जी रामजी योजना से बदलेगी गांवों की तक़दीर, प्रभारी मंत्री : 125 दिन रोजगार की गारंटी, मनरेगा से बड़ा और पारदर्शी मॉडल – नरसिंहपुर प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
Aditi News Team
Fri, Jan 16, 2026
जी रामजी योजना से बदलेगी गांवों की तक़दीर:
125 दिन रोजगार की गारंटी, मनरेगा से बड़ा और पारदर्शी मॉडल – गोविंद सिंह राजपूत
भारतीय जनता पार्टी नरसिंहपुर जिला संगठन द्वारा स्थानीय सावित्री सिग्नेचर होटल में विकसित भारत–रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी योजना को लेकर भव्य प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने संबोधित किया।
प्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है वीबी-जी रामजी योजना, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करते हुए गांवों को समृद्ध बनाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जबकि मनरेगा में केवल 100 दिन का प्रावधान था। साथ ही मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च किए गए। कांग्रेस शासन में जहां 35 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं मोदी सरकार ने बजट बढ़ाकर पहले 74 हजार करोड़ और अब 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया है, जो कांग्रेस काल से लगभग तीन गुना अधिक है।
प्रदेश के मंत्री ने कहा कि नई योजना में कृषि के व्यस्त समय में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को 60 दिन अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। इससे बुवाई और कटाई के समय किसानों को श्रमिकों की कमी नहीं होगी और मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा।
गोविंद सिंह राजपूत ने कांग्रेस पर योजनाओं के नाम बदलकर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार योजनाओं में बार-बार गांधी परिवार के नाम जोड़े गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान राम के नाम से नफरत करती है, इसी कारण वीबी-जी रामजी योजना के नाम का विरोध कर रही है, जबकि महात्मा गांधी का प्रिय शब्द भी ‘राम’ था।
वीबी-जी रामजी योजना में जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक भुगतान, सोशल ऑडिट और पंचायतीराज संस्थाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है। यदि निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है।
प्रदेश के मंत्री ने कहा कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन रुकेगा, स्थानीय बाजार मजबूत होंगे और किसान व मजदूर आत्मनिर्भर बनेंगे। साथ ही विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाई, पशुपालन, मत्स्य पालन, नर्सरी निर्माण जैसे कार्य भी योजना में शामिल किए गए हैं।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटैल, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटैल, गोटेगांव विधायक महेन्द्र नागेश,जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति काकोड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष नीरज महाराज, जिला सहसंयोजक संतोष दुबे सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री व नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत