पीड़न (निवारण एवं प्रतिषेध व प्रतितोषण) अधिनियम 2013 एवं नियम 2013 के क्रियान्वयन के तहत सभी संस्थाओं में बोर्ड लगा होना चाहिये। अधिकारियों द्वारा इसका अवलोकन भी किया जाये।
स्थानीय परिवाद समिति के लिए आवेदन आमंत्रित
नरसिंहपुर।महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण एवं प्रतिषेध एवं प्रतितोषण) अधिनियम 2013 एवं नियम 1013 के क्रियान्वयन के तहत स्थानीय परिवाद समिति का गठन किया जाना है। समिति के लिए अध्यख एवं सदस्य पद हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। ये आवेदन पात्र अभ्यर्थी सादे कागज में विज्ञापन प्रकाशित होने के 10 दिवस के भीतर कार्यालयीन समय में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नरसिंहपुर में व्यक्तिगत या डाक द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। स्थानीय परिवाद समिति के अध्यक्ष/ सदस्यों की नियुक्ति 3 वर्ष की अवधि के लिए होगी।अध्यक्ष पद के लिए सामाजिक कार्य के क्षेत्र में प्रसिद्ध एवं महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध महिलायें, जो कम से कम पांच वर्ष का अनुभव रखती हों, आवेदन कर सकती हैं। दो सदस्य जिन्हें लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित मुद्दों पर विशेषज्ञता प्राप्त हो तथा इसमें समाज कार्य के क्षेत्र में कार्य सामाजिक कार्यकर्ता, जो महिलाओं के सशक्तिकरण एवं विशिष्टत: कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की समस्या को दूर करने के लिए अनुकूल सामाजिक परिस्थितियों का मार्ग प्रशस्त करता है और ऐसा व्यक्ति जिसे श्रम रोजगार, सिविल या दांडिक विधि में अर्हता प्राप्त है, परंतु कम से कम एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या केन्द्र सरकार द्वारा समय- समय पर अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय की महिला होगी, में से कोई सम्मिलित हो सकेगा। जिले में विकासखंड तहसील, वार्ड अथवा नगर पालिका में कार्यरत महिलाओं में से एक सदस्य नामांकित किये जायेंगे।