खुले आम चल रहे नशे के कारोबार को रोकने के लिए ग्रामीणो न शराब फेंकी : जिला प्रशासन के रवैये से त्रस्त महिलाओं ने गांव को नशा मुक्त करने खुद सम्हाली कमान
Aditi News Team
Thu, Jan 15, 2026
सुरेन्द्र त्रिपाठी ,उमरिया
जिला प्रशासन के रवैये से त्रस्त महिलाओं ने गांव को नशा मुक्त करने खुद सम्हाली कमान
जिले में खुले आम नशे का कारोबार चल रहा है, कलेक्टर से लेकर पुलिस और आबकारी तक शिकायत कर थक चुकी महिलाओं ने खुद गांव को नशा मुक्त करने कमान सम्हाल ली हैं मगर प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है
उमरिया - जिले में अवैध गांजा, शराब एवं अन्य प्रकार के नशे का कारोबार खुले आम चल रहा है जिसके लिए पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष दिलीप पांडेय ने भी अपनी ही सरकार के नुमाइंदों के खिलाफ आवाज उठाया था लेकिन जिले में इस कदर अफसरशाही हावी है कि उनकी भी आवाज नहीं सुनी गई थी तो ऐसे में आम जनता की आवाज कौन सुनता है। ग्रामीण जिले के कलेक्टर से लेकर पुलिस और आबकारी तक शिकायत कर थक चुके हैं लेकिन अधिकारियों की फीलगुड के आगे किसकी चलती है।
मामला है उमरिया जिले के चंदिया थाना और चंदिया तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम कोयलारी का जहां खुले आम गांजा और शराब की बिक्री हो रही है और उसके चलते गांव के युवक और लड़के बुरी तरह से बरबाद हैं, अब तो आलम यह है कि गांव के युवक और प्रौढ़ सभी दिन भर नशे के आगोश में समाये रहते हैं और घरों के सामान बरबाद करने के साथ मां, बहन, बीबी सभी से गाली गलौज और मारपीट करने लगे हैं जिसके चलते गांव की महिलाएं त्रस्त होकर है जगह शिकायत कीं लेकिन पैसों के आगे गरीब महिलाओं की कौन सुनता है और उसी से त्रस्त होकर अब महिलाओं ने खुद गांव को नशा मुक्त करने का बीड़ा उठा लिया और सड़क पर बैठ गईं साथ ही गांव से तलाश कर शराब के मटकों और डब्बों को सड़क पर पटक कर फोड़ने के सारी शराब बहा दीं और अब निश्चय के लीं हैं कि गांव में नशे की कोई भी चीज नहीं बिकेगी।
ग्राम कोयलारी निवासी कमला बाई बताई कि दारू गांजा बंद करो, लड़के बच्चे सभी परेशान हो रहे हैं, गांजा दारू पीकर घर में बच्चों एव महिलाओं को मारते हैं, अब हम लोग इतना जानते हैं कि गांव में गांजा। दारू बंद होना चाहिए।
वहीं ग्राम कोयलारी की ही ममता बाई बताई कि दारू नशा पत्ती बंद हो जाए, लड़के बच्चे सभी दारू गांजा पीकर परेशान करते हैं, पूरे गांव की दारू बन्द हो जाए कोई पीने खाने न पाएं।
गौरतलब है कि गांव की महिलाओं द्वारा शिकायत करने के बाद जब जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने नहीं सुना तो महिलाओं ने अवैध शराब के मटकों को नष्ट कर दिया लेकिन इतने के बाद भी जिले के अधिकारियों को शर्म नहीं आई और कोई वहां नहीं पहुंच सके।
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उमरिया पुलिस अधीक्षक
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