हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के साथ एनटीपीसी आन्दोलन का शुभारंभ : गाडरवारा एनटीपीसी परीक्षेत्र में संविदा पर कार्यरत श्रमिकों और प्रभावित किसानों द्वारा आन्दोलन की शुरूआत कर दी
Aditi News Team
Wed, Oct 8, 2025
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के साथ एनटीपीसी आन्दोलन का शुभारंभ

गाडरवारा एनटीपीसी परीक्षेत्र में संविदा पर कार्यरत श्रमिकों और प्रभावित किसानों द्वारा आन्दोलन की शुरूआत कल की है वहीं श्रमिक अपने पसीने की मेहनत और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट खड़े हैं।
आन्दोलन के प्रथम दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ से की गई ताकि इस संघर्ष को आस्था की शक्ति और न्याय की आशीष मिले।
जय बजरंगबली के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
हर मुख पर एक ही भाव था सत्य और श्रम की जीत हो, अन्याय और शोषण की हार हो।”
किसान और श्रमिकों ने संकल्प लिया —
अब अन्याय नहीं सहेंगे,अपना हक़ लेकर रहेंगे।”
एनटीपीसी की गलत नीतियों, श्रमिकों के शोषण के खिलाफ यह आन्दोलन शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ रूप से आगे बढ़ेगा।हनुमान चालीसा के पाठ ने इस संघर्ष में एक नई ऊर्जा भरी यह केवल विरोध नहीं, यह “सत्य और श्रम की पूजा” है।हर कदम पर, हर स्वर में अब यह आह्वान है जहाँ श्रम है, वहीं शक्ति है — और जहाँ सत्य है, वहाँ विजय निश्चित है।”
एनटीपीसी प्रभावित किसानों एवं कार्यरत श्रमिकों द्वारा को सामूहिक ज्ञापक सोंपा था जिसके तहत 11 विभिन्न मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था जिसके तहत आज दिनांक तक कुछ कार्य नहीं किया अत: हम सभी कार्यरत मजदूर एवं एनटीपीसी प्रभावित कृषक शांति पूर्वक आंदोलन करने मजबूर की शुरुआत हो चुकी है जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एनटीपीसी प्रबंधन की होगी ।यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासन एवं संवैधानिक तरीके से सम्पन्न होगा।
वहीं आज समर्थक के रूप में एनटीपीसी परीक्षेत्र के सम्पूर्ण किसानों का समर्थन मिला और पूरे प्लांट के कार्यरत श्रमिकों ने अपना किया गया वही किसान आन्दोलन के जिला एवं प्रदेश में आन्दोलन में शामिल होने वाले गाडरवारा से सुरेन्द्र पटेल (मझलेभैया) ने आन्दोलन में आकर सभी श्रमिकों और किसानों के लिए सम्पूर्ण समर्थन किया है ।
आंदोलन का उद्देश्य केवल 11 सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण हेतु आपका ध्यान आकर्षित कराना है ।
प्लांट में कार्यरत सभी श्रमिकों को फिक्स वेतनमान व्यवस्था एवं सीनियोरिटी के आधार पर अपग्रेड एवं फिक्स वेतनमान पर प्रति वर्ष 10% वेतन वृद्धि दी जाए । ESIC मेडिकल व्यवस्था एवं बाकी लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस व्यवस्था मुहैया कराई जाए शेष सभी प्रभावित किसान (रेल्वे, पाइपलाइन) को जो प्लांट कार्यों से वंचित है सभी को तत्काल प्रभाव से कार्य मुहैया कराया जाए एनटीपीसी प्लांट एवं समस्त एजेंसियों में लगने वाली सभी प्रकार की वाहन मात्र प्रभावित किसानों के ही लगावे जाए।
60 वर्ष पेंशन स्कीम को निरंतर प्रभावी रखी जाए एवं जो भी प्रभावित किसानो का स्वर्गवास हो चुका है उनके वारिसों के पीएपी कार्ड बनाये जाए ।
प्रस्तावित बिजली सब-स्टेशन चिन्हित स्थान पर तत्काल प्रभाव से कार्य प्रारम्भ कराया जाए एवं मेहरखेड़ा-घाटपीपरिया नदी पुल तत्काल स्वीकृत करा कर निर्माण कार्य प्रारंभ कार्य जाए ।
फ्लाई एश से हो रहे दूषित ग्राउंड वाटर का निराकरण तत्काल प्रभाव से यथासंभव किया जाए। क्यूकि ज्ञात है इससे आर्सेनिक तत्व ब्लैकफुट नामक बीमारी का कारण गत वर्षों में संभावित है ।
अस्पताल में बड़ी बीमारियों से संबंधित व्यवस्था एवं सभी प्रभावित ग्रामों की सभी प्रकार की दवा उपलब्धता मुफ्त में की जाए साथ ही साथ प्रभावित किसान की सम्पूर्ण पीढी के इलाज की व्यवस्था की जाए ।ग्राम विकास कार्य ग्राम विकास समितियों के द्वारा कराए जाए, सभी ग्रामों में खेल ग्राउन्ड, शासकीय ITI की व्यवस्था मुहैया कराई जाए । बाल भारती पब्लिक स्कूल में प्रभावित किसानों के बच्चों को 75% फीस छूट एवं प्रवेश में प्राथमिकता दी जाए।
प्लाट के अदर एवं टाउनशिप के शतप्रतिशत हाउसकीपिंग एवं मैनपावर सप्लाई कार्य मात्र लोकल वेंडर एवं समितियों को प्रदान किए जाए वेंडर को 1 करोड़ एवं समिलियों को 2 करोड़ तक के कार्य प्रदान किए जाए यह पुनः निवेदन किया है नहीं तो हम सभी किसान, मजदूर धरना प्रदर्शन हेतु बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एनटीपीसी प्रबंधन की होगी ।
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अदिति न्यूज(सतीश लमानिया)
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