किसानों का आवागमन व कृषि कार्य प्रभावित, सही कार्य कराने की उठी मांग : सीमांकन आदेश की अनदेखी कर रास्ते की भूमि पर कराई विधिवत नहीं कराई खुदाई,
Aditi News Team
Fri, Jan 30, 2026
सीमांकन आदेश की अनदेखी कर रास्ते की भूमि पर कराई विधिवत नहीं कराई खुदाई,
किसानों का आवागमन व कृषि कार्य प्रभावित, सही कार्य कराने की उठी मांग
ग्राम पंचायत कौड़िया के सरपंच पर मनमानीपूर्ण एवं विधिविरुद्ध तरीके से नाला खुदवाने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्राम कौड़िया के स्थाई निवासी एवं कृषकों ने प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए अवैध रूप से खुदवाए गए नाले को तत्काल बंद कराने तथा सही कार्य करने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनकी कृषि भूमि मौजा चिरहखुर्द एवं मौजा कौड़िया में स्थित है। विगत दिनों ग्राम कौड़िया के निस्तारी पानी के निकास हेतु तहसीलदार के आदेशानुसार राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी द्वारा दोनों मौजों में नाला खुदवाने के लिए विधिवत सीमांकन किया गया था। सीमांकन कार्य के दौरान किसी भी ग्रामीण को कोई आपत्ति नहीं थी।
आवेदकों का आरोप है कि ग्राम पंचायत कौड़िया के सरपंच द्वारा अपने निजी स्वार्थ के चलते सीमांकन में निर्धारित स्थान पर नाला खुदाई न कराते हुए, किसानों की कृषि भूमि में स्थित आवागमन एवं कृषि कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले रास्ते की भूमि पर नाला खुदवा दिया गया। यह कार्य पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है, जिससे किसानों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है तथा कृषि कार्य बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नाला खुदाई के दौरान निकली मिट्टी का सरपंच द्वारा विक्रय कर दिया गया तथा शेष मिट्टी किसानों की कृषि भूमि में डाल दी गई। साथ ही उक्त नाले में ग्राम का निस्तारी पानी छोड़ दिया गया है, जिससे धीरे-धीरे मिट्टी का कटाव हो रहा है। इससे आगे चलकर सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है, वहीं निस्तारी पानी खेतों में भरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सरपंच द्वारा मनमानीपूर्वक एवं अवैध रूप से खुदवाए गए नाले को तत्काल बंद कराया जाए, दोषी सरपंच के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा उनसे राजस्व वसूली की जाए। साथ ही तहसीलदार द्वारा कराए गए सीमांकन के अनुरूप ही नाला निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर इस संबंध में उचित एवं विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कौड़ियां सरपंच संतोष मेहरा का कहना है कि एक पक्ष का कहना है कि कुछ किसानों के खेत में पानी भरा रहा था जिसके चलते किसानों ने रोड पर धरना प्रदर्शन किया था। उक्त समस्या के निदान हेतु शासन प्रशासन द्वारा नाप तोल करवा कर कच्ची नाली का निर्माण करवाया था जिसका पानी शक्कर नदी भेजा जा रहा है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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