“गरोठ से राष्ट्रव्यापी गौ सेवा अभियान की रूपरेखा तय” : “गोमाता को सम्मान दिलाने हेतु ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का आगाज़”
Aditi News Team
Sun, Feb 8, 2026
“गरोठ से राष्ट्रव्यापी गौ सेवा अभियान की रूपरेखा तय”
“गोमाता को सम्मान दिलाने हेतु ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का आगाज़”
गरोठ(मन्दसौर)/27जनवरी, नगर में स्थित मंगलम रिसॉर्ट में रविवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर पूज्य संतो के सान्निध्य में पत्रकार वार्ता हुई , पत्रकार वार्ता में पूज्य रमणानंद सरस्वती जी महाराज पुष्कर ,गोपेश कृष्ण दास जी महाराज वृंदावन,प्रकाश नारायण जी महाराज,सनातन जी महाराज, चन्द्रमा दास जी महाराज,ओंकार दास जी महाराज, ध्रुव जी महाराज एवं बहादुर सिंह जी ने पत्रकारों से संवाद करते हुए बताया कि विगत 22 जनवरी से 25 जनवरी 2026 से मंगलम रिसॉर्ट गरोठ में भारत के 36 राज्यों के 790 जिलों के 1100 गौसेवको ने पूज्य संतो के सान्निध्य में गो सम्मान आह्वान अभियान के लिए मंथन किया है । कार्यशाला में देशभर से आए संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता और नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित होगा। सम्मेलन में उपस्थित संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो।
छह माह लगातार गौ संकीर्तन:
अभियान से जुड़ी कार्ययोजना के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो जुलाई और अक्टूबर 2026 में पुन: चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इसके बाद 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से आए संत और गोभक्त देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे। यह संकीर्तन छह माह यानी 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।
गैर राजनीतिक स्वरूप में होगा अभियान:
अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा, इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या राजनीतिक स्वरूप नहीं होगा। कोई भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र होगा।
सम्पूर्ण अभियान नन्दी बाबा की अध्यक्षता एवं गोमाता के प्रधान संरक्षण में चलेगा और अभियान को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए भारत के प्रमुख 9 संत जिन्हें नंदबाबा,27 राज्य प्रभारी जिन्हें केशव,108 संभाग प्रभारी जिन्हें माधव, एवं 790 जिला प्रभारी जिन्हें गोविन्द,तहसील प्रभारी को गोपाल एवं ग्राम प्रभारी को ग्वाल नाम से जाना जाएगा और अभियान के प्रथम चरण 27 अप्रैल 2026 को *गो सम्मान दिवस* के रूप में मनाकर भारत की 5000 तहसीलों से 5 करोड़ गोभक्त हरि संकीर्तन करते हुए तहसील कार्यालय जाकर तहसीलदार को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमत्री के नाम का प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
गो सम्मान आव्हान अभियान