: मध्यप्रदेश ने बिना शोर के बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति कर उपलब्धि हासिल की : प्रधानमंत्री श्री मोदी
Wed, Apr 12, 2023
मध्यप्रदेश ने लगाई है शिक्षा के क्षेत्र में लंबी छलांग
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के प्रयासों की खुले दिल से की प्रशंसा
शिक्षकों को दूसरे वर्ष ही मिलने लगेगा शत-प्रतिशत वेतन, पूर्व सरकार का फैसला था गलत : मुख्यमंत्री श्री चौहान
नव नियुक्त शिक्षकों को मिले नियुक्ति बधाई पत्र
मुख्यमंत्री निवास में हुआ नव नियुक्त शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
भोपाल।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए घोषणा की कि पूर्व सरकार ने शिक्षकों को पूर्ण वेतन देने के लिए कई साल प्रतीक्षा करने का आदेश निकाला था, जो गलत था। इसे बदल कर नए सिरे से लागू किया जाएगा। अब शिक्षकों को दूसरे वर्ष में ही वेतन की 100 प्रतिशत राशि प्राप्त होने लगेगी। प्रथम वर्ष 70 प्रतिशत राशि के बाद 100 प्रतिशत प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना होता था। अब यह प्रक्रिया एक वर्ष में पूर्ण हो जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को 4 वर्ष की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में नव-नियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
22 हजार शिक्षकों की निुयक्ति मौन साधना : प्रधानमंत्री श्री मोदी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के लिए भेजे गए अपने वीडियो संदेश में कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय मूल्यों के संवर्धन पर जोर देती है। मध्यप्रदेश में व्यापक तौर पर शिक्षकों की भर्ती की गई है। इस साल 22 हजार शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इन सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि इन शिक्षकों में से लगभग आधे शिक्षक जनजातीय बहुल इलाकों के विद्यालयों में नियुक्त किए गए हैं। इनकी नियुक्ति से सर्वाधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा। हमारी भावी पीढ़ी को लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश सरकार ने इस वर्ष एक लाख से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा है, जो प्रसन्नता का विषय है। इस साल के अंत तक 60 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि मध्यप्रदेश शिक्षा सर्वे में देश में 17 वें स्थान से छलांग लगा कर 5 वें स्थान पर आ गया है। शिक्षा की गुणवत्ता की दृष्टि से मध्यप्रदेश की यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश ने बिना शोर मचाए यह उपलब्धि हासिल की। इस तरह का कार्य करने के लिए समर्पण की आवश्यकता होती है। इसके बिना यह संभव नहीं होता। एक तरह से यह मौन साधना का भाव है। शिक्षा के प्रति भक्ति भाव से यह संभव होता है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों, सभी शिक्षकों और मध्यप्रदेश सरकार को इस मौन साधना के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्ष के जीवन को देखिए तो आप पाएंगे कि जिन लोगों ने आपके जीवन में सबसे ज्यादा प्रभाव डाला, आपकी माता जी और आपके शिक्षक जरूर होंगे। इसी तरह आपको भी अपने विद्यार्थियों के दिल में जगह बनानी है। आपकी शिक्षा देश का वर्तमान ही नहीं भविष्य भी सँवारे। आपकी दी गई शिक्षा समाज में भी परिवर्तन लाये। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार को बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति के कार्य के लिए पुन: बधाई देते हुए इस कार्य को अनूठी पहल बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा देने में शिक्षकों के अहम योगदान का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से आह्वान किया कि वे भले शिक्षा दें पर अपने अंदर के विद्यार्थी को न मरने दें।
कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में देश में बड़े लक्ष्यों और नए संकल्पों को सामने रख कर कार्य किया जा रहा है। आज हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनाए जा रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में आज जिस तेज गति से अधो-संरचना निर्माण की रफ्तार है, उससे भी रोजगार की नई संभावनाएँ बन रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में अनेक स्थानों से वंदे भारत ट्रेन प्रारंभ की गई हैं। इनके प्रारंभ होने से कारोबारियों और आम लोगों को सुविधा हुई है। साथ ही पर्यटन विकास को बढ़ावा मिल रहा है। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट और एक जिला-एक उत्पाद जैसी योजनाओं से भी स्थानीय उत्पाद दूर-दूर तक पहुँच रहे हैं। मुद्रा योजना से भी उन लोगों को बड़ी मदद मिली है जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर थे। सरकार ने नीतिगत स्तर पर जो परिवर्तन किए हैं उसने भारत के स्टार्टअप के क्षेत्र में भी रोजगार के अनेक अवसर बनाए हैं। रोजगार और स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार का कौशल विकास पर भी विशेष जोर है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए देश में कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं। इस वर्ष के बजट में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर खोलने का निर्णय लिया गया है। इनमें युवाओं को न्यू एज टेक्नालॉजी द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जरिए छोटे कारीगरों को ट्रेनिंग देने के साथ एमएसएमई से भी जोड़ने की पहल की गई।
शिक्षकों पर भावी पीढ़ी के निर्माण का दायित्व : मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज का दिन अविस्मरणीय है। शिक्षक का सही नाम गुरू होता है। यहाँ मौजूद सभी शिक्षक गुरू हैं। गुरू वशिष्ठ और गुरू द्रोणाचार्य से लेकर अनेक ख्यातिनाम गुरू हुए। यदि कोई नौकरी के भाव से शिक्षक बनता है तो वह रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है जो आवश्यक भी है, लेकिन गुरू का कार्य प्रोफेशन से आगे मिशन भाव से कार्य करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विजनरी लीडर हैं। उनके दृढ़-संकल्प से एक सर्व सम्मत शिक्षा नीति-2020 भारत में आई है। इसके अंतर्गत ही शिक्षा व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। मध्यप्रदेश का स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग नवीन शिक्षा नीति अच्छी तरह लागू करने के लिए बधाई का पात्र है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय सर्वे में 17वें नंबर से 5वें नंबर तक आया है। यह दोनों विभागों के परिश्रम का परिणाम है। शिक्षकों पर भावी पीढ़ी के निर्माण का दायित्व है। इस वर्ष 22 हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन सभी का स्वागत है और यह भी अपेक्षा है कि नव नियुक्त शिक्षक भावी पीढ़ी के निर्माण का दायित्व निभायें। शिक्षक होना सिर्फ एक नौकरी नहीं समाज को बनाने का भी कार्य है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिक्षकों से कहा कि यदि आपको बच्चों को सकारात्मक दिशा में बदलना है तो पहले स्वयं को बदलना होगा। मुख्यमंत्री ने एक मंदिर निर्माण में लगे तीन व्यक्तियों के अलग-अलग दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए कहा कि सबसे अच्छा दृष्टिकोण यह है कि यह सोच कर कार्य किया जाए कि इस कार्य का हमें शुभ अवसर या सुअवसर मिला है। मैं बेहतर से बेहतर योगदान दूँगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चे मिट्टी के लौंदे होते हैं, उन्हें शिक्षक जैसा चाहे बना सकते हैं। स्वयं के लिए गुरू बनने का संकल्प लेंगे तो बच्चों को बनाने, मध्यप्रदेश को बनाने और भारत को बनाने में सबसे बड़ा योगदान देंगे। आप नया मध्य प्रदेश और नया भारत गढ़ सकते हैं। आचरण से ही हम सिखा सकते हैं सिर्फ भाषण से नहीं। चरित्रवान बच्चों के निर्माण से भारत बन कर खड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद के उस कथन का उल्लेख किया कि शिक्षा मनुष्य को मनुष्य बनाती है। शंकराचार्य जी ने भी शिक्षा को इस लोक और परलोक में भी सही दिशा देने में उपयोगी बताया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं- विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना।
ऐसे बच्चे तैयार करें जो जमाना बदल दें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं शिक्षक की भूमिका में रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आज कल लाड़ली बहना योजना का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में दर्शन शास्त्र में एमए के बाद वे अल्प समय के लिए शिक्षण कार्य से भी जुड़े रहे। इसके पहले बाल्य काल में जैत ग्राम में उन्होंने रामायण की चौपाइयों की व्याख्या और अर्थ बताने का कार्य करते हुए एक वक्ता की पहचान बनाई थी। यह ग्राम के विद्यालय में गुरू से प्राप्त मार्गदर्शन का ही परिणाम था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश गान का निर्माण करने का भी उल्लेख किया जो सभी नागरिकों के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का कार्यकाल औसत रूप से 30 साल माने तो हमें विचार करना चाहिए कि बेहतर गुरू बन कर ऐसे बच्चे तैयार करें जो जमाना बदल दें। शिक्षकों की भूमिका सार्थक होती है तो समाज भी शिक्षकों का आदर करता है और उनके चरण धोकर पीता है।
भैरूंदा के शिक्षकों के योगदान का उल्लेख, ग्राम के शिक्षक को भी याद किया
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भैरूंदा (नसरुल्लागंज) के शिक्षकों ने अपनी स्वयं की राशि से कक्षाओं को स्मार्ट क्लास बनाकर बच्चों को सहयोग दिया। यह शिक्षकों के सामाजिक योगदान का अनूठा उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने प्रायमरी के शिक्षक श्री रतन चंद जैन द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का भी विशेष उल्लेख किया।
नव नियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्यमंत्री श्री चौहान और अन्य अतिथियों ने शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश गान के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न जिलों में पदस्थ किए गए कुछ शिक्षकों को प्रतीक स्वरूप नियुक्ति बधाई पत्र सौंपे। इन शिक्षकों में सुश्री शेफाली गुर्जर जिला सीहोर, श्री शुभम गुप्ता जिला नर्मदापुरम, श्री हुकुम चंद राठौर जिला राजगढ़, श्री राजेश घोटे जिला बैतूल, सुश्री ममता गोयल जिला देवास और श्री आनंद मीना जिला देवास शामिल हैं।
राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार वर्चुअल जुड़े। जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने प्रारंभिक संबोधन दिया। कार्यक्रम में योग आयोग के अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश शर्मा, पाठ्य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, महर्षि पतंजलि संस्थान के अध्यक्ष श्री भरत दास बैरागी, योग संस्था की अध्यक्ष सुश्री पुष्पांजलि शर्मा, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
: मध्य प्रदेश के प्रमुख समाचार
Wed, Mar 22, 2023
दमोह के कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र पवित्र घोषित
पृथ्वीपुर बना जिला निवाड़ी में नवीन अनुभाग
सागर, सिंगरौली और भिंड में नवीन तहसीलों के गठन की स्वीकृति
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जिला दमोह के कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र को पवित्र घोषित करने का निर्णय लिया गया। कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत कुंडलपुर और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत बांदकपुर के क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है।
अनुगूँज को प्रदेश, जिला स्तर एवं हाई / हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आयोजित किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने कलाओं से समृद्ध शिक्षा "अनुगूँज" अंतर्गत विद्यार्थियों की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 10 करोड़ रुपए व्यय करने एवं योजना की स्वीकृति दी। "अनुगूंज" के प्रभाव को देखते हुए इसे प्रदेश स्तर, जिला स्तर एवं हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रारूप जारी किया गया था। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्य सहगामी गतिविधियों (Extra-Curricular Activities) पर बहुत अधिक बल दिया गया है। स्टीम (S.T.E.A.M.) शिक्षा पद्धति के (Way Forward) के रूप में तथा शिक्षा को कला के माध्यम से समृद्ध करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में भोपाल स्तर पर एक उच्च गुणवत्तायुक्त सांस्कृतिक एवं थियेटर कार्यक्रम "अनुगूंज आयोजित किया गया था।
ग्वालियर में हिंदी भवन के लिए 7 करोड़ रूपये सहायता राशि
मंत्रि-परिषद ने संस्कृति विभाग द्वारा कलेक्टर ग्वालियर के माध्यम से मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा को हिंदी भवन के निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ रुपए का अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया। वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम अनुपूरक अनुमान अंतर्गत नवीन योजना "9904- हिंदी भवन निर्माण हेतु सहायता" हेतु बजटीय प्रावधान 2 करोड़ रुपए मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा को दिए जायेंगे।
जिला निवाड़ी में नवीन अनुभाग पृथ्वीपुर
मंत्रि-परिषद ने जिला निवाड़ी में नवीन अनुविभाग पृथ्वीपुर बनाने की स्वीकृति दी। नवीन अनुभाग में तहसील पृथ्वीपुर का सम्पूर्ण क्षेत्र समाविष्ट होगा। साथ ही मूल अनुविभाग निवाड़ी में तहसील निवाड़ी एवं तहसील ओरछा का सम्पूर्ण क्षेत्र समाविष्ट होगा। अनुभाग पृथ्वीपुर के कुशल संचालन के लिए स्टेनो-टाइपिस्ट का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 3, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 पद, इस प्रकार कुल 11 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला भिण्ड में नवीन तहसील अमायन गठित
मंत्रि-परिषद ने जिला भिण्ड में नवीन तहसील अमायन के गठन का निर्णय लिया। वर्तमान तहसील मेहगांव के पटवारी हल्का नम्बर 39 से 66 तक कुल 28 पटवारी हल्कों के 64 ग्राम का अपवर्जन कर नवीन प्रस्तावित तहसील अमायन में समाविष्ट करते हुए नई तहसील बनेगी। नवीन तहसील अमायन के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 02, जमादार / दफ्तरी / बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला सिंगरौली में नवीन तहसील दुधमनिया
मंत्रि-परिषद ने जिला सिंगरौली में नवीन तहसील दुधमनिया गठित करने का निर्णय लिया। नवीन तहसील में तहसील चितरंगी के पटवारी हल्का क्रमांक 79 से 112 इस प्रकार कुल 34 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। तहसील दुधमनिया के गठन उपरांत, शेष चितरंगी तहसील में राजस्व निरीक्षक मण्डल कोरावल के हल्का क्रमांक 01 से 21, राजस्व निरीक्षक मण्डल मौहरिया के हल्का क्रमांक 22 से 48 तथा राजस्व निरीक्षक मण्डल चितरंगी के हल्का क्रमांक 49 से 78, इस प्रकार कुल 78 पटवारी हल्के शेष रहेंगे।
नवीन तहसील दुधमनिया के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 3, जमादार / दफ्तरी /बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 5, इस प्रकार कुल 17 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला सागर में नवीन तहसील बांदरी
मंत्रि-परिषद ने जिला सागर में नवीन तहसील बांदरी के गठन की स्वीकृति दी। नवीन तहसील मे तहसील मालथौन के पटवारी हल्का नंबर 21, पटवारी हल्का क्रमांक 32 से 34 व हल्का क्रमांक 39 से 62 तक, कुल 28 हल्के समाविष्ट होंगे। नवीन तहसील बांदरी के गठन पश्चात शेष मालथौन तहसील में वर्तमान तहसील मालथौन के हल्का क्रमांक 01 अटाकर्नेलगढ़ से 20 दुगाहाकला तक, हल्का क्रमांक 22 गीधा से हल्का क्रमांक 31 नौनिया तक, हल्का क्रमांक 35 रजवांस से हल्का क्रमांक 38 बनखिरिया तक, कुल 34 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। नवीन तहसील बांदरी के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/दफ्तरी/बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4, इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किए गए हैं।
184 स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण/उन्नयन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 184 स्वास्थ्य संस्थाओं (10 सिविल अस्पताल, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 157 उप स्वास्थ्य केन्द्र) की स्थापना/ उन्नयन का अनुमोदन प्रदान किया गया। जल जीवन मिशन में 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति दी गई है। साथ ही वर्तमान में कार्यरत 15 एवं गठित होने वाली 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के लिए विभिन्न पदों की भी स्वीकृति दी गई। जिला मुख्यालय रीवा, सागर, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सीहोर, अलीराजपुर, छतरपुर, कटनी एवं मण्डला के लिए नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही जल निगम के कार्यों के विस्तार तथा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं के वृहद स्वरूप को देखते हुए जल निगम के लिए 463 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई।
लोक परिसंपत्ति का निर्वर्तन
मंत्रि-परिषद् ने जिला सागर की राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 47, खसरा क्रमांक 184/2, ग्राम तिलिमाफ़ी, पार्सल क्र. 2 स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 10481 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 18 करोड़ 56 लाख 25 हजार रूपए की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-I निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया।
मंत्रि-परिषद् ने जिला मुरैना में म. प्र. सड़क परिवहन विभाग की मुरैना शहरी क्षेत्र के मुख्य मार्ग वार्ड क्र. 13, डॉ. राम मनोहर लोहिया वार्ड, ग्राम जौरा खुर्द स्थित मुरैना बस डिपो एवं बस स्टेंड की ब्लॉक-ए भूमि परिसम्पत्ति के H-1 निविदाकार को न्यायालयीन प्रकरण के दृष्टिगत निविदा राशि की तृतीय एवं अंतिम किश्त के अंतिम देय दिनांक 8 जून 2022 से लेकर समस्त न्यायालयीन प्रकरण समाप्त होने की तिथि 5 दिसंबर 2022 तक अधिरोपित अर्थदण्ड ब्याज राशि माफ़ की जाकर परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिए अनुबंध / रजिस्ट्री के निष्पादन की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।
हम कैदियों को आपराधिक दृष्टि से नहीं देख कर, उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं: मुख्यमंत्री श्री चौहान
जेल विभाग के चयनित 34 अभ्यर्थियों को वितरित किए नियुक्ति-पत्र
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख 24 हजार पदों की नियुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में 132 जेले हैं और उनमें 50 हजार से अधिक कैदी हैं। उन्होंने कहा कि हम कैदियों को आपराधिक दृष्टि से नहीं देख कर उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं। उनके स्वास्थ्य और उपचार की व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। इसलिए पेरामेडिकल स्टॉफ में चयन कर कैदियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान निवास पर जेल विभाग के 34 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित कर रहे थे। गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, और प्रमुख सचिव जेल श्री संजीव कुमार झा उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चयनित अभ्यार्थी काम करने का दृष्टिकोण हमेशा अच्छा रखें। सकारात्मक भावना, प्रसन्नता और आनंद से कार्य करें। उन्होंने एक कहानी का प्रसंग देखते हुए नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो कार्य हमें मिला है उसे पूरी प्रामाणिकता, मेहनत और ईमानदारी से करें। कार्य ही भगवान की पूजा है। नव नियुक्त अभ्यर्थियों को शासकीय सेवा में चयन होने से जनता की सेवा करने का अवसर मिला है।पुलिस महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने बताया कि जेल विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति में 34 अभ्यर्थी योग्य पाए गए थे। अब जेलों में स्वास्थ्य सेवाएँ और बेहतर हो सकेंगी।
खेलों के बिना जिंदगी अधूरी, भोपाल को खेल का हब बना कर रहेंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड कप शूटिंग प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेलों के बिना जिंदगी अधूरी है बल्कि जिंदगी ही खेल है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेलों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आनंद विभाग बना है, लोग प्रसन्न रहें इसका ध्यान रखा जा रहा है। भोपाल को खेल का हब बना कर रहेंगे। हम जो कहते हैं वह करेंगे। खेलों के लिए पैसे की कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में वर्ल्ड शूटिंग प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रिमोट का बटन दबा कर प्रतियोगितता के शुभारंभ की घोषणा की। साथ ही शूटिंग कॉम्पलेक्स का भूमि-पूजन भी किया।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अतिथि देवो भव: हमारे देश की परम्परा है। भारत के हृदय प्रदेश में सभी अतिथियों और खिलाड़ियों को कोई असुविधा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं। विश्व के कल्याण की परम्परा है। आप सब सुखी और निरोगी हों। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेल केवल जीतने के लिए नहीं सीखने के लिए भी खेला जाता है। खेल तनाव दूर कर हमें प्रसन्न और स्वस्थ रखता है और प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभी हम इससे संतुष्ट नहीं हैं, हमें और आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि खूबसूरत प्रदेश में आपका स्वागत है। भीमबैठका विश्व विरासत है, विश्व प्रसिद्ध साँची है और देश की स्वच्छतम राजधानी भोपाल की झील अति सुंदर है।खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेलों को बढ़ावा देने के अनेक प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को खेलों का उत्कृष्ट राज्य बनाने और भोपाल को स्पोर्टस हब बनाने के लिए कटिबद्ध हैं।आईएसएसएफ के अध्यक्ष लुसियानो रॉसी ने कहा कि भारत सुंदर देश है। भोपाल की सुंदरता भी अद्धितीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे खेलों की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दे रहे हैं। एनआरआई के अध्यक्ष श्री रणिंदर सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री गोविन्द सिंह और प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, देश-विदेश से आये खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
फसल क्षति की राहत राशि बाँटने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित किया
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में फसल क्षति की राहत राशि बाँटने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। भारत के अन्य राज्यों में किसानों को इतनी अधिक राशि प्रदान नहीं की जाती है। प्रदेश में फसलों का 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान को शत-प्रतिशत मान कर राहत राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज मैंने वर्षा और ओला प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सभी प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर राहत राशि प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार संकट की घड़ी में किसानों के साथ है। उन्हें हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। किसानों को राहत राशि के अलावा फसल बीमा योजना का लाभ भी दिलाया जायेगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक तरीके से फसल क्षति का आकलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के 20 जिलों में लगभग 33 हजार हेक्टेयर में नुकसान होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों से कर्ज वसूली नहीं होगी। बेटियों की शादी में मदद भी की जायेगी। बैठक के पूर्व राष्ट्र-गीत वंदे-मातरम का गायन हुआ।
ओला-वृष्टि से प्रभावित किसानों की आँखों में आँसू नहीं आने देगी राज्य सरकार
प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे पूरी प्रामाणिकता से होगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बीना के रूसल्ला ग्राम में ओला पीड़ित किसानों के हित में की अनेक घोषणाएँ
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023.
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम रूसल्ला पहुँच कर ओला-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का खेतों में जाकर जायजा लिया। उन्होंने किसान श्री वीरेंद्र पटेल के खेत में क्षतिग्रस्त फसलों को देखा। मुख्यमंत्री ने किसानों को ढाँढस बंधाया और कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ है। राज्य सरकार संकट के इस दौर में किसानों की आँखों में आँसू नहीं आने देगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कमिश्नर और कलेक्टर को क्षतिग्रस्त फसलों का पूरी प्रामाणिकता और ईमानदारी के साथ सर्वे कराकर प्रभावितों की सूची पंचायत कार्यालय में चस्पां करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को आपत्ति हो या कोई संशोधन कराना चाहे, तो वे करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के 20 जिलों में बेमौसम बारिश और ओला-वृष्टि से किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। सागर जिले के खुरई, नरयावली, बीना क्षेत्रों में भी फसलों को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा कि कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग के संयुक्त दल द्वारा सर्वे के बाद मुआवजा राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि दिल मत दुखाना और आँखों में आँसू मत आने देना, मुख्यमंत्री आपके साथ है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक अन्य खेत में भी पहुँच कर अंकुरित हो चुकी गेहूँ और चना की फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हमारे किसान दिन-रात मेहनत करते हैं, खून-पसीना बहाते हैं, तब बड़ी मुश्किल से फसल तैयार होती है। ओला-वृष्टि से किसानों की उम्मीदें धूमिल होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में मैं किसानों के साथ खड़ा हूँ। गेहूँ, चना और मसूर की 50 प्रतिशत से ज्यादा फसल नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर 32 हजार रूपए की राशि दी जाएगी। फसल बीमा का कार्य भी साथ में चलेगा। राहत राशि जो किसी अन्य राज्य में नहीं मिलती, वह मध्यप्रदेश सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने फसलों का सर्वे सेटेलाइट से भी करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बिजली गिरने से जन हानि होने पर परिवार को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गाय-भैंस की मृत्यु पर 37 हजार, भेड़-बकरी की मृत्यु पर 4 हजार और मुर्गा-मुर्गी की मृत्यु पर 100 रूपए दिए जाएंगे। जिन किसानों की फसलें ओला-वृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी ऋण वसूली भी स्थगित करेंगे। साथ ही अगले साल का ब्याज भी सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास किए जाएंगे कि जीरो प्रतिशत ब्याज पर प्रभावित किसानों को फिर से उन्हें कर्ज मिल सके। ओला-वृष्टि से प्रभावित जिन किसानों की बेटियों की शादी होनी है, उन्हें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में विवाह के लिए राशि दी जाएगी। ओला-वृष्टि से पीड़ित ऐसे किसान जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए पंजीयन नहीं करा सके हैं, उनके लिए पुनः पोर्टल खुलवा कर रजिस्ट्रेशन करवाया जायेगा। यह व्यवस्था प्रदेश के ओला-वृष्टि से प्रभावित सभी 20 जिलों के लिए होगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि सर्वे के बाद पूरी ईमानदारी से आकलन हो। किसानों को नुकसान का मुआवजा और फसल बीमा से राहत दिलाई जाए। विधायक श्री महेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, जन-प्रतिनिधि और किसान बंधु मौजूद रहे।
बंजारा परिवारों को मिलेंगे आवासीय पट्टे और शुद्ध पेयजल
बीना से भोपाल लौटते वक्त मुख्यमंत्री श्री चौहान से रिफाइनरी के पास रहने वाले 51 बंजारा परिवार के सदस्यों ने मुलाकात कर अपनी समस्याएँ बतायी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभागायुक्त और कलेक्टर को निर्देश दिये कि सभी बंजारा परिवारों कोमुख्यमंत्री भू-आवासीय योजना में पट्टे दिये जाये और उनकी पेयजल समस्या का निदान भी करें।
मध्यप्रदेश में हो सकती हैं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान
भोपाल में स्पोर्ट्स टूरिज्म की पर्याप्त संभावनाएँ
मुख्यमंत्री से इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रतिनिधि-मंडल ने भेंट की
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023.
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रतिनिधि-मंडल ने मुख्यमंत्री निवास स्थित भवन समत्व में सौजन्य भेंट की। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया साथ थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल का पुष्प-गुच्छ तथा अंगवस्त्रम् भेंट कर स्वागत किया। प्रतिनिधि-मंडल ने फेडरेशन के अध्यक्ष श्री लुचिआनो रॉसी, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री रणिंदर सिंह, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव श्री के. सुल्तान सिंह और चीफ कोच श्री मनझेर सिंह शामिल थे। उल्लेखनीय है कि आईएसएसएफ वर्ल्ड कप भोपाल में 21 से 27 मार्च तक हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती सिंधिया ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप का लेपल पिन लगाया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से भेंट के दौरान प्रतिनिधि-मंडल के सदस्यों ने भोपाल में शूटिंग स्पोर्ट्स के लिए मौजूद विश्व-स्तरीय अधो-संरचना और सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि भोपाल में स्पोर्ट्स टूरिज्म की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आई एस एस एफ वर्ल्ड कप के आयोजन से भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित कराने की क्षमता से वैश्विक खेल समुदाय अवगत होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि मंडल को राज्य में ग्राम स्तर तक खेलों के विस्तार, खेलों को प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के कौशल को निखारने के लिए जारी गतिविधियों की जानकारी दी।
हर प्रभावित गाँव और जिले की चिंता की जाएगी - मुख्यमंत्री श्री चौहन
ओला-वृष्टि और असमय वर्षा से किसान अपने आपको अकेला न समझें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओला प्रभावित किसानों को दिया संदेश
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओला-वृष्टि और असमय वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को फसलों में हुए नुकसान की जानकारी दी गई है। किसान भाई-बहनों के सामने संकट और परेशानी है, लेकिन वे चिंता न करें और अपने आप को अकेला नहीं समझें। राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ है। मेरा वादा है कि इस संकट से हर प्रभावित को उबार लेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओला प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण पर जाने से पहले श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पौध-रोपण के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को यह संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ओला प्रभावित जिलों की स्थिति देखने के बाद मैं किसानों से बात करूंगा। फसलों को हुई क्षति का आकलन होगा और नुकसान की भरपाई की जाएगी। किसानों को राहत राशि के साथ फसल बीमा योजना का लाभ भी दिलाया जाएगा। हर प्रभावित गाँव और जिले की चिंता की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने पौध-रोपण किया
लीवर ट्रांसप्लांट कराने वाले बालक देवराज ने अपने जन्म-दिवस पर लगाया पौधा
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में आम, आँवला, गुलमोहर, गूलर, जामुन और कदंब के पौधे रोपे। वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा तथा खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी साथ थी।मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन अध्यक्ष श्री लुचिआनो रॉसी, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री रणिंदर सिंह, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव श्री के. सुल्तान सिंह और चीफ कोच श्री मनझेर सिंह ने भी पौध-रोपण किया।टेलीविजन चेनल स्वराज स्वराज एक्सप्रेस के श्री अजय त्रिपाठी ने पत्नी श्रीमती सुमन त्रिपाठी, पुत्र श्री रजत त्रिपाठी के साथ अपनी विवाह वर्षगाँठ पर पौधे लगाए।मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ शाजापुर जिले के ग्राम ढावलाधीर के बालक श्री देवराज ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। उनके पिता श्री चुन्नीलाल मेवाड़ा और माता श्रीमती सुनीता मेवाड़ा साथ थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर बालक देवराज का लीवर ट्रांसप्लांट किया गया था। बालक देवराज द्वारा अपने जन्म-दिवस पर पौधा लगाने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बालक देवराज के स्वस्थ, प्रसन्न और यशस्वी जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया विदिशा के ओला-वृष्टि प्रभावित गाँव का दौरा
खेत पर जाकर फसलों के नुकसान का लिया जायजा
किसानों को बंधाया ढाँढस
50 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर प्रति हेक्टेयर मिलेगी 32 हजार की राहत राशि
सर्वे में उद्यानिकी फसलें भी शामिल
मानवीय दृष्टिकोण और उदारता से सर्वे करने के निर्देश
समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन की तारीख भी बढ़ाई जाएगी
फसल बीमा की राशि अलग से मिलेगी
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओला-वृष्टि और असमय बारिश से फसलों के 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर किसानों को प्रति हेक्टेयर अब 32 हजार रूपए की राहत राशि दी जाएगी। साथ ही फसल बीमा की राशि अलग से दी जाएगी। उन्होंने उद्यानिकी फसलों को भी सर्वे में शामिल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान चिंता न करे, परेशान न हो, चिंता के लिए मैं हूँ और किसान बहन और भाइयों को सभी तरह के संकट से बाहर निकाल कर ले जाऊँगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार को विदिशा जिले की गुलाबगंज तहसील के पटवारीखेड़ी, हथियाखेड़ा, घुरदा, मूडरागणेश और मढ़ीचौबीसा गाँव में ओला-वृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद किसानों को ढाँढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान चिंता नहीं करें, प्रत्येक प्रभावित खेत का सर्वे मानवीय दृष्टिकोण और उदारता से होगा, जिससे किसानों को भरपूर राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित जिलों में सर्वे का कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी हीला-हवाली नहीं करें और पारदर्शी तरीके से नुकसान का सर्वे करें। उन्होंने कहा कि सर्वे सूची पंचायत भवन पर प्रदर्शित की जायेगी और आपत्ति होने पर उसका भी निराकरण किया जायेगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से कहा कि एक हेक्टेयर फसल में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर 32 हजार, गाय-भैंस हानि पर साढ़े 37 हजार, भेड़-बकरी पर 4 हजार बछिया पर 20 हजार और मुर्गा-मुर्गी की हानि पर 100 रूपए प्रत्येक के मान से राहत राशि दी जाएगी। मकानों को हुई क्षति पर भी सहायता दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान बिल्कुल भी चिंतित न हो। पीड़ित किसानों की कर्ज वसूली की तारीख तो बढ़ाई ही जायेगी साथ ही ब्याज भी सरकार ही भरेगी और अगली फसल के लिए भी जीरो प्रतिशत ब्याज पर लोन दिलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी के लिए तारीख भी बढ़ाई जाएगी। प्रभावित किसान परिवारों की बेटी की शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 56 हजार की राशि देकर करवाई जायेगी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे जानते है कि किसान पर क्या बीतती है। उनकी मेहनत ही नहीं, खाद, बीज, उर्वरक, दवाई के साथ जीवन भी संकट में आया है। किसान बिलकुल चिंता नहीं करें। हम संकट से अपने किसानों को पार निकाल कर ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व, कृषि एवं पंचायत विभाग को टीम सर्वे कर रही है। कलेक्टर-कमिश्नर की यह जिम्मेदारी है कि वे समय पर कार्यवाही पूर्ण करें, जिससे प्रभावित किसानों को त्वरित राहत राशि दी जा सके।
गले लगाकर किसानों को दी सांत्वना
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंगलवार को विदिशा जिले की गुलाबगंज तहसील के ओला-वृष्टि प्रभावित गाँव और खेतों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने ग्राम पटवारीखेड़ी में गेहूँ फसल प्रभावित किसान श्रीमती कोमल बाई और श्री रघुवीर सिंह दांगी, मसूर फसल प्रभावित किसान श्री विजय सिंह दांगी और श्री कील सिंह से चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री चौहान ग्राम घुरदा के गेहूँ फसल प्रभावित किसान श्रीमती रामवती सिंह, श्री रंजीत सिंह, श्री वीरेन्द्र सिंह, नारायण सिंह, श्री कृष्णपाल सिंह, चना फसल के प्रभावित किसान श्री किशन सिंह और मूडरागणेश गाँव के किसान श्री इन्द्रेश और नेतराम के खेत पर पहुँचे और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को गले लगाया और सांत्वना दी कि उनके नुकसान की अधिकतम भरपाई की जायेगी।
असामयिक वर्षा के दृष्टिगत किसान हित में गेहूँ उपार्जन पंजीयन करने पोर्टल 22 से 24 मार्च तक पुन: खुलेगा
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. राज्य शासन द्वारा प्रदेश में हुई असामयिक वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए गेहूँ उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के लिए 22 से 24 मार्च तक पंजीयन पोर्टल को पुन: खोला जाएगा। इस निर्णय से शेष रह गए किसान अपना पंजीयन करा सकेंगे।उल्लेखनीय है कि पूर्व में रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित थी, जिसे 5 मार्च 2023 तक बढ़ाया गया था।
ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखें : राज्य मंत्री श्री यादव
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने जल जीवन मिशन एवं ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्यमंत्री श्री यादव ने निर्देश दिये कि हैण्डपंप संधारण का कार्य प्राथमिकता पर करायें। ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल उपलब्धता के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ समय से पूर्ण करें। यदि आउटसोर्सिंग एजेंसी ठीक से कार्य नहीं कर रही हैं तो उनके विरूद्ध कारवाई करें। जल जीवन मिशन की एकल योजनाओं जिनके कार्य 1 वर्ष या अधिक अवधि से प्रगतिरत हैं, उन्हें मई माह के अंत तक प्राथमिकता पर पूर्ण कराये। जो ठेकेदार अपेक्षित गति से कार्य नहीं कर रहे हैं उनके विरूद्ध कारवाई करें। प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री एस. के. अंडमान एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 2 लाख 98 हजार गैस कनेक्शन वितरित : खाद्य मंत्री श्री सिंह
नरसिंहपुर, 22 मार्च 2023. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में 2 लाख 92 हजार 462 गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। केन्द्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य एक ओर जहाँ चूल्हे के धुएँ से ग्रामीण महिलाओं को मुक्त कराना है, वहीं पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम की दिशा में प्रभावी प्रयास करना है।मंत्री श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला 2.0 में 60 लाख से अधिक गैस कनेक्शन वितरित किए गए। उज्ज्वला योजना में मुख्यत: ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक ईधन- लकड़ी, कंडे एवं कोयले आदि के स्थान पर एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है।
29 करोड़ हितग्राही उठा चुके लाभ
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक की महिलाएँ ही ले सकती हैं और उनके पास एपीएल और बीपीएल एवं राशन कार्ड होना चाहिए। योजना में पात्र महिला को 1600 रूपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।लाभार्थियों की संख्या देश में अब तक करोड़ो हो चुकी है। पिछले वर्ष लाभार्थी की संख्या 8 करोड़ बढ़ी हैं, जिसे मिला कर देश में अबतक 29 करोड़ महिला हितग्राही हैं।
: नरसिंहपुर के प्रमुख समाचार
Thu, Dec 22, 2022
रोजगार मेले का हुआ आयोजन
नरसिंहपुर।
राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सुशासन सप्ताह पर स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय- पीजी कॉलेज नरसिंहपुर में कैरियर मार्गदर्शन योजना के तत्वावधान में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना, विशिष्ट अतिथि श्री सुनील कोठारी व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी रूचि पहचान कर फील्ड का चयन करें। इसके लिए कैरियर काउंसलिंग बेहतर माध्यम है। विद्यार्थियों के लिए कई क्षेत्र में शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक आदि के रूप में अनंत संभावनायें हैं। उन्होंने बताया कि जब वे 10 वीं कक्षा में थी, तब उन्हें अपनी रूचि का विषय ज्ञात था। इसलिए उन्होंने अर्थ शास्त्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे खेलों में भी अपनी रूचि बढ़ायें। वर्तमान में नई तकनीकी का उपयोग करें। इंटरनेट के माध्यम से कई रोचक जानकारी सहजता से प्राप्त कर सकते हैं। अब संसाधन अथाह है। मोबाइल का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करें। विभिन्न विश्वविद्यालयों की साहित्यिक सामग्री एवं अध्ययन सामग्री ऑनलाइन देख सकते हैं। अंग्रेजी भाषा में स्वयं को सशक्त करें। अपने आसपास स्थापित उद्यमों में जाकर उद्यमियों से उनके अनुभव प्राप्त करें।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने कहा कि विद्यार्थी जीवन का यह समय अमूल्य है। इसे व्यर्थ करना ठीक नहीं है। विद्यार्थी अपनी दिनचर्या बनायें, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, इसके लिए अपनी दिनचर्या में योग को अवश्य शामिल करें। अपनी कमियों को पहचाने और उन्हें दूर कर बेहतर इंसान बनें। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की दौड़ आपको ही पूरी करनी है। गुरूजन एवं शिक्षण संस्थान आपको सही दिशा देने का प्रयास करते हैं। सफल हो जाने के बाद परिवार, शिक्षकगण स्वयं को गौरवांवित महसूस करते हैं।
श्री सुनील कोठारी व श्री अखिलेश खरे ने भी अपने विचार व्यक्त किये
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नोडल अधिकारी श्री अजीत कुमार राय ने स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना एवं रोजगार मेला के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता के बारे में बताया।
124 विद्यार्थियों का हुआ चयन
शासन द्वारा सुशासन सप्ताह 19 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में रोजगार मेले का आयोजन पीजी कॉलेज नरसिंहपुर में हुआ। मेले में महाविद्यालय के स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं के करीब 429 विद्यार्थियों ने अपना पंजीयन कराया था, जिसमें 124 विद्यार्थियों का विभिन्न कम्पनियों द्वारा चयन प्राथमिक स्तर पर किया गया। मेले में 10 कम्पनियां और 4 स्वरोजगार कम्पनियां सहित 14 प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा विभिन्न पदों पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने मौजूद थी। इस दौरान शासकीय/ अशासकीय और निजी क्षेत्र की कम्पनियां मौजूद थी।
इस मौके पर प्राचार्य डॉ. ममता शर्मा, डॉ. आलोक तिवारी, डॉ. सीएस राजहंस, डॉ. अधिकेश राय, डॉ. रीता रावत, डॉ. एसके उप्रेलिया, प्रो. शोभा मिश्रा, डॉ. शोभाराम मेहरा, प्रो. भरतसिंह ठाकुर, स्टाफ, कम्पनियां और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम में कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. प्रभृति सेन ने आभार व्यक्त किया।
सुशासन दिवस की शपथ 23 दिसम्बर को दिलाई जायेगी
नरसिंहपुर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित सुशासन के उच्चतम मापदण्डों के महत्व को प्रतिपादित करते हुए उनके जन्म-दिवस 25 दिसम्बर के एक दिन पूर्व 24 दिसम्बर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। शनिवार 24 दिसम्बर को शासकीय अवकाश होने से 23 दिसम्बर को प्रात: 11 बजे जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में सुशासन दिवस की शपथ दिलाई जायेगी। शासकीय अधिकारी- कर्मचारी अपने- अपने कार्यालयों में 23 दिसम्बर को प्रात: 11 बजे सुशासन की शपथ लेंगे। इस संबंध में जिले के सभी विभागों के जिला प्रमुख को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
2370 किलोग्राम महुआ लाहन व 28 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद
नरसिंहपुर।जिले में अवैध मदिरा के संग्रहण, परिवहन व विक्रय के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बुधवार को वृत्त नरसिंहपुर के अंतर्गत ग्राम रौंसरा में दबिश देकर 2370 किलोग्राम महुआ लाहन (शराब बनाने का कच्चा माल) व 28 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद की गई। जब्त की गई सामग्री एवं मदिरा का अनुमानित मूल्य एक लाख 21 हजार 300 रूपये है। अभियान के दौरान अवैध मदिरा से संबंधित 6 आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये। ये प्रकरण मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधानों के तहत दर्ज किये गये।
आयुष मेले का आयोजन 25 दिसम्बर को
नरसिंहपुर। सुशासन दिवस पर जन सेवा- आरोग्य सेवा राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुष विभाग के निर्देशन में जिले के ग्राम डेडवारा झिरना रोड पर नवीन जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में रविवार 25 दिसम्बर को आयुष मेला का आयोजन किया जायेगा।आयुष मेले में असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी पद्धति से चिकित्सा नि:शुल्क उपचार व औषधि का वितरण किया जावेगा। मेले में विभिन्न औषधि के स्टाल व प्रदर्शनी और योग का प्रदर्शन किया जायेगा। जिला आयुष अधिकारी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे मेले में अधिक से अधिक संख्या में आकर चिकित्सीय लाभ प्राप्त करें।